एटम बम जितना पॉवरफुल AI! Warren Buffet ने कर दी Nuclear Weapon से तुलना, जानिए बड़ी वजह

दुनिया में आजकल अगर किसी तकनीकी की सबसे ज्यादा चर्चा है तो वो है आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस यानी एआई। 92 वर्षीय बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफेट ने इसको लेकर बड़ा दावा किया है।

Warren Buffet on AI

Warren Buffet on AI: न्युक्लियर शक्ति के प्रबल विरोधी रहे निवेशक और बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफेट ने अब आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने दुनिया में तेजी से विकसित हो रही इस तकनीकी की तुलना न्युक्लियर हथियारों से कर दी। उन्होंने कहा कि एआई में दुनिया में सब कुछ बदले की क्षमता होगी, लेकिन इसकी भी सीमाएं हैं।

एआई के जरिए साइंटिस्ट्स एक अलग वर्ल्ड की कल्पना कर रहे हैं। जहां सारा काम मशीनें हूबहू इंसानों की तरह करेंगी। काम करने के साथ वे इंसानों के साथ फेंडली होगीं। मतलब ये कि एक वर्चुअल दुनिया होगी जहां इंसानों का आप सिर्फ आभास कर सकते हैं, वो भी इंसानों का काम बिना इंसानों की मौजूदगी में देखकर। इस दिशा में साइंटिस्ट्स काफी आगे बढ़ चुके हैं। लेकिन यूएसए टॉप निवेशक और बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफेट की एआई पर हाल में की गई एक टिप्पणी चिंता पैदा करती है।

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दरअसल, बर्कशायर हैथवे के सीईओ ने दावा किया, 'पुरुषों के सोचने और व्यवहार करने के तरीके को छोड़कर एआई दुनिया में सब कुछ बदल सकता है'। बफेट ने कहा, "हमने बहुत अच्छे विचार के साथ परमाणु बम का आविष्कार किया था। लेकिन परिणाम सामने तब आया जब द्वितीय विश्व युद्ध हुआ। अब एआई की बारी है, जो कुछ समय के ठीक हो सकता है लेकिन क्या ये दुनिया के लिए 200 वर्षों के लिए अच्छा होगा?"

पिछले कुछ दिनों में आर्टिफीशियल तकनीकी को जॉब सेक्टर के लिए खतरा माना गया। बफेट ने एआई के दुनिया पर पड़ने वाले प्रभाव पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि ये बात सही है कि नई चीजें आने के नए अवसर बनते हैं लेकिन ये तय नहीं कि कोई पुराने अवसर समाप्त हो जाएं। वारेन बफेट ने ये भी कहा कि एआई की अपनी सीमाएं हैं।

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बफेट एआई को लेकर ये दावा बर्कशायर हैथवे की वार्षिक बैठक में की। उन्होंने अपने बयान में एआई प्रौद्योगिकी की तेजी बढ़ता मांग और दुनिया पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। बफेट ने यहां तक कहा कि उन्हें माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स की मदद से चैटजीपीटी इस्तेमाल करने का भी मौका मिला।

बफेट की एआई की तुलना परमाणु बम करना पहली बड़ी टिप्पणी नहीं है। वे इससे पहले हथियारों के मुखर विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान परमाणु बम का निर्माण होना घातक था। परमाणु बम ही था जिसने दुनिया में बहुत कुछ बदल दिया।

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