इमरान की गिरफ्तारी से खुश नहीं हूं... बतौर PM अपनी विदाई भाषण में क्या कुछ बोले शहबाज शरीफ?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को अपने विदाई भाषण में अपने प्रधानमंत्री के रूप में 16 महीने के लंबे कार्यकाल को जीवन की सबसे कठिन परीक्षा करार दिया। संसद के निचले सदन में विदाई सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को धन्यवाद दिया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे अपने 38 साल लंबे राजनीतिक करियर में पहले कभी इतनी कठिन परीक्षा से नहीं गुजरना पड़ा क्योंकि देश गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया था, तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई थीं और राजनीतिक अराजकता थी।"

प्रधानमंत्री शरीफ ने घोषणा की आज नेशनल असेंबली को उसके संवैधानिक कार्यकाल को खत्म होने से तीन दिन पहले भंग कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इसके लिए राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी को पत्र लिखेंगे।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वह अंतरिम पीएम के उम्मीदवारों पर चर्चा करने के लिए कल विपक्ष के नेता राजा रियाज़ से मिलेंगे। उन्होंने कहा, "कल हमारी पहली बैठक होगी और संविधान के अनुसार, हमारे पास निर्णय पर पहुंचने के लिए तीन दिन होंगे।"
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल में पिछले शासन की लापरवाही और विफलताओं का बोझ उठाना पड़ा।
शहबाज शरीफ ने कहा कि उनकी सरकार को बाढ़ और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ हस्ताक्षरित समझौते का उल्लंघन करके पाकिस्तान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया था।
उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत और अंत गलियारे के दोनों ओर के सांसदों को उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुनने, उन पर विश्वास दिखाने और पूरे कार्यकाल के दौरान उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद देकर किया।
पीएम ने कहा, ''हमारा 13 पार्टियों का गठबंधन पाकिस्तान के इतिहास का सबसे अनोखा गठबंधन है। हमारी सरकार में 1 सांसद से लेकर 80 संसदों वाली पार्टियां शामिल हैं।'' इस बीच उन्होंने बिलावाल भुट्टो की सरहाना की और कहा कि उनका भविष्य काफी उज्जवल है।
शहबाज शरीफ ने कहा कि उनकी सरकार ने किसी भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को जेल नहीं भेजा या उन्हें गलत तरीके से परेशान नहीं किया।। शरीफ ने कहा, हमारा ऐसा रिवाज नहीं है।
उन्होंने इमरान खान का नाम लिए बिना कहा, अगर किसी पार्टी के नेता को आज सलाखों के पीछे डाल दिया गया, तो हम इससे खुश नहीं हैं। और अगर कुछ लोगों ने मिठाइयां बांटी हैं, तो यह सही नहीं है। यह अच्छी परंपरा नहीं है।
बलूचिस्तान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रांत अन्य प्रांतों की तुलना में पिछड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के लोगों की कुछ शिकायतें भी हैं। उनकी मांगें उचित हैं। मैंने उनकी उचित मांगों को पूरा करने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के विकास के बिना पाकिस्तान का विकास नहीं हो सकता।












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