'यूक्रेन पर भारत के फैसले से US के साथ संबंधों पर नहीं पड़ेगा असर', चीन-भारत तनाव पर भी बोला अमेरिका

यूनाइटेड नेशंस में यूक्रेन पर संबंधित वोटिंग के दौरान भारत ने ना तो अमेरिका के पक्ष में वोट किया और ना ही रूस के पक्ष में और भारत ने वोट डाला।

वॉशिंगटन, फरवरी 04: अमेरिका ने कहा है कि, यूक्रेन पर भारत सरकार द्वारा यूनाइटेड नेशंस में वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने का भारत-अमेरिका संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा है कि, भारत और अमेरिका के अपने अलग संबंध हैं और यूक्रेन संकट पर भारत जो भी फैसला ले, उससे दोनों देशों के संबंध पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने चीन-भारत द्वीपक्षीय संबंधों को लेकर भी बड़ा बयान दिया है।

भारत के फैसले से संबंधों पर असर नहीं

भारत के फैसले से संबंधों पर असर नहीं

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस से जब पूछा गया कि, यूक्रेन संकट को लेकर अमेरिका और रूस के बीच जारी विवाद का क्या भारत और अमेरिका के संबंधों पर कोई असर भी पड़ेगा? इस सवाल पर बोलते हुए नेड प्राइस ने कहा कि, 'नहीं, भारत के साथ हमारे संबंध अलग मुद्दों पर आधारित हैं और दोनों देशों के बीच के संबंध अलग ग्राउंड्स पर हैं'। दरअसल, इसी हफ्ते यूनाइटेड नेशंस में यूक्रेन पर संबंधित वोटिंग के दौरान भारत ने ना तो अमेरिका के पक्ष में वोट किया और ना ही रूस के पक्ष में और भारत ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि, वोट नहीं करके भारत ने एक तरह से रूस का ही साथ दिया है, जबकि अमेरिका को उम्मीद थी कि, वोटिंग के दौरान भारत उसका साथ देगा।

चीन-भारत संबंध पर बोला अमेरिका

चीन-भारत संबंध पर बोला अमेरिका

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बीजिंग ओलंपिक के मशाल कार्यक्रम में गलवान के 'गुनहगार' को मशालवाहक बनाने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने कहा कि, 'जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का मुद्दा आता है, तो हम दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत को सपोर्ट करते हैं और हम चाहते हैं कि दोनों देश आपसी बातचीत के जरिए शांतिपूर्वक इस तनाव का समधान निकालें।' आपको बता दें कि, चीन ने विंटर ओलंपिक में अपनी सेना के जिस गलवान कमांडर को मशालवाहक बनाकर अंतरराष्ट्रीय खेल के मंच को राजनीति का अखाड़ा बनाने की कोशिश की है और चीन के इस फैसले का विरोध करते हुए भारत ने ओलंपिक समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम को बॉयकॉट किया है।

'पड़ोसियों को धमकाता है चीन'

'पड़ोसियों को धमकाता है चीन'

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, चीन की अपने पड़ोसी देशों को एक निश्चित पैटर्न के तहत धमकाने की कोशिश करता रहता है और अमेरिका इसको लेकर अपनी चिंताएं जता चुका है, लेकिन हम अपने दोस्तों के साथ खड़े हैं। हम अपने पार्टनर्स और अपने सहयोगियों के साथ खड़े हैं और हम अपनी सुरक्षा, समृद्धि और वैल्यूज को इंडो-पैसिफिकि में और मजबूत कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि, चीन की पड़ोसियों को धमकाने वाली नीति के खिलाफ अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ खड़ा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+