40 हजार लड़ाके, मकड़ी की जाले की तरह सुरंगें.. इजराइल को हमास ने जो चेतावनी दी है, उसमें कितना है दम?
Israel-Hamas War: आतंकी संगठन हमास ने इजराइली सेना को चेतावनी दी है, कि वो गाजा पट्टी में लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। हमास ने कहा है, कि उसके पास कई महीनों तक जंग लड़ने के लिए हथियार, सैनिक और खाने का सामान है।
रॉयटर्स ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया है, कि हमास का मानना है, कि वह अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी इजराइस पर युद्धविराम स्वीकार करने के लिए दबाव डालने के लिए उसके सैनिकों को गाजा पट्टी की लंबी लड़ाई में उलझा सकता है। यानि, यूक्रेन ने जिस तरह से रूसी सैनिकों को लंबी लड़ाई में उलझाया है, उसी तरह से हम भी इजराइली सैनिकों को लंबी लड़ाई में उलझाना चाहता है।

हमास की रणनीति क्या है?
दो सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, कि साल 2006 से गाजा पर नियंत्रण रखने वाले हमास ने पर्याप्त बंदूकें, मिसाइलें, भोजन और चिकित्सा आपूर्ति जमा कर ली हैं। हमास को यकीन है, कि उसके हजारों लड़ाके इजरायली सैनिकों से बचने के लिए शहरी गुरिल्ला लड़ाई रणनीति का उपयोग कर सकते हैं और फिलिस्तीनी क्षेत्र के नीचे सुरंगों के नेटवर्क में महीनों तक जीवित रहते हुए जंग लड़ सकते हैं।
हमास का यह भी मानना है, कि जैसे-जैसे नागरिकों की मौतें बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले इजराइल पर घेराबंदी हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है, लिहाजा अब युद्धविराम और राजनयिक समाधान के लिए इजराइल को मजबूर किया जा सकता है।
हमास का मानना है, कि ऐसी स्थिति में हमास को काफी ज्यादा रियायत मिलेगी और इजराइली बंधकों के बदले बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को सैकड़ों हमास कैदियों को जेल से छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
हमास के चार अधिकारियों, एक क्षेत्रीय अधिकारी और व्हाइट हाउस की सोच से परिचित एक सूत्र के मुताबिक, फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह ने कतर की मध्यस्थता वाली बंधक वार्ता के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और इज़राइल को यह संदेश दे दिया है।
लंबे समय में, हमास ने कहा है, कि वह गाजा पर इजरायल की 17 साल की नाकाबंदी को हटाना चाहता है, इजरायली बस्तियों में होने वाले डेवलपमेंट्स को रोकना चाहता है, और फिलिस्तीनियों को यरूशलेम के सबसे प्रतिष्ठित मुस्लिम स्थल, अल-अक्सा मस्जिद पर इजरायली सुरक्षा बलों की 'दमनकारी गतिविधियों' को रोकना चाहता है।

हमास के पास कितना दम?
कतर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के फिलिस्तीनी विशेषज्ञ अदीब ज़ियादेह, जिन्होंने हमास का अध्ययन किया है, फर्स्ट पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, कि हमास के पास दीर्घकालिक योजना रही होगी, तभी उसने इजराइल इस तरह का हमला किया होगा।
उन्होंने कहा, कि "जिन लोगों ने 7 अक्टूबर के हमले को इस स्तर की दक्षता, इस स्तर की विशेषज्ञता, सटीकता और तीव्रता के साथ अंजाम दिया है, उन्होंने दीर्घकालिक लड़ाई के लिए तैयारी की होगी।"
ज़ियादेह ने रॉयटर्स को बताया, कि "हमास के लिए पूरी तरह से तैयारी और परिणाम को कैलकुलेट करते हुए एकजुट हुए बिना इस तरह के हमले में शामिल होना संभव नहीं है।"
वहीं, व्हाइट हाउस की सोच से परिचित सूत्र ने कहा, कि वाशिंगटन को उम्मीद है कि हमास, गाजा में सड़क-दर-सड़क लड़ाई में इजरायली सेना को रोकने की कोशिश करेगा और भारी संख्या में इजराइली सैनिकों को गिराने की कोशिश करेगा, ताकि लंबे संघर्ष के लिए इजरायली जनता के मन में युद्ध को लेकर संदिग्ध स्थिति पैदा किया जा सके।
उन्होंने कहा, कि "इजरायली अधिकारियों ने फिर भी अपने अमेरिकी समकक्षों पर जोर दिया है, कि वे हमास की गुरिल्ला रणनीति का सामना करने के साथ-साथ उनके आक्रामक की अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करने के लिए तैयार हैं।"

