अमेरिका ने यूक्रेन के साथ किया धोखा? चुपके से तैयार किया 'आत्मसमर्पण' ड्राफ्ट, अब क्या करेंगे ज़ेलेंस्की
Ukraine Peace Plan: यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका ने एक व्यापक शांति योजना का मसौदा प्रस्तुत किया है, जिसने कीव और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ा दिया है। इस 28-बिंदुओं वाले प्रस्ताव में यूक्रेन से रूस को डोनबास क्षेत्र सौंपने और यूक्रेनी सेना के आकार को सीमित करने जैसी महत्वपूर्ण रियायतें देने का आग्रह किया गया है। मसौदे में NATO के विस्तार को रोकने की बात भी शामिल है, जिसे मॉस्को के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
हालांकि इस प्रस्ताव को यूक्रेन की भागीदारी के बिना तैयार किया गया है, लेकिन अमेरिकी सैन्य और वित्तीय सहायता पर भारी निर्भरता के कारण राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की अब वाशिंगटन के साथ इस पर बातचीत करेंगे। यूरोपीय सहयोगी इस योजना को लेकर चिंतित हैं क्योंकि इसमें रूस से किसी स्पष्ट पारस्परिकता की प्रतिबद्धता नहीं है। इस योजना में यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए $100 बिलियन की रूसी परिसंपत्तियों का उपयोग करने का भी प्रावधान है।

Russia Ukraine War: अमेरिकी शांति योजना के मुख्य विवादास्पद बिंदु
एसोसिएटेड प्रेस (AP) द्वारा रिपोर्ट किए गए अमेरिकी मसौदा शांति प्रस्ताव में कई ऐसे प्रावधान हैं जिन्होंने कीव और यूरोपीय नेताओं के बीच चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस प्रस्ताव में यूक्रेन से पूर्वी डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने की मांग की गई है, साथ ही भविष्य में यूक्रेनी सेना के आकार को सीमित करने का आह्वान भी किया गया है। सबसे विवादास्पद कदम यह है कि यह मसौदा NATO के भविष्य में विस्तार को रोकेगा, जिसे मॉस्को की एक प्रमुख रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, सकारात्मक पक्ष पर, योजना में यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए $100 बिलियन की फ्रीज की हुईं रूसी परिसंपत्तियों का उपयोग करने और रूस को वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से जोड़ने का रास्ता बनाने का भी प्रस्ताव है।
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यूक्रेन पर बातचीत का दबाव और ज़ेलेंस्की की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सैन्य और वित्तीय सहायता पर यूक्रेन की भारी निर्भरता को देखते हुए, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की पर इस 28-बिंदुओं वाले मसौदे पर विचार करने का अत्यधिक दबाव है। यूक्रेन की भागीदारी के बिना तैयार किए गए इस प्रस्ताव ने कीव में तनाव पैदा कर दिया है। ज़ेलेंस्की जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इस "अत्यधिक महत्वपूर्ण" प्रस्ताव पर बात करने वाले हैं। गुरुवार को, कीव में एक वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद, ज़ेलेंस्की ने प्रस्ताव पर विचार करने के लिए वाशिंगटन के साथ "रचनात्मक, ईमानदार और त्वरित कार्य" के लिए तत्परता व्यक्त की। उनके कार्यालय ने पुष्टि की है कि कीव अमेरिका और यूरोपीय भागीदारों के समन्वय में "न्यायसंगत शांति" प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूरोपीय देशों ने जताई चिंताएं
यूक्रेन से महत्वपूर्ण रियायतें माँगने वाले इस प्रस्ताव ने यूरोपीय देशों में गहरी बेचैनी पैदा कर दी है। यूरोपीय सहयोगियों ने इस पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है, जो इस चिंता का संकेत है कि रूस से समानांतर समझौते की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं है। फ्रांस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोहराया कि "शांति आत्मसमर्पण नहीं हो सकती"। वहीं यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने भी अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि मॉस्को पर समान रूप से समझौता करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। यह चिंता यूरोपीय नेताओं के बीच इस भावना को दर्शाती है कि अमेरिका की कूटनीति यूक्रेन के हितों की कीमत पर हो सकती है।
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युद्ध के मैदान में दबाव और अमेरिकी कूटनीति का समय
यह अमेरिकी कूटनीति ऐसे समय में सामने आई है जब यूक्रेन युद्ध के मैदान में बढ़ते दबाव और आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रहा है। रूसी सेना पोक्रोव्स्क की ओर लगातार आगे बढ़ रही है, और मॉस्को ने यूक्रेन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की राजनीतिक चुनौतियां भी बढ़ गई हैं, हाल ही में एक भ्रष्टाचार कांड के कारण दो कैबिनेट मंत्रियों को बर्खास्त किया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पहल का बचाव करते हुए कहा कि स्थायी शांति के लिए "गंभीर और यथार्थवादी विचारों" और दोनों पक्षों से "कठिन समझौतों" की आवश्यकता होगी, जिससे यह साफ होता है कि अमेरिका अब इस संघर्ष को तेज़ी से समाप्त करना चाहता है।
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