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Sleep apnea: सांस लेना भूलने वाली बीमारी स्लीप एपनिया क्या है, जिससे पीड़ित हैं बाइडेन, लड़ पाएