दक्षिण अफ्रीका में हिंसा: राष्ट्रपति रामफोसा बोले- तनाव कम करने के लिए डरबन रवाना हुए मंत्री
डरबन, 17 जुलाई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के दक्षिण अफ्रीकी समकक्ष नलेदी पंडोर के साथ मीटिंग और देश में व्यापक हिंसा और दंगों पर चिंता व्यक्त करने के कुछ दिनों बाद अब राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि भारतीय और अश्वेत समुदायों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए मामले की जांच और हालात काबू में लाने के लिए पुलिस मंत्री और क्वाजुलु नताल प्रांत के प्रधानमंत्री को नेटल प्रांत के डरबन शहर भेजा गया है। सिरिल रामफोसा ने उपद्रवियों को चेताते हुए कहा कि अराजकता और लूटपाट की इजाजत किसी को नही है।

आपको बता दें कि दक्षिण अफ्रीका के भारतीय टाउनशिप फीनिक्स और आसपास के क्षेत्रों में एक इंटरनेट पोस्ट को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। इस पोस्ट के बाद भारतीय और अश्वेत अफ्रीकी समुदाय के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई जिसपर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी दक्षिण अफ्रीकी के सामने अपनी चिंता व्यक्त की है। दोनों समुदायों के बीच जारी ये तुनाव जुलाई महीने से शुरू हुआ, जब पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा की गिरफ्तारी हुई। राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा खुद भी हिंसा ग्रस्त इलाकों का दौरा किया और वहां की कानून व्यवस्था का जायजा लिया।
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हालांकि दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति फीनिक्स और पीटमारिजबर्ग जैसे उन इलाकों में नहीं गए जहां हिंसा अधिक भड़की है। इस बीच कई स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि फीनिक्स में हथियारों से लैस कुछ भारतीयों को देखा गया है। हिंसा से चिंतित एस जयशंकर बुधवार को पंडोर से बात की थी, जिन्होंने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार कानून और व्यवस्था को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राष्ट्रपति रामफोसा ने शुक्रवार को कहा, पुलिस मंत्री फीनिक्स जा रहे हैं, हमारे स्थानीय नेता - प्रीमियर, एमईसी (शहर की कार्यकारी समिति के सदस्य) को इस प्रकार की स्थिति से निपटना होगा।












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