PM मोदी के दौरे के बीच US से आई गुड न्यूज, बाइडन सरकार भारतीयों के लिए करने जा रही ये बड़ा काम
इस ऐलान के बाद कुछ भारतीय और दूसरे विदेशी वर्कर्स को विदेश जाए बिना अमेरिका में अपने वीजा को रिन्यू करने का मौका मिल सकेगा।
भारतीयों के लिए अमेरिका में रहना और काम करना और आसान होने जा रहा है। इसके लिए बाइडेन प्रशासन ने अमेरिका में रहने और काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए एच1बी वीजा नियमों में ढील देने का मन बनाया है।
इस मामले से परिचित कम से कम 3 लोगों के मुताबिक, बाइडन प्रशासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सप्ताह की राजकीय यात्रा का उपयोग भारतीयों को देश में प्रवेश करने या रहने में मदद करने के लिए वीजा नियमों में ढील देकर कर सकता है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों में से एक ने कहा, विदेश विभाग गुरुवार को इसकी घोषणा कर सकता है कि कुछ भारतीय और अन्य विदेशी कर्मचारी स्वदेश जाए बिना अमेरिका में ही एच1बी वीजा को रिन्यू करा सकेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक यह एक पायलट प्रोजेक्ट होगा, जिसका आने वाले वर्षों में विस्तार किया जा सकता है। आपको बता दें कि भारतीय नागरिक अब तक यूएस एच1-बी वीजा के सबसे सक्रिय उपयोगकर्ता रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 442000 ने एच1-बी वीजा का उपयोग किया, जिनमें से 73% भारतीय नागरिक थे।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, 'हम सभी मानते हैं कि हमारे लोगों की मॉबिलिटी ही हमारे लिए एक बड़ी संपत्ति है और इसलिए हमारा लक्ष्य बहुमुखी तरीके से उन्हें सुविधाएं उपलब्ध करना है। विदेश विभाग लंबे समय से इन चीजों में बदलाव लाने के लिए रचनात्मक तरीके से कड़ी मेहनत कर रहा है।'
हालांकि कौन से प्रकार के वीजा योग्य होंगे या पायलट प्रोजेक्ट के लॉन्च का समय क्या होगा, इन सवालों पर विदेश विभाग के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इससे पहले फरवरी में ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में इस पायलट प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी गई थी।
विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अगले एक से दो साल के अंदर इस प्रोग्राम को विस्तृत करने के इरादे से कम संख्या के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी। उन्होंने इस प्रोग्राम को छोटा बताने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि प्रोग्राम के कुछ तरीकों को बदला जा सकता है।
हालांकि व्हाइट हाउस ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि योजना में बदलाव हो सकते हैं और जब तक उनकी घोषणा नहीं हो जाती, तब तक उन्हें अंतिम रूप नहीं दिया जाता।
आपको बता दें कि हर साल, अमेरिकी सरकार कुशल विदेशी श्रमिकों की तलाश करने वाली कंपनियों को 65,000 एच-1बी वीजा उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही उन्नत डिग्री वाले श्रमिकों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा उपलब्ध कराती है। यह वीजा की अवधि 3 सालों तक की होती है। इसे फिर से 3 सालों के लिए रिन्यू किया जा सकता है।
अमेरिकी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, हाल के सालों में सबसे अधिक एच-1बी कर्मचारियों का उपयोग करने वाली कंपनियों में भारत स्थित इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के साथ-साथ अमेरिका में अमेजन, अल्फाबेट और मेटा शामिल हैं।
बता दें कि भारत समेत कई देशों में अमेरिका के वीजा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। खासकर कोरोना संकट के बाद जब से अमेरिका ने कोरोना प्रतिबंधों में छूट दी है, तब से भारत से अमेरिका जाने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। कुछ महीने पहले कई रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिका जाने वाले लोगों के लिए वीजा का इंतजार 800 दिन तक बढ़ गया है।












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