US Iran Conflict: 'ईरान मेरी हत्या की साजिश रच रहा', ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- हर टारगेट लिस्ट में मेरा नाम
US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। तुर्की के अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा दावा किया है।
ट्रंप ने बुधवार 8 जुलाई 2026 को आरोप लगाया कि तेहरान अमेरिका के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को सीधे तौर पर निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुलकर दावा किया कि ईरान उनकी हत्या करने की बड़ी साजिश रच रहा है और उनका नाम ईरान की सभी 'हिट लिस्ट' में सबसे ऊपर शामिल है।
"ईरान के पास मेरे नाम की लिस्ट है" -ट्रंप
नाटो शिखर सम्मेलन के इतर पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने कहा, "ईरान के नेता बहुत बुरा व्यवहार कर रहे हैं, जैसा वे पिछले 47 वर्षों से करते आ रहे हैं। मुझे खुफिया रिपोर्टों से पता चला है कि वे न केवल अमेरिका के भीतर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि हमारे शीर्ष नेतृत्व को भी निशाना बनाना चाहते हैं। वे मुझे मारना चाहते हैं और मेरा नाम उनकी हर लिस्ट में दर्ज है।"
ट्रंप ने आगे ईरानी नेतृत्व पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें मानसिक रूप से बिमार तक कह डाला। उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारी दुनिया के सामने कुछ और कहते हैं और पीठ पीछे कुछ और साजिश रचते हैं। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अमेरिका ऐसी किसी भी कायराना हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगा।
तनाव के बीच सीजफायर समझौता 'खत्म', अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले महीने (17 जून) को दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम सीजफायर पूरी तरह से टूट चुका है। बुधवार को ही ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान के साथ सीजफायर समझौता अब 'खत्म' हो चुका है। यह घोषणा उस वक्त हुई जब ईरान ने ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमले किए।
इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड की वायुसेना और नौसेना ने दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास और बुशहर जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों पर भारी बमबारी की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के अंडरग्राउंड ड्रोन और मिसाइल डिपो, रडार सिस्टम और तटीय चौकियों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है। ईरानी मीडिया ने भी इन हमलों में अपने 8 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ईरान से जुड़े 'असासिनेशन प्लॉट'
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप को ईरान से इस तरह की धमकियां मिली हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और न्याय विभाग (DOJ) ने पहले भी ईरान से जुड़े कई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो ट्रंप को निशाना बनाने के लिए भाड़े के हत्यारों (सुपारी किलर्स) की तलाश कर रहे थे।
इस साल की शुरुआत में अमेरिकी अदालतों में ऐसे ही एक पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध आसिफ मर्चेंट से जुड़े मामले का खुलासा हुआ था, जिस पर ईरान के इशारे पर अमेरिका में राजनीतिक हत्याओं की साजिश रचने का आरोप था। इसके अलावा, ईरान की संसद में भी समय-समय पर अमेरिकी जनरलों द्वारा 2020 में मारे गए ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए ट्रंप के सिर पर करोड़ों डॉलर के इनाम वाले बिलों पर चर्चा होती रही है।
क्या युद्ध की ओर बढ़ रहा है पश्चिम एशिया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो अमेरिका आने वाले दिनों में उसकी पूरी बिजली ग्रिड और पानी के डिसेलिनेशन (खारे पानी को मीठा बनाने वाले) प्लांट जैसी नागरिक बुनियादी ढांचों को भी तबाह कर सकता है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वे ईरान पर फिर से पूरी तरह से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर सकते हैं।
हालांकि, अंकारा में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने यह भी कहा, "मुझे उम्मीद है कि यह मौजूदा सैन्य तनाव बहुत जल्द ही खत्म हो जाएगा। हम लंबे समय तक युद्ध नहीं खींचना चाहते, लेकिन हम अपनी सुरक्षा से कोई समझौता भी नहीं करेंगे।" वैश्विक कूटनीति के जानकारों का मानना है कि ट्रंप के इस नए दावे और अमेरिका की ताजा बमबारी के बाद पूरे पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है।














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