23 जून को ब्रिटेन के भविष्य पर आना है एक एतिहासिक फैसला, जानिए कुछ खास बातें
लंदन। इस समय न सिर्फ ब्रिटेन बल्कि दुनिया के तमाम देशों में एक शब्द के बारे में काफी चर्चा हो रही है। यह शब्द है 'ब्रेक्जिट' जो जुड़ा हुआ है यूरोपियन यूनियन में ब्रिटेन के होने या फिर न होने से। 23 जून को इस बात का फैसला होगा कि ब्रिटेन को यूरोपियन यूनियन (ईयू) का हिस्सा रहना चाहिए या फिर इसे इस संगठन से बाहर निकाल देना चाहिए।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन ने से लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा तक यह बात कह चुके हैं कि ब्रिटेन का ईयू से जाना काफी जोखिम भरा निर्णय हो सकता है। ब्रिटेन में भी लोग इस मुद्दे पर दो भागों में बंटे हुए नजर आने लगे हैं।
वर्ष 1973 से ब्रिटेन यूरोपियन यूनियन का हिस्सा
आइए आपको इसी एतिहासिक फैसले से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बतातें हैं।
- ईयू 28 देशों का संगठन है , जिसकी संसद में यूरोप के सभी देश अपने चुने हुए सदस्यों को भेजते हैं।
- 23 जून को ईयू में ब्रिटेन के रहने या न रहने वाले मुद्दे पर वोटिंग का अधिकार ब्रिटेन की जनता को दिया गया है।
- 20 फरवरी 2016 को पीएम कैमरुन ने घोषणा की थी कि ईयू में यूके की सदस्यता पर 23 जून को फैसला होगा।
- वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक ब्रेक्जिट दो शब्दों ब्रिटेन और एक्जिट से मिलकर बना है।
- इस पूरे मामले पर ब्रिटेन में दो ग्रुप बन गए हैं जिसमें से एक है रीमेन और एक है लीव।
- रीमेन ग्रुप ब्रिटेन को ईयू में ही देखना चाहता है जबकि लीव ग्रुप के लोग इसे ईयू से बाहर करना चाहते हैं।
- ब्रिटेन के ईयू में बने रहने का विरोध करने वालों का कहना है ईयू, ब्रिटेन की पहचान को कमजोर करता है।
- इसके साथ ही लीव ग्रुप के लोग ब्रिटेन में दूसरे देशों से आने वाले लोगों पर भी सवाल उठा रहे हैं।
- रीमेन ग्रुप का कहना है कि अगर ब्रिटेन ईयू में रहता है तो यह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छा होगा।
- ब्रिटेन वर्ष 1973 से ईयू का हिस्सा बना हुआ है।
- ईयू में शामिल सभी देश एक ही करेंसी 'यूरो' का प्रयोग करते हैं।
- लेकिन ब्रिटेन ने अपनी करेंसी पौंड स्टर्लिंग को छोड़ने से साफ मना कर दिया था।












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