अमेरिकी 'जासूस' को हेलीकॉप्टर से लटकाकर फांसी दे रहा था तालिबान? जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई
डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के एक सीनेटन ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा था कि बर्बर तालिबान किसी बेगुनाह को हेलीकॉप्टर से लटकाकर फांसी दे रहा है।
काबुल, सितंबर 01: काबुल से अमेरिकी सैनिकों की विदाई होने के ठीक बाद अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से एक खौफनाक वीडियो वायरल होता है। ये वीडियो देखते ही देखते पूरी दुनिया में तहलका मचा देता है और अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के एक सीनेटर वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं और दावा करते हैं कि एक अमेरिकी मददगार को तालिबान के आतंकी हेलीकॉप्टर में बांधकर उड़ा रहे हैं। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने शेयर किया और दावा किया कि तालिबान के आतंकी किसी शख्स को हेलीकॉप्टर से लटकाकर मार रहे हैं, लेकिन अब वायरल वीडियो की असलियत सामने आ गई है।

कंधार से वायरल हुआ वीडियो
हेलीकॉप्टर से लटकाकर अमेरिकी मददगार को फांसी दिए जाने का दावा करने वाला ये वीडियो अचानक पूरी दुनिया में वायरल होने लगा और अब तालिबान की तरफ से इस वीडियो की सच्चाई बताई गई है। वीडियो में दिख रहा है कि एक अमेरिकी ब्लैकहॉक से एक व्यक्ति लटका हुआ है और हेलीकॉप्टर मकानों के बीच उड़ रहा है। इस वीडियो के अफगानिस्तान के प्रमुख प्रांत कंधार के होने का दावा किया गया। कई रिपोर्टों में कहा गया है कि वीडियो सोमवार को अमेरिकी सैनिकों के देश छोड़ने के बाद सामने आया और दो कारणों से वायरल हो गया।
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शख्स को फांसी देने का शक क्यों?
दरअसल, लोग दो वजहों से दावा कर रहे थे कि तालिबान किसी अमेरिकी मददगार को हेलीकॉप्टर से लटकाकर फांसी दे रहा है। पहली वजह ये थी कि तालिबान के लड़ाके ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर उड़ा रहे थे और लोगों का कहना था कि तालिबान के पास प्रशिक्षित पायलट नहीं हैं, तो फिर ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर कौन उड़ा रहा है? वहीं, लोग दूसरा दावा कर रहे थे कि तालिबान लगातार विदेशी मददगारों को खोजने में लगा हुआ है और शायद तालिबान हेलीकॉप्टर से फांसी देकर पूरे देश में खौफ पैदा करना चाह रहा है। डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर टेड क्रूज ने वीडियो साझा किया और इस वीडियो को 'अफगानिस्तान की तबाही' बताते हुए उन्होंने जो बाइडेन की सख्त आलोचना की और उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने जो ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर अफगानिस्तान में छोड़ दिया है, उससे अब अमेरिकी मददगारों का ही शिकार किया जा रहा है।
वायरल वीडियो की सच्चाई क्या?
जहां इंटरनेशनल मीडिया ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि तालिबान किसी शख्स को हेलीकॉप्टर से लटकाकर फांसी दे रहा है, वहीं अफगान मीडिया ने इस दावे को गलत बताया है। वीडियो के वायरल होने के बाद अफगानिस्तान के एक जर्नलिस्ट बिलाल सरवार ने वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे को गलत बताते हुए कहा कि कि 'असल में इस वीडियो की सच्चाई अलग है'। उन्होंने ट्वीटर पर वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि, 'हेलीकॉप्टर से जिस शख्स को आप लटकता हुआ देख रहे हैं, वो असल में तालिबान का लड़ाका है और किसी को फांसी नहीं दी जा रही है। तालिबान का लड़ाका असल में तालिबानी झंडा लगाने की कोशिश कर रहा है।'

अफगान पत्रकार ने क्या कहा?
अफगानिस्तान के पत्रकार बिलाल ने कहा कि 'अफगानिस्तान का जो पायलट अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर उड़ा रहा है, उसे मैं जानता हूं और उसे अमेरिका के साथ साथ संयुक्त अरब अमीरात में भी फ्लाइट उड़ाने की ट्रेनिंग मिल चुकी है। मैंने उससे इस वीडियो को लेकर बात की है और उसने मुझे बताया कि तालिबान का एक फाइटर कंधार गवर्नर हाउस में तालिबानी झंडा लगाने की कोशिश कर रहा है, ना कि किसी को फांसी दी जा रही है'। उन्होंने लिखा है कि 'तालिबान का लड़ाका काफी देर तक झंडा लगाने की कोशिश करता रहा, लेकिन अंत में वो जहां चाह रहा था, वहां पर तालिबानी झंडा लगाने में नाकाम रहा'। वहीं, तालिबान की न्यूज एजेंसी अश्वका समाचार एजेंसी ने भी यही वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि, कंधार गवर्नर कार्यालय के ऊपर ब्लैक हॉक देखा गया था और तालिबान की तरफ से कंधार गवर्नर हाउस के ऊपर झंडा लगाने की कोशिश की जा रही थी''

ट्रंप के सीनेटर ने वीडियो हटाया
आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के सीनेटर टेड क्रूज ने इस वीडियो को शुरूआती घंटो में शेयर किया था और फिर ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होना शुरू हो गया। उन्होंने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए तालिबान को एक बर्बर आतंकी संगठन बताया और लिखा कि अमेरिका ने खरबों रुपये के मिलिट्री हथियार और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर आतंकियों के हाथ में छोड़ दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में जब वीडियो की असलियत सामने आई तो ट्रंप की पार्टी के सीनेटर ने वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डिलीट कर दिया।

रॉयटर्स ने किया फैक्ट चेक
वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद कई अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसियों ने फैक्ट चेक किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने फैक्ट चेक के बाद कहा कि ''वीडियो में जिस आदमी को फांसी देने का दावा किया जा रहा है, वो गलत है। वो आदमी जिंदा है'। इसके बाद टेड क्रूज़ ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया और लिखा, "यह पता चला है कि मैंने जिस पोस्ट को तालिबान के साथ साझा किया था, जिसमें एक शख्स को हेलीकॉप्टर से लटकता हुआ देखा जा रहा है, वो वीडियो गलत हो सकता है। इसीलिए मैंने उस ट्वीट को हटा दिया है। लेकिन, मैं इस बात पर कायम हूं कि तालिबान एक क्रूर आतंकवादी संगठन है और अमेरिका की मौजूदा सरकार ने ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर समेत लाखों मिलिट्री उपकरण अफगानिस्तान में छोड़ दिए हैं।"












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