अमेरिकी हमले का टॉप सीक्रेट प्लान फिर हुआ लीक, ट्रंप के रक्षा मंत्री ने पत्नी को बता दी 'यमन वॉर' की डिटेल
Pete Hegseth News: अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर फिर से यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान की संवेदनशील गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है। न्यूयॉर्क टाइम्स रिपोर्ट के मुताबित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिग्नल (Signal) मैसेजिंग ऐप पर 'यमन वॉर का टॉप सीक्रेट प्लान' अपनी पत्नी जेनिफर राउचेट हेगसेथ, भाई फिल हेगसेथ और निजी वकील टिम पार्लटोर सहित करीब एक दर्जन लोगों को शेयर किया है।
पीट हेगसेथ ने अमेरिका सैन्य अभियान का पूरा सीक्रेट डॉक्यूमेंट एक निजी सिग्नल ग्रुप में शेयर किया। इस ग्रुप का नाम Defense Team Huddle है, जिसे हेगसेथ ने जनवरी 2025 में बनाया था। इस चैट के लिए हेगसेथ सरकारी डिवाइस का नहीं बल्कि अपने निजी फोन का इस्तेमाल कर रहे थे।

अमेरिका के रक्षा मंत्री ने पहले पत्रकार के साथ शेयर की थी जानकारी
ये पहली बार नहीं है, इससे पहले भी अमेरिका के यमन वॉर की प्लानिंग लीक हो चुकी है। ट्रंप के प्रशासन ने यमन में हूती उग्रवादियों पर हमला करने की योजना एक पत्रकार के साथ शेयर कर दी थी। द अटलांटिक के रिपोर्ट के मुताबिक हेगसेथ ने 15 मार्च को हुए यमन पर हमले का समय और रणनीतिक जानकारी सिग्नल ऐप के एक ग्रुप चैट में शेयर कर दी थी। इस ग्रुप में वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी और द अटलांटिक के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग थे।
ट्रंप कैबिनेट के अधिकारियों ने सीक्रेट प्लानिंग के लिए बनाया था ग्रुप
असल में डोनाल्ड ट्रंप के बड़े अधिकारियों ने यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले की सीक्रेट प्लानिंग की चर्चा करने के लिए मैसेजिंग ऐप पर ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में हमेशा संवेदनशील और गोपनीय जानकारी साझा की जा रही थी। इस ग्रुप में, अमेरिका यमन में हूती विद्रोहियों पर हमला कब करेगा, कैसे करेगा, कितने बजे हमला होगा, क्या हथियार होंगे, कितने सैनिक होंगे? लेकिन पूरा खेल वहीं खराब हो गया, जब अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) माइक वॉल्ट्ज ने इस ग्रुप में एड करने के लिए द अटलांटिक के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग रिक्वेस्ट भेजी। जहां से ये पूरा माला सामने आया। इस ग्रुप में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज, विदेश मंत्री मार्को रुबियो समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हैं।
अब जब फिर से ऐसे संवेदनशील जानकारी लीक हुई है तो सवाल उठ रहे हैं कि क्या डोनाल्ड ट्रंप के बड़े अधिकारी ऐसी टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट की जानकारी शेयर करने के लिए एक अनक्लासिफाइड मैसेजिंग सिस्टम पर निर्भर हैं। बता दें कि सिग्नल ऐप व्हाट्सऐप की तरह ही है।












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