पाकिस्तान की संसद में ‘हिंदुस्तान की तारीफ’, संसद में अमेरिकी बर्ताव पर जमकर ‘रोए’ इमरान के मंत्री
पाकिस्तान की संसद में आज एक बार फिर से शाह महमूद कुरैशी ने अपने भाषण में एक बार नहीं, बल्कि कई बार भारत का जिक्र किया और पाकिस्तान संसद में भारत के जिंदाबाद विदेश नीति की तारीफ की।
इस्लामाबाद, अप्रैल 09: इमरान खान अपनी सरकार बचाने के लिए हर दांव-पेंच का इस्तेमाल कर रहे हैं और अमेरिका पर साजिश करने के आरोप लगाने वाले इमरान खान अब भारत का जिक्र कर भी अपनी सरकार बचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से बचने के लिए पीटीआई सरकार के व्यस्त प्रयासों के बावजूद, उनके भाग्य का फैसला करने के लिए नेशनल असेंबली का ऐतिहासिक सत्र शनिवार सुबह 10:30 बजे शुरू हो ही गया है और इमरान खान के मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संसद में काफी देर तक भारत के बारे में ही बोलते रहे।

मंत्री को तीन घंटे बोलने का आदेश
पाकिस्तान नेशनल असेंबली ने काफी देर तक संसद को स्थगित रखा, लेकिन आखिरकार उन्हें दोपहर 2:30 बजे संसद सत्र को फिर से शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा और फिर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपना भाषण करने आ गये। जियो न्यूज को सूत्रों ने बताया कि सत्र को जानबूझकर विलंबित किया गया है और पीटीआई के मंत्री अपने भाषणों को लंबा करने की कोशिश करेंगे। वरिष्ठ एंकरपर्सन हामिद मीर ने कहा कि कुरैशी, जो सत्र बाधित होने पर बोल रहे थे, ब्रेक के बाद अपना भाषण जारी रखेंगे, उन्होंने कहा कि, शाह महमूद कुरैशी को इमरान खान ने कम से कम तीन घंटे बोलने का निर्देश दिया है। हालांकि, शाह महमूद कुरैशी करीब एक घंटे बोलने के बाद चुप हो गये।

पाकिस्तानी संसद में 'हिंदुस्तान जिंदाबाद'
पाकिस्तान की संसद में आज एक बार फिर से शाह महमूद कुरैशी ने अपने भाषण में एक बार नहीं, बल्कि कई बार भारत का जिक्र किया और पाकिस्तान संसद में भारत के जिंदाबाद विदेश नीति की तारीफ की। शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि, 'भारत की विदेश नीति पूरी तरह से आजाद है।' कुरैशी ने कहा कि, 'भारत ने पिछले महीने 9 मार्च को एक मिसाइल पाकिस्तान पर छोड़ देता है, खुदा का शुक्र है, उसमें वारहेड नहीं था, नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है। हमने इस मुद्दे को हर देश के सामने उठाया'। कुरैशी ने कहा कि, 'हमने अमेरिका से भारत की शिकायत की, लेकिन हमें कहा गया, कि भारत हमारा पार्टनर है और हम चीन को रोकने के लिए एक दूसरे के साथ हैं।' इसके साथ ही पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने एक बार फिर से पाकिस्तान की संसद में भारतीय विदेश नीति की तारीफ की।
अमेरिका नहीं कर रहा सही वर्ताव
सत्र फिर से शुरू होने के बाद, कुरैशी ने कहा कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) को "शीर्ष-गुप्त दस्तावेज" के विवरण के बारे में सूचित किया गया था, तो मंच ने तुरंत इस मामले पर संसद का एक सत्र बुलाने की, ताकि मामले की जांच की जा सके। आगे कुरैशी ने कहा कि, कि 3 अप्रैल को डिप्टी स्पीकर ने कभी भी अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान का विरोध नहीं किया, उन्होंने केवल इतना कहा कि एक अभूतपूर्व स्थिति आ गई है और इस पर परामर्श के बाद निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मीडिया और पाकिस्तान के लोग "खरीद-फरोख्त" की स्थिति और "बिक्री के लिए बाजार" से अवगत हैं। उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर "एमएनए की वफादारी खरीदने के लिए असंवैधानिक उपाय" अपनाने का आरोप लगाया। शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि, 'पाकिस्तान एक संप्रभु राज्य है ... मैं रिकॉर्ड में लाना चाहता हूं कि, यूएस एनएसए ने पाकिस्तान के एनएसए को बुलाया और हमें (रूस) नहीं जाने का आदेश दिया। इस तरह से किस देश को आदेश दिया गया है?'
भारत-पाकिस्तान पर अलग अलग नजर
नेशनल असेंबली में बोलते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि, 'वे (अमेरिका) पाकिस्तान और भारत को अलग-अलग नजरों से देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे भारत को चीन की नजर से देखते हैं। पीटीआई सरकार सभी के साथ अच्छे संबंध चाहती है और रूस, चीन सहित हमारी राजनयिक पहुंच का विस्तार करती है'। उन्होंने कहा कि, "दुनिया में किसी भी संप्रभु राज्य को दूसरे देशों से दिशा निर्देश कहां मिलती है और कौन सा स्वतंत्र देश ऐसे निर्देशों को स्वीकार करता है?" उन्होंने कहा कि, "पाकिस्तान के अधिकारियों ने सोचा, कि यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल बातचीत और कूटनीति की वकालत करेगा क्योंकि पाकिस्तान किसी भी आक्रमण के पक्ष में नहीं है।"












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