जब पाकिस्तान में पीएम रहते हुए बेनजीर भुट्टो बनी थीं मां, बर्खास्त करने की हुई थी मांग

बोरिस जॉनसन इंग्लैंड के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए पिता बने हैं। जॉनसन 55 साल की उम्र में पिता बने हैं। टोनी ब्लेयर और डेविड कैमरन के बाद जॉनसन इंग्लैंड के तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो पद पर रहते पिता बने हैं। जहां तक विश्व कीर्तिमान की बात है तो बेनजीर भुट्टो दुनिया की पहली ऐसी प्रधानमंत्री थीं जो पद पर रहते मां बनी थीं। जॉनसन के बच्चे की मां कैरी साइमंड्स उनकी विधिवत ब्याहता नहीं है। दोनों के बीच केवल सगाई ही हुई है। इसके बाद भी इंग्लैंड के प्रधानमंत्री के पिता बनने पर कोई विवाद नहीं है। जब कि बेनजीर भुट्टो के मां बनने पर पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने सवाल उठा दिया था कि ऐसी प्रधानमंत्री देश की सेवा क्या करेगी जो व्यक्तिगत सुख की कामना में मशगूल है। एक कट्टर धार्मिक देश में एक महिला प्रधानमंत्री का मां बनना आसान नहीं था। बेनजीर भुट्टो ने अपने लेख 'प्रेगनेंसी एंड पॉलिटिक्स’ में बताया है कि एक गर्भवती महिला का राजनीति में आना, जीतना और मां बनना कितना मुश्किल था। उसके अलवा बेनजीर ने अपनी आत्मकथा- 'मेरी आपबीती’ में भी इससे जुड़ी कई बातों का जिक्र किया है।

प्रधानमंत्री और प्रेग्नेंसी
पाकिस्तान की विकट राजनीतिक परिस्थितियों के कारण बेनजीर भुट्टो की शादी बहुत देर से हुई थी। 1987 में जब उनकी शादी आसिफ अली जरदारी से हुई थी तब उनकी उम्र 34 साल हो चुकी थी। उस समय पाकिस्तान में सैन्य तानाशाह जनरल जियाउल हक का शासन था। जनविरोध के कारण जियाउल हक को 1988 में चुनाव कराना पड़ा। इस चुनाव में बेनजीर भुट्टो के नेतृत्व में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को शानदार कामयाबी मिली। बेनजीर भुट्टो दिसम्बर 1988 में न केवल पाकिस्तान की बल्कि किसी भी इस्लामिक देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी। एक महिला के पीएम बनने पर पाकिस्तान के विपक्षी दलों पर जैसे बिजली गिर गयी। सेना भी इस बात को पचा नहीं पायी। उन्होंने बेनजीर से टकराव का रास्ता अखितायार कर लिया। 1989 में अप्रैल के आसपास बेनजीर भुट्टो गर्भवती थीं। इस बात की जानकारी उनके अलावा उनके पति और डॉक्टर को ही थी। इसके बावजूद न जाने कैसे सेना के अफसरों ने प्रधानमंत्री बेनजीर को सियाचिन ग्लेशियर जा कर सैनिकों से बात करने की सलाह दी। पाकिस्तान में कोई प्रधानमंत्री सेना की बात टालने की हिम्मत नहीं रखता। बेनजीर को चिंता होने लगी कि अगर ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी हुई तो उनके होने वाले बच्चे पर असर पड़ सकता है। दूसरी तरफ ये बात भी खाये जा रही थी कि अगर उन्होंने सियाचिन जाने से इंकार कर दिया तो सेना और विपक्षी दल उन्हें कमजोर और आयोग्य कहने लगेंगे। अंत में डॉक्टरों की सलाह पर बेनजीर सियाचिन गयीं।

मां बनने वाली प्रधानमंत्री पर राजनीति
कुछ समय बाद जब विपक्षी दलों के पता चला कि प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो मां बनने वाली हैं तो बवाल शुरू हो गया। पाकिस्तान की सरकारी नियमावली के मुताबिक किसी प्रधानमंत्री को मैटरनिटी लीव पर जाने की इजाजत नहीं थी। विपक्षी शोर शऱाबा करने लगे कि जब प्रधानमंत्री मां बनने तक कोई कामकाज नहीं कर पाएंगी तो पद पर कैसे बनी रह सकती हैं। वे राष्ट्रपति पर बेनजीर को बर्खास्त करने के लिए दबाव बनाने लगे। वे राष्ट्रपति से कहने लगे कि अब बेनजीर भुट्टो की छुट्टी कर पाकिस्तान में एक अंतरिम सरकार बनायी जानी चाहिए । बेनजीर ने अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के शासनकाल में बने उस कानून का हवाला दिया जिसमें किसी कामकाजी महिला को मैटरनिटी लीव पर जाने का प्रावधान था। लेकिन विपक्षी दल बेनजीर सरकार को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान समय गुजरता जा रहा था। उन्होंने कोई छुट्टी नहीं ली। इस बीच विपक्षी दलों ने देशव्यापी हड़ताल की घोषणा कर दी। बेनजीर ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपने डॉक्टर से सलाह ली। डॉक्टर ने बताया कि प्रसव का समय पूरा हो चुका है। बेनजीर ने फैसला किया कि वह अपने बच्चे को ऑपरेशन से उसी दिन जन्म देंगी जिस दिन हड़ताल होनी है। 24 जनवरी तक उन्होंने सरकारी कामकाज निबटाया।

दुनिया की पहली प्रधानमंत्री जो मां बनीं
25 जनवरी 1990 की सुबह। प्रधानमंत्री बेनजीर बहुत जल्दी बिछावन से उठीं। उन्होंने पहले से एक सहेली को बुला रखा था। वे एक छोटी कार में घर से बाहर निकलीं। अलसुबह सुरक्षाकर्मी ने ध्यान नहीं दिया कि कार से कौन निकला। संतरी आने वाले लोगों पर ज्यादा ध्यान रख रहे थे। प्रधानमंत्री बेनजीर जब कार से उतर कर अस्पताल में दाखिल हुईं तो वहां के स्टाफ हैरानी में पड़ गये। वे सीधे ऑपरेशन थियेटर में चली गयीं। पीछे-पीछे बेनजीर की मां और उनके पति भी वहां पहुंच गये। कुछ देर बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री ने एक पुत्री को जन्म दिया। बेनजीर ने उसका नाम रखा बख्तावर यानी भाग्यशाली रखा । जैसे ही लोगों को पता चला कि प्रधानमंत्री मां बनी हैं, बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। विपक्ष की हड़ताल की हवा निकल गयी। बेनजीर भुट्टो दुनिया की पहली प्रधानमंत्री बनीं जिन्होंने पद पर रहते हुए संतान प्राप्त की। इसके पहले वे सितम्बर 1988 में एक पुत्र की मां बन चुकी थीं। पुत्र के जन्म के तीन महीने बाद ही वे प्रधानमंत्री बन गयीं थीं। इस तरह प्रेग्नेंसी बेनजीर के लिए राजनीति में भाग्यशाली साबित हुई।












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