सूत्र ने कहा, कि लेकिन सवाल ये हैं, कि क्या इजराइल के पास हमास को खत्म करने या हमास को गंभीर रूप से कमजोर करने की क्षमता है, यह एक खुला प्रश्न बना हुआ है।
वहीं, हमास से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हमास के पास करीब 40,000 लड़ाके हैं। इसके अलावा, उन्होंने पिछले कई सालों में गाजा पट्टी के नीचे 41 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में करीब 500 किलोमीटर लंबा सुरंगों का जाल बना लिया है। जमीन के अंदर ये सुरंगे 80-80 किलोमीटर अंदर हैं, ताकि इजराइली मिसाइलें ऊपर से सुरंगों को तबाह ना कर सके। इन जगहों पर हमास ने छिपने के लिए बंकरों के साथ साथ हथियारों को रखने का ठिकाना तैयार किया हुआ है।
ये सुरंगे भुलभुलैया की तरह हैं, जो मकरे की जाल की तरह फैली हुई हैं, जिसे क्रैक करना इजराइली सेना के लिए सबसे मुश्किल काम है। गुरुवार को गाजा में हमास के गुर्गों को इजराइली टैंकों पर गोलीबारी के बीच इन सुरंगों से निकलते और फिर वापस इसी नेटवर्क में गायब होते देखा गया है।

सुरंगों को डिकोड कर रही इजराइली सेना
इजरायली सेना का कहना है, कि उसकी याहलोम विशेष लड़ाकू इंजीनियरिंग इकाई के सैनिक, सुरंग शाफ्ट का पता लगाने और उसे नष्ट करने के लिए अन्य बलों के साथ काम कर रहे हैं, जिसे एक प्रवक्ता ने गाजा में "जटिल शहरी लड़ाई" कहा है।
हमास ने हाल के दशकों में इजराइल के साथ कई युद्ध लड़े हैं और बेरूत स्थित हमास के बाहरी संबंधों के प्रमुख अली बराका ने कहा, कि उसने धीरे-धीरे अपनी सैन्य क्षमताओं, विशेषकर अपनी मिसाइलों में सुधार किया है।
उन्होंने कहा, कि 2008 के गाजा युद्ध में, हमास के रॉकेटों की अधिकतम सीमा 40 किमी (25 मील) थी, लेकिन 2021 के संघर्ष तक यह बढ़कर 230 किमी हो गई है। बराका ने रॉयटर्स को बताया, "हर युद्ध में, हम कुछ नया करके इजरायलियों को आश्चर्यचकित करते हैं।"

वहीं, ईरान समर्थित लेबनानी आंदोलन हिज्बुल्लाह, जो हमास से संबद्ध है, उसके एक करीबी अधिकारी ने कहा, कि हफ्तों की बमबारी के बाद फिलिस्तीनी समूह की लड़ने की ताकत ज्यादातर बरकरार रही है। हिज्बुल्लाह और हमास के अधिकारियों के मुताबिक, हिजबुल्लाह के पास ईरान द्वारा समर्थित क्षेत्रीय नेटवर्क में हमास और अन्य सहयोगी गुटों के साथ लेबनान में एक संयुक्त मिलिट्री ऑपरेशन रूम भी है।
हमास, जिसे इज़राइल, अमेरिका और यूरोपीय संघ एक आतंकवादी मानता है, उसने अपने 1988 के संस्थापक चार्टर में इजराइल के विनाश का आह्वान किया था, जबकि 7 अक्टूबर के हमले के बाद इजराइल ने हमास के समूल नाश की कसम खाई है, लिहाजा अब देखना होगा, कि क्या सुरंगों को डिकोड कर इजराइल, हमास का समूल नाश कर पाता है, या फिर ये लड़ाई बिना किसी नतीजे के युद्धविराम तक पहुंचेगी?












Click it and Unblock the Notifications