राष्ट्रपति पुतिन के आगे झुके राष्ट्रपति ओबामा, साथ मिलकर लाएंगे एक प्रस्ताव
मॉस्को। अमेरिका की सभी धमकियां और सारी चुनौतियां रूस और राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन के आगे कमजोर साबित हुईं। सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ रूस के साथ किसी भी तरह से कोई संपर्क न करने की बात कहने वाले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अब रूस के साथ आने का मन बना लिया है।

रूस और अमेरिका दोनों ने फैसला किया है कि न्यूयॉर्क में 18 दिसंबर को दोनों देश सीरिया से जुड़ा एक प्रस्ताव लाएंगे।
मॉस्को में अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी ने राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरॉफ़ से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान ही जॉन कैरी ने सीरिया में शांति प्रक्रिया पर काफी लंबी बातचीत की। कैरी ने जानकारी दी कि आतंकी संगठनों पर दोनों देशों के बीच कुछ मामलों में सहमति बनी है।
वहीं सर्गेई लावरॉफ बताया कि विवादित मसलों पर अमेरिका और रूस बातचीत जारी रखेंगे। रूस के राष्ट्रपति पुतिन की ओर से बताया गया कि दोनों देश मिलकर सबसे गंभीर संकटों के हल पर विचार कर रहे हैं।
सीरिया में वर्ष 2014 से अमेरिका के नेतृत्व में गठबंधन देशों की ओर से आईएसआईएस के खिलाफ हमले जारी हैं। वहीं रूस ने सितंबर के अंत से ही सीरिया में हवाई हमले जारी रखे हैं।
इन हमलों के बाद अमेरिका और रूस के बीच तनाव बढ़ गया था। अमेरिका ने रूस को सीरिया से हटने की चेतावनी तक दे डाली थी। इसके बाद इजिप्ट के अंटालया में जी-20 सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के राष्ट्रपति की मुलाकात हुई जिसमें इस संकट पर विस्तार से चर्चा की गई थी।
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की ओर से भी पिछले माह बयान दिया गया था कि रूस ने जब से सीरिया में हवाई हमले शुरू किए हैं तब से ही यहां पर आईएसआईएस कमजोर होने लगा है।
हालांकि पश्चिमी देशों का कहना है कि रूस राष्ट्रपति बशर अल-असद के विरोधियों को निशाना बना रहा है। राष्ट्रपति असद को सत्ता से हटाने पर रूस और अमेरिका के बीच मतभेद बने हुए हैं।
अमेरिका का कहना है कि शांति प्रक्रिया से पहले राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाना चाीिए। लेकिन रूस का मानना है कि असद के भविष्य का फैसला करने सीरिया की जनता को लेने दिया जाए।












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