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Vivek Ramaswamy: विवेक रामास्वामी के पिता अभी भी हैं भारतीय नागरिक, मां क्यों बनी अमेरिकी? खुद खोला राज

Vivek Ramaswamy: भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ने निश्चित रूप से अमेरिकी राजनीति में अपनी छाप छोड़ी है और अब डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देते हुए एलन मस्क के साथ डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का जिम्मा सौंपा गया है।

अमेरिका में भारतीय अप्रवासी माता-पिता के घर जन्मे विवेक रामास्वामी 2023 में रिपब्लिकन पार्टी के नामांकन के लिए अपनी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की घोषणा करके राजनीतिक रूप से प्रमुखता में आए। हालांकि, आयोवा कॉकस में चौथे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने अपना अभियान स्थगित कर दिया था।

Vivek Ramaswamy

लेकिन अब विवेक रामास्वामी को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में जगह मिल गई है और वो एलन मस्क के साथ सरकारी दक्षता विभाग का नेतृत्व करेंगे।

अपने चुनाव अभियान के दौरान और उसके बाद, भारतीय मूल के करोड़पति उद्यमी रामास्वामी, संयुक्त राज्य अमेरिका में अवैध अप्रवासियों के सामूहिक निर्वासन के मुखर समर्थक रहे हैं। अवैध अप्रवासियों से नागरिकता छीनने की बात करते समय वे अक्सर अपने परिवार के अप्रवास और प्राकृतिककरण की कहानी का हवाला देते थे।

विवेक रामास्वामी ने एक बार बताया था, कि उनकी मां अब अमेरिकी नागरिक हैं, जबकि उनके पिता दशकों तक अमेरिका में रहने के बावजूद अभी भी भारतीय पासपोर्ट रखते हैं।

विवेक रामास्वामी की भारतीय जड़ें

विवेका रामास्वामी का जन्म सिनसिनाटी में भारतीय अप्रवासी माता-पिता के घर हुआ था। वे केरल से संयुक्त राज्य अमेरिका में आकर बस गए थे। उनके पिता वी. गणपति रामास्वामी, जो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालीकट से ग्रेजुएट थे, उन्होंने जनरल इलेक्ट्रिक में इंजीनियर और पेटेंट अटॉर्नी के रूप में अपना करियर बनाया, जबकि उनकी मां गीता रामास्वामी, जो मैसूर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट से ग्रेजुएट थीं, एक जेरिएट्रिक मनोचिकित्सक के रूप में काम करती थीं।

अगस्त 2023 में आयोवा स्टेट फेयर में, रामास्वामी ने खुलासा किया था कि उनके पिता ने अपनी भारतीय नागरिकता बरकरार रखने का फैसला क्यों किया, जबकि उनकी मां ने अमेरिकी नागरिक बनने के लिए अमेरिकी नागरिकता परीक्षा दी थी।

वह हर हाई स्कूल स्नातक को वोट देने से पहले नागरिक शास्त्र की परीक्षा देने की वकालत कर रहे थे, जब उन्होंने खुलासा किया, कि उनके पिता के पास अभी भी भारतीय पासपोर्ट क्यों है?

39 वर्षीय रिपब्लिकन रामास्वामी ने कहा, "मुझे लगता है कि ऐसा कोई कारण नहीं है, कि इस देश में स्नातक करने वाले हर हाई स्कूल के छात्र को वही नागरिक शास्त्र परीक्षा पास न करनी पड़े, जो मेरे माता-पिता जैसे अप्रवासी को इस देश का नागरिक बनने के लिए पास करनी पड़ती है।" उन्होंने कहा, कि उनके पिता ने कभी अमेरिकी नागरिकता परीक्षा नहीं दी। "उन्होंने नहीं दी। और यह एक ऐसा विकल्प है, जो उन्होंने पारिवारिक कारणों से चुना है।"

उन्होंने कहा, "लेकिन मेरी माँ ने ऐसा किया।" उन्होंने बताया कि उनके जन्म के बाद उनकी मां अमेरिकी नागरिक बन गईं। "और मुझे लगता है कि हर आप्रवासी जो इस देश में पूर्ण मतदान नागरिक बनने के लिए आता है, उसे भी यही करना होगा।"

विवेक रामास्वामी बने एक बड़े उद्यमी

अमेरिका में भारतीय प्रवासियों के बेटे, 39 साल के विवेक रामास्वामी ने 2021 में 'वोक इंक' नाम का एक किताब लिखी थी, और किताब लिखने से पहले फार्मास्यूटिकल्स और बायोटेक कंपनी की स्थापना कर लाखों डॉलर कमाए, जिसने उन्हें दक्षिणपंथी राजनीति के मानचित्र पर ला खड़ा किया।

अपनी किताब में उन्होंने, टिकाऊ और न्यायसंगत व्यावसायिक नीतियों, जिन्हें पर्यावरण, सामाजिक और कॉर्पोरेट प्रशासन या ईएसजी के रूप में जाना जाता है, पर जोर देने के खिलाफ गुस्सा जताया था। ओहियो के सिनसिनाटी में जन्मे और पले-बढ़े रामास्वामी, फॉक्स न्यूज सहित दक्षिणपंथी मीडिया पर अकसर दिखाई देने लगे, जहां वे उदारवादियों के पहचान की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते थे।

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