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ननकाना साहिब मामले पर क्या कह रहा है पाकिस्तान?

गुरुद्वारा ननकाना साहिब
Arif ali
गुरुद्वारा ननकाना साहिब

पाकिस्तान में सिख धर्म के पवित्र स्थल गुरुद्वारा ननकाना साहिब में शुक्रवार शाम हुई घटना पर भारत ने नाराज़गी दिखाई है मगर पाकिस्तान सरकार का रुख़ इससे बिल्कुल अलग है.

पाकिस्तान सरकार इसे गंभीर मामलों से ध्यान भटकाने की भारत सरकार की कोशिश बता रही है.

पाकिस्तान के गृह मंत्री एजाज़ शाह ने बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक से कहा कि एक व्यक्तिगत झगड़े को धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई.

इसी इलाक़े से आने वाले पाकिस्तानी गृह मंत्री ने कहा कि मुट्ठीभर लोग प्रदर्शन कर रहे थे जबकि वहां बड़ी संख्या में तमाशबीन थे.

उन्होंने बताया कि वीडियो में नारे लगवाते दिखाई दे रहे लोग धार्मिक रुझान रखते हैं. उनका कहना था कि अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

वहीं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सूचना मंत्री फ़ैयाज़ उल हसन चौहान ने बीबीसी से कहा, "भारत और भारतीय मीडिया इस मामले को ग़लत रंग देकर नागरिकता संशोधन क़ानून और कश्मीर से ध्यान हटाना चाहता है."

सूचना मंत्री चौहान का कहना है कि ये एक व्यक्तिगत झगड़े का मामला था और घटना के कुछ घंटों बाद ही हालात को क़ाबू में कर लिया गया.

उन्होंने कहा, "मुहम्मद एहसान नाम के लड़के ने कथित तौर पर सिख लड़की को अग़वा किया था, उसके चाचा की दूध-दही की दुकान है जिस पर उसका भाई भी काम करता है. उस दुकान पर एक शख़्स ने दही में मक्खी की शिकायत की जिसके बाद झगड़ा हो गया."

"किसी ने पुलिस को सूचना दे दी जिसने मौक़े पर पहुंचकर चाचा और भतीजे को गिरफ़्तार कर लिया. इसके बाद उन दोनों ने इसको धार्मिक रंग दे दिया."

मंत्री के मुताबिक़ 'अब लड़के के पिता ने प्रशासन से माफ़ी मांगी है.'

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सिख लड़की को अग़वा करने का मामला

ननकाना साहिब में 3 जनवरी की शाम को जो घटना हुई उसके तार पिछले साल की एक घटना से जुड़े बताए जा रहे हैं.

बीबीसी को अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार लोगों ने उस इलाक़े में पिछले साल की एक घटना को साथ मिलाकर धार्मिक रंग देने की कोशिश की.

शुरुआत हुई दूध-दही की एक दुकान पर हुए एक झगड़े से जिसकी वजह कुछ और थी मगर झगड़े के बाद जब पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया तो उन्होंने इसे पिछले साल की एक घटना से जोड़कर मामले को धार्मिक रंग दे दिया.

दरअसल बीते साल अगस्त में ननकाना साहिब के एक सिख परिवार ने छह लोगों पर उनकी 19 साल की लड़की जगजीत कौर को अग़वा करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराकर एक मुसलमान लड़के से शादी करवाने का आरोप लगाया था.

हालांकि, बाद में पुलिस ने बताया था कि लड़की ने लाहौर की एक अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने दफ़ा 164 के तहत बयान दर्ज करवाया था कि 'उसने बिना किसी दबाव के, अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ इस्लाम क़बूल करने के बाद मुहम्मद एहसान नाम के लड़के से शादी की है.'

मुहम्मद एहसान वही लड़का था जिसके चाचा की दूक़ान पर झगड़ा हुआ और फिर जब उसके पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा तो इस परिवार ने इसे मज़हबी रंग देने की कोशिश की.

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गुरुद्वारे पर हमला

शुक्रवार शाम को ननकाना साहिब में उग्र भीड़ ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब के बाहर तक़रीबन चार घंटे तक प्रदर्शन किया.

प्रदर्शन के समय गुरुद्वारे में मौजूद पंजाबी सिख संगत के चेयरमैन गोपाल सिंह चावला ने बीबीसी उर्दू के आज़म ख़ान को बताया कि एक उग्र भीड़ ने गुरुद्वारे के गेट को नुक़सान पहुंचाया.

गोपाल सिंह के मुताबिक़, उस वक़्त गुरुद्वारे के अंदर तक़रीबन 20 लोग मौजूद थे जिनमें औरतें और बच्चे भी शामिल थे.

गोपाल चावला ने बताया कि ज़िला ननकाना साहिब की पुलिस ने उनमें से दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया जिसके बाद कथित तौर पर लड़की को अग़वा करने वाले मुहम्मद एहसान के परिवार ने पहले शहर के एक चौक पर प्रदर्शन किया और बाद में गुरुद्वारे का रुख़ किया.

बाद में गुरुद्वारा ननकाना साहिब के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने गिरफ़्तार लोगों को रिहा कर दिया जिसके बाद प्रदर्शनों का सिलसिला ख़त्म हो गया.

गोपाल चावला ने ये भी कहा कि पुलिस और प्रशासन ने सिख समुदाय की सुरक्षा को पुख़्ता करने के लिए पूरा काम किया है, और इसे धार्मिक मसले के तौर पर पेश करना ठीक नहीं होगा.

उन्होंने कहा, "ये एक ख़ानदान का पुलिस गिरफ़्तारियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन था. हालांकि, हमारी यह मांग है कि गुरुद्वारे के गेट को नुक़सान पहुंचाने वाले लोगों पर धार्मिक अपमान का मुक़दमा दर्ज किया जाए."

ननकाना साहिब
AFP
ननकाना साहिब

क्यों ख़ास है ननकाना साहिब?

ननकाना साहिब पाकिस्तान में स्थित है जो सिख धर्म की स्थापना करने वाले गुरु नानक का जन्मस्थल है

यह जगह लाहौर से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर है.

हर साल दुनिया भर से बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब गुरुद्वारे में दर्शन करते आते हैं.

ख़ासतौर पर सिख धर्म के दसवें और अंतिम गुरु श्री गोविंद सिंह की जयंती पर होने वाले प्रकाश-पर्व के मौक़े पर ननकाना साहिब में विशेष तौर पर श्रद्धालु जुटते हैं.

इस साल प्रकाश पर्व 2 जनवरी को मनाया गया जिसके लिए दूर-दूर से सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब आए थे.

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