VIDEO : दुनिया में पहली बार रेंगती दिखी 'समुद्री शेर' Shark, धड़कनें थाम कर देखिए
क्या आपने शार्क को रेंगते देखा है। समुद्री शेर के रूप में पॉपुलर शार्क की अनोखी प्रजाति सामने आई है। रोमांचक वीडियो में देखें रेंगती हुई शार्क। walking shark on sea beach Papua New Guinea Forrest Galante incredible sea l
पोर्ट मोर्सबी (Papua New Guinea), 05 सितंबर : ये महज एक संयोग है कि भारत में पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है और ठीक एक दिन पहले प्रकृति कुछ अनोखा सिखा जाती है। जी हां, प्रकृति को सबसे श्रेष्ठ शिक्षक के रूप में देखा जा सकता है। इस दृष्टिकोण से ब्रिटेन के अखबार मिरर ने दुनिया में पहली बार देखी गई रेंगती शार्क की प्रजाति की कहानी बताई। शिक्षक दिवस के दिन वनइंडिया हिंदी की इस रिपोर्ट में रेंगती शार्क की तस्वीर के साथ-साथ वीडियो भी देखिए। दावा किया जा रहा है कि पहली बार 'समुद्री शेर' शार्क को रेंगते देखा गया है। Papua New Guinea में पर्यावरण प्रेमी Forrest Galante ने इस अनोखे जीव को कैमरे में कैप्चर किया है। इन तस्वीरों के आधार पर कहना गलत नहीं होगा कि प्रकृति हमें हर दिन कुछ नया सिखाती है।

पहली बार समुद्र तट पर दिखी 'वॉकिंग' शार्क प्रजाति
दरअसल, दुनिया में एपॉलेट शार्क (epaulette shark) जैसी कोई अन्य प्रजाति नहीं है। यह एक मीटर से अधिक बड़ी नहीं होती है और अपने पंखों का उपयोग समुद्र के शेर यानी शार्क की तरह जमीन पर रेंगने के लिए करती है।

एक घंटे तक जमीन पर 'चल' सकती है
एपॉलेट शार्क (हेमिसिलियम ओसेलेटम) हानिरहित शार्क है यानी ये इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाती। दुर्लभ शार्क की यह प्रजाति एक बार में एक घंटे तक जमीन पर 'चल' सकती है। Epaulettes sharks evolutionary adaption पर मिरर डॉट सीओ डॉट यूके की रिपोर्ट में बताया गया कि रेंगती शार्क कम ऑक्सीजन के स्तर के साथ tide pools में भी जीवित रह सकते हैं।

कितनी लंबी होती है ये शार्क
पानी में तैरने वाली शार्क के बाद एपॉलेट शार्क पहली बार दुनिया के सामने आए हैं। शार्क की ये दुर्लभ प्रजाति जमीन पर चल सकती है। एपॉलेट शार्क लगभग 90 सेमी तक ही लंबी होती है। इसे मनुष्यों के लिए कोई वास्तविक खतरा नहीं माना जाता है।

दुर्लभ फुटेज सामने आए
ओशियाना की कंट्री- पापुआ न्यू गिनी में समुद्र तट पर चलते हुए एपॉलेट शार्क की दुर्लभ फुटेज सामने आए हैं। इस मछली को हेमिस्सिलियम ओसेलेटम के नाम से भी जाना जाता है। जीवविज्ञानी फॉरेस्ट गैलांटे ने दृश्य को "अविश्वसनीय" बताया।

इतिहास में यह पहली बार...
संरक्षणवादी और जीवविज्ञानी फॉरेस्ट गैलांटे (Forrest Galante) ने रेंगती हुई शार्क की वीडियो मई में बनाई थी। उन्होंने कहा, "इतिहास में यह पहली बार है जब एपॉलेट्स की पापुआन प्रजातियों में से एक के चलने का दस्तावेजीकरण किया गया है।"
नीचे देखें वीडियो--
आइलैंड ऑफ द वॉकिंग शार्क
जीवविज्ञानी फॉरेस्ट गैलांटे ने डिस्कवरी चैनल के लिए स्पेशल प्रोग्राम में रेंगती शार्क के बारे में दिखाया। उन्होंने "आइलैंड ऑफ द वॉकिंग शार्क" में रेंगती हुई शार्क की एक नई प्रजाति की अफवाहों की जांच के लिए सोलोमन द्वीप और पापुआ न्यू गिनी के प्रवाल भित्तियों की भी यात्राएं की।

