आईएसआईएस का 24 घंटे मुस्तैद रहने वाला 'कॉल सेंटर
पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले के बाद फ्रेंच अधिकारियों का दावा है कि आईएसआईएस ने हमलों के दौरान एनक्रिप्टेड एप्स का प्रयोग किया।
टेलीग्राम एप्स के जरिए आतंकी एक दूसरे के साथ संपर्क में थे और हमलों को सुनियोजित तरीके से अंजाम दे रहे थे।
आईएसआईएस का इंटरनेट के साथ याराना शायद संगठन की सबसे ज्यादा मदद कर रहा है। कई जगहों पर तो आतंकी क्लाउड टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर इंटरनेट पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।
वहीं आईएसआईएस ने अब अपने लड़ाकों को इंटरनेट में ट्रेनिंग देने और एप्स के प्रयोग के दौरान उन्हें कई समस्या न हों, इसके लिए 24 घंटों मुस्तैद रहने वाली एक हेल्पडेस्क तैयार कर ली है।
आइए आज आपको बताते हैं कि आईएसआईएस का यह कस्टमर केयर सेंटर क्या है और कैसे आतंकियों को इससे मदद मिल रही है।

अमेरिका भी हैरान
आईएसआईएस ने पूरे हफ्ते काम करने वाली और आतंकियों को साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग देने वाली अपनी एक टेक्निकल हेल्प डेस्क तैयार कर ली है।

ताकि न हो किसी को आतंक की कोई खबर
इस हेल्प डेस्क के जरिए आतंकियों को इस बात की ट्रेनिंग दी जाती है कि कैसे वे चुपचाप इनक्रिप्शन सर्विस के प्रयोग से आतंकी साजिश के लिए इंटरनेट का प्रयोग कर सकते हैं।

छह टेक सेवी ऑपरेटर्स आईएसआईएस के पास
अमेरिकी सेना से जुड़े काउंटर-टेररिज्म विश्लेषकों की मानें तो आईएसआईएस की हेल्प डेस्क को छह सीनियर टेक सेवी ऑपरेटिव्स मैनेज करते हैं।

खामोशी से होता रहा काम
हैरानी की बात है कि आईएसआईएस ने अपनी इस हेल्प डेस्क को पिछले वर्ष ही शुरू किया और किसी को भी इसकी खबर नहीं लगी।

सोशल मीडिया कैसे ऑपरेट करें
हेल्प डेस्क की जिम्मेदारियों में आतंकियों को किसी आतंकी हमले के दौरान टेक्निकल सपोर्ट देना, एनक्रिप्शन सर्विस का प्रयोग उन्हें सिखाना, साथ ही साथ नए आतंकियों को सोशल मीडिया का प्रयोग सीखाना है।

ऑनलाइन आईएसआईएस का ट्यूशन
इस हेल्प डेस्क की एक जिम्मेदारी के तहत नए आतंकियों को एक-एक करके संगठन से जुड़ी कुछ खास बातों को भी बताना है।

तो पता ही नहीं लगेगी आतंकी साजिश
यूएस मिलिट्री एकेडमी से जुड़ी एरॉन एफ ब्रैंटेले की मानें तो आईएसआईएस अब किसी को इंटलीजेंस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचाकर डिजिटल सिक्योरिटी के बारे में बता सकता है। यानी किसी भी आतंकी साजिश का पता किसी को नहीं लग पाएगा।

सर्विलांस बढ़ाने की बात
अमेरिका और ब्रिटेन में अब प्राइवेसी प्रोटेक्शन को और लचीला बनाने की बातें हो रही हैं वहीं एनएसए के पूर्व अधिकारी एडवर्ड स्नोडेन को इन सबके लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।












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