बांग्लादेश में अचानक दिखी US आर्मी, म्यांमार पहुंची इंडियन फौज, आखिर चल क्या रहा है?
पड़ोसी मुल्क में हलचल तेज है। एक तरफ जहां बांग्लादेश में अमेरिकी फौज की मौजूदगी ने सबको चौंका दिया है, वहीं भारत ने भी म्यांमार में अपनी सेना भेजी है। क्या इन घटनाओं का आपस में कोई संबंध है? क्या ये सिर्फ नियमित सैन्य अभ्यास हैं या फिर इसके पीछे कोई बड़ी भू-राजनीतिक कहानी छिपी है? आइए, इन रहस्यों को समझते हैं।
शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से ही बांग्लादेश और अमेरिका के सैन्य संबंधों में तेजी देखी जा रही है। इस बीच अमेरिकी सेना और वायु सेना के लगभग 120 अधिकारियों का एक बड़ा दल बांग्लादेश पहुंचा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ये अधिकारी चटगांव के एक फाइव-स्टार होटल में ठहरे हुए हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि होटल के रजिस्टर में उनके नाम दर्ज नहीं हैं।

इन अधिकारियों का आगमन एक संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए बताया जा रहा है, लेकिन इसका उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले ढाका के एक होटल में एक अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस कमांड अधिकारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उनकी पहचान टेरेंस आर्वेले जैक्सन के रूप में हुई थी। वे अप्रैल से ही बांग्लादेश में सैनिकों को प्रशिक्षण दे रहे थे।
भारत की चिंताएं और म्यांमार में गतिविधियां
बांग्लादेश में अमेरिकी सैनिकों की इस अचानक उपस्थिति ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच, भारतीय सेना ने भी म्यांमार में एक टुकड़ी भेजी है। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के लिए म्यांमार एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
भारत ने म्यांमार में सेना की तैनाती पर क्या कहा?
म्यांमार में सेना की तैनाती को लेकर भारतीय अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि यह क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों को देखते हुए एक रणनीतिक कदम है। भारत अपनी सीमा और हितों की सुरक्षा के लिए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
क्या है इन घटनाओं का मकसद?
बांग्लादेश और अमेरिका की सेनाओं के बीच टाइगर लाइटनिंग-2025 जैसे नियमित अभ्यास होते रहते हैं, लेकिन इस बार अमेरिकी सैनिकों का आगमन जिस तरह से हुआ है-चुपचाप और बिना किसी रिकॉर्ड के-वह कई सवाल खड़े करता है। क्या यह सब सिर्फ एक सामान्य अभ्यास है, या फिर इसके पीछे क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदलने की कोई बड़ी योजना है?
क्या भारत का म्यांमार में सेना भेजना इसी भू-राजनीतिक बदलाव का हिस्सा है? इन सभी सवालों का जवाब समय ही देगा, लेकिन इतना तय है कि भारत के पड़ोस में हो रही ये गतिविधियाँ आने वाले समय में बड़ी हलचल पैदा कर सकती हैं।












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