एपॉलेट शार्क का फुटेज 'अविश्वसनीय'
वॉकिंग शार्क को देखने के बाद फॉरेस्ट गैलांटे ने कहा, रेंगती हुई- एपॉलेट शार्क का फुटेज 'अविश्वसनीय' था। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से डिस्कवरी और एनिमल प्लैनेट की वीडियो फुटेज भी शेयर की है। चैनल के वार्षिक शार्क वीक के हिस्से के रूप में 'आइलैंड ऑफ वॉकिंग शार्क' टाइटल वाले एपिसोड के लिए शूट वीडियो में फॉरेस्ट गैलांटे रेंगती हुई शार्क के बारे में जानकारी देते दिख रहे हैं।
नीचे देखें वीडियो-
रेंगने से भोजन की तलाश में मदद
एपॉलेट शार्क यानी रेंगती हुई शार्क मछली पापुआ न्यू गिनी के दक्षिणी हिस्सों और ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी हिस्सों में पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि उन्होंने चलने की इस आश्चर्यजनक क्षमता को इसलिए विकसित किया क्योंकि इससे उन्हें भोजन खोजने में मदद मिलती है।

स्किन पर ध्यान दे रहे वैज्ञानिक
जीवविज्ञानियों का मानना है कि अन्य शार्क एपॉलेट शार्क की तरह रेंगने में सक्षम नहीं हैं। इसकी पीठ पर धब्बे को इच्छानुसार बदलने की क्षमता के बिंदु पर वैज्ञानिक सिद्धांतों पर गौर कर रहे हैं। शार्क की इस अनोखी प्रजाति का पसंदीदा भोजन उथले प्रवाल भित्तियों में केकड़ों, कीड़े और अन्य अकशेरुकी जीव हैं। इन्हें शिकार करते देखा जा सकता है। आम तौर पर रात में मूवमेंट करने वाले ये शार्क आकार में छोटे होते हैं, लेकिन इन्हें हाथों में उठाते समय कांटे जैसी चीज चुभने का खतरा होता है।

कलर पैटर्न बदलने में सक्षम
Epaulettes शार्क की पीठ पर विशिष्ट काले बिंदु देखे गए हैं। इसमें इतनी भिन्नता होती है कि कोई भी दो प्रजातियां एक जैसी नहीं दिखती। नायलर समेत कुछ वैज्ञानिक सोचते हैं कि वे जब चाहें अपने कलर पैटर्न को भी बदल सकते हैं, हालांकि यह सिद्धांत अभी तक सिद्ध नहीं हुआ है।

शार्क के लक्षणों का चयन
गेविन्सविले में फ्लोरिडा म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री (Florida Museum of Natural History in Gainesville) में फ्लोरिडा प्रोग्राम फॉर शार्क रिसर्च के निदेशक गेविन नायलर (Gavin Naylor) के मुताबिक "सभी लक्षणों का चयन तब किया जाता है जब यह [एक प्रजाति] को बेहतर तरीके से जीवित रहने और एक ऐसे वातावरण में बाहर निकालने की अनुमति देता है, जहां वे हैं सुरक्षित महसूस कर भोजन भी प्राप्त कर सकते हैं।

30 मीटर से अधिक की यात्रा
एपॉलेट्स शार्क की वीडियो में उन्हें चट्टान पर चढ़ते और अगले ज्वार पूल में खुद को गिराते (plop) हुए देखा जा सकता है। बता दें कि शार्क की यह प्रजाति लगभग एक मीटर लंबी होती है और इसे मनुष्यों के लिए हानिरहित माना जा रहा है। शार्क पूरे देश में 30 मीटर से अधिक की यात्रा कर सकती हैं और केवल एक सांस के साथ उस पर एक घंटे तक का समय भी बिता सकती हैं।












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