'हमने सुपरपॉवर अमेरिका को धूल चटाई', अफगानिस्तान में तालिबान ने लगाई जीत की विशाल प्रदर्शनी
अफगानिस्तान के गजनी क्षेत्र का इतिहास 3500 साल पुराना और समृद्ध रहा है और अब तालिबानी अपनी सैन्य विजय के प्रमाण के साथ नया अध्याय लिखने में व्यस्त हैं।
काबुल, जनवरी 04: करीब 21 सालों के बाद एक बार फिर से अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा करने का जश्न तालिबान अभी भी मना रहा है और अफगानिस्तान फतह को लेकर विशाल प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। तालिबान ने अपने लड़ाकों के लिए ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन किया है, जिसमें पूर्व अमेरिकी सैन्य अड्डे से अमेरिका को हराने का ऐलान किया गया है।

ऐतिहासिक प्रदर्शनी का अनावरण
अफगानिस्तान के गजनी प्रांत के गवर्नर आवास में तालिबान की तरफ से अमेरिका पर विजय प्राप्त करने को लेकर ऐतिहासिक प्रदर्शनी लगाई गई है, जहां से विश्व की सबसे बड़ी शक्ति को मुंह चिढ़ाया जा रहा है, जिसमें एक दीवार के टूटे टुकड़े को दिखाया गया है, जिसे अमेरिकी सेना ने विस्फोट से उड़ा दिया था। इस दीवार के टुकड़े पर अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध के दौरान अफगानिस्तान में सेवा करने वाले अमेरिकी सैनिकों के नाम और रेजिमेंट के साथ एक कंक्रीट स्लैब खुदा हुआ है। लेकिन, अब उन टुकड़ों को सार्वजनिक प्रदर्शनी में इस्तेमाल किया जा रहा है और तालिबान के द्वारा उसे अपनी जीत बताई जा रही है।

'हमने अमेरिका को हरा दिया'
20 सालों तक अफगानिस्तान में अमेरिका से मार खाने के बाद अब जब अमेरिकी फौज अफगानिस्तान से जा चुकी है, तो तालिबान के प्रांतीय संस्कृति प्रमुख मुल्ला हबीबुल्लाह मुजाहिद ने एएफपी को बताया कि, "हमें यह दिखाना होगा, ताकि अफगान, दुनिया और आने वाली पीढ़ियों को पता चले कि हने अमेरिकियों को हराया है। भले ही वे खुद को दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति कहते हों।" आपको बता दें कि, पिछले साल 15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया था और उसी के साथ पिछले 20 सालों से चली आ रही अमेरिका समर्थित सरकार का पतन हो गया था। काबुल पर कब्जा करने से ठीक तीन दिन पहले तालिबान ने अफगानिस्तान के दक्षिण में स्थिति गजनी शहर पर कब्जा किया था।

नया इतिहास लिखने की कोशिश
अफगानिस्तान के गजनी क्षेत्र का इतिहास 3500 साल पुराना और समृद्ध रहा है और अब तालिबानी अपनी सैन्य विजय के प्रमाण के साथ नया अध्याय लिखने में व्यस्त हैं। आर्थिक पतन के कगार पर खड़े अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को संभालने में पूरी तरह से नाकामयाब रहने वाले तालिबान शासक अपना प्रचार, अपना प्रोपेगेंडा फैलान में व्यस्त हैं, जबकि देश के आम लोग अपनी बेटियों को बेचकर अपना पेट भर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि, आधी से ज्यादा आबादी तीव्र भूख का सामना कर रही है। जबकि, तालिबान की तरफ से अफगानिस्तान में 2 लाख से ज्यादा जगहों पर अपनी जीत की प्रदर्शनी लगाई गई है। जिनमें नष्ट किए गए अमेरिकी बख्तरबंद वाहनों के जंग खाए हुए ढेर भी शामिल हैं, जिनसे हथियार हटा लिए गये हैं।

मलबे में देश, मलबों की प्रदर्शनी
तालिबान द्वारा लगाई गई मलबों की ये प्रदर्शनी बच्चों के खेलने का नया ठिकाना बना हुआ है और बच्चों मलबों की इन ढेर पर चढ़कर नाचते गाते दिखते हैं। मलबों के इस ढेर में सोवियत संघ द्वारा छोड़े गये टैंकों के कंकाल भी शामिल हैं। सोवियत संघ द्वारा भी अफगानिस्तान पर किया गया हमला उसके अपमान के साथ खत्म हुआ था और 19 वीं शताब्दी में ब्रिटिश सैनिकों की हार के साथ ब्रिटेन भी अफगानिस्तान से बाहर निकल गया था, जो बताता है कि, अफगानिस्तान क्यों साम्राज्यों के लिए कब्रगाह साबित होता रहा है। 18 साल के एक तालिबान लड़ाके ओजैर ने कहा कि, "जब हम इसे देखते हैं तो हमें अपनी उपलब्धि पर गर्व होता है, जो देश में कई लोगों की तरह केवल एक ही नाम से जाना जाता है।" उसने कहा कि, "हमने दिखाया है कि यहां पैदा हुए अफगान एक शक्तिशाली देश अमेरिका को हरा सकते हैं।"

अमेरिकी कमांडर्स के नाम
इस प्रदर्शनी में अफगानिस्तान की तरफ से उन अमेरिकी कमांडर्स के नाम दीवार पर लिखवाए गये हैं, जो अफगानिस्तान में तालिबान से लड़ते हुए मारे गये और मारे गये अमेरिकी कमांडर्स के नाम तालिबानियों के लिए एक ट्रॉफी की तरह है, जिनका वो हर गली और नुक्कड़ पर अपने विजय स्तंभ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदर्शनी में उन अमेरिकी हथियारों को ट्रॉफी की तरह सजाया गया है, जिसे जाते वक्त अमेरिकी सेना छोड़ गई थी। विस्फोट की दीवारों पर खड़े मुल्ला हबीबुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि, 20 या उससे अधिक अमेरिकी कमांडर्स और जनरलों के नाम दीवार पर हैं, जिन्हें तालिबान ने मारा है।












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