हमास की सबसे खूंखार कसम ब्रिगेड को आप कितना जानते हैं? इजराइल को 30 सालों से कर रखा है परेशान
इसी महीने इजरायल पर किए गए हमले के बाद से ही आतंकी संगठन हमास की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। हमास ने इजराइल में घुसकर तबाही मचा दी थी जिसकी वजह से 1,400 लोगों की जान गई थी।
ऐसी रिपोर्ट है कि हमास की बेहद क्रूर मानी जाने वाली मिलिट्री विंग कसम ब्रिगेड ने इस हमले को अंजाम दिया। आखिर क्या है यह कसम ब्रिगेड? हमास जैसे आतंकी संगठन में कसम ब्रिगेड की क्या भूमिका है? आइये हम आपको इसके बारे में बताते हैं।

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक कसम ब्रिगेड को 1992 में बनाया गया था। इसका नाम सीरियाई मुजाहिदीन इज्ज अल दीन अल कासिम के नाम पर रखा गया है। कसम ब्रिगेड का चीफ मोहम्मद दीफ है। दीफ ही 7 अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमले का मास्टरमाइंड है।
वह मोहम्मद दीफ ही है जिसकी इजराइल को सबसे अधिक तलाश है। वह कई सालों से इजराइल की "मोस्ट वांटेड" लिस्ट में टॉप पर है। इजराइल ने दीफ को कई बार मारने की कोशिश की है मगर वे हर बार इसमें नाकाम रहे हैं।
यही वजह है कि मोहम्मद दीफ को 'नौ जिंदगी पाने वाली बिल्ली' कहा जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वो अपने दोनों हाथ, दोनों पैर और एक आंख गंवा चुका है, जिससे वह स्थायी रूप से व्हीलचेयर पर निर्भर हो गया है।
मोहम्मद दीफ की सहायता उसका डिप्टी मारवान इस्सा करता है। मोहम्मद दीफ के बारे में कोई ज्यादा नहीं जानता है। यहां तक कि इंटरनेट पर भी उसकी सिर्फ एक पुरानी तस्वीर है। वह एकमात्र तस्वीर तब की है जब दीफ महज 20 साल का था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इजराइल के खिलाफ कसम ब्रिगेड की कार्रवाइयों ने हमास को फिलिस्तीनियों के बड़े वर्ग के बीच लोकप्रियता हासिल करने में मदद की है। सीआईए वर्ल्ड फैक्टबुक के अनुसार, कसम ब्रिगेड में 20,000 से 25,000 सदस्य हैं।
सीआईए फैक्टबुक के अनुसार, कहा जाता है कि ब्रिगेड ने तस्करी के माध्यम से अपने हथियार हासिल किए है। इसके अलावा ब्रिगेड ने कथित तौर पर ईरान से कुछ सैन्य सहायता प्राप्त की और स्थानीय स्तर पर कुछ हथियार बनाए। वे रॉकेट हमलों पर भरोसा करते हैं और हाल ही में उन्होंने अपने शस्त्रागार में ड्रोन शामिल किए हैं।












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