VIDEO: देखिए कैसे चीन का स्पेस स्टेशन तियांगोंग-1 चकनाचूर होकर समुद्र में गिरा
बीजिंग। चीन का तियांगोंग-1 स्पेस स्टेशन क्रैश होकर प्रशांत महासागर में गिर चुका है, हालांकि, इससे किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचा है। चीन की न्यूज एजेंसी झिन्हुआ ने कहा कि स्पेसक्राफ्ट ने सोमवार को 00:15 बजे पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, जो दक्षिणी प्रशांत महासागर के ऊपर जलकर चकनाचूर हो गया। वैज्ञानिकों के अनुसार, स्पेस स्टेशन 2016 में आउट ऑफ कंट्रोल हो गया था, जिसके बाद उसे रि-एंटर कराने की कोशिश की जा रही थी।

चीन ने पहले ही कर दिया था आगाह
यूएस मिलिट्री के ज्वॉइंट फोर्स स्पेस कंपोनेंट कमांड (JFSCC) ने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और साउथ कोरिया और यूनाइटेड किंगडम में अपने काउंटरपार्ट्स से बात कर सुनिश्चित किया कि तियांगोंग-1 समुद्र मे जाकर ही गिरा है। इससे पहले यूरोपियन एजेंसी ने सटीक भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि यह समुद्र के पर गिर सकता है। वहीं, तियांगोंग-1 के पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश की सूचना यूएस समेत दुनिया भर की स्पेस एजेंसियों को इसके बारे में आगाह पहले ही कर दिया था।

चीन ने 2011 में किया था लॉन्च
चीन ने 2011 में तियांगोंग-1 को बिना किसी यात्री लॉन्च किया गया था। ये लैब पृथ्वी की कक्षा से 350 किलोमीटर ऊपर स्थापित किया गया था। बता दें कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी की कक्षा से करीब 400 किलोमीटर ऊपर मौजूद है। चीन के 2022 तक अंतरिक्ष में एक स्थाई स्पेस स्टेशन भेजने की राह में ये एक कामयाब मिशन था। इसी मिशन के दौरान 2012 और 2013 में अंतरिक्ष की यात्रा करने वाली लीयू यांग और वांग यैपिंग दोनों पहली चीन की महिलाएं थीं।
1979 में स्कायलैब हुआ था
चीन के तियांगोंग-1 की तरह ही 1979 में अमेरिकी स्पेस एजेंसी का 8 टन वाला 'स्कायलैब' पूरी तरह से आउट ऑफ कंट्रोल हो गया था। जिसका कुछ हिस्सा टूटकर पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में जाकर गिरा था, हालांकि इसमें किसी को कोई नुकसान हुआ था। बता दें कि चीन ने अपना दूसरा तियांगोंग-1 को दूसरे साल लॉन्च किया था, जिस पर ऑपरेशन जारी है।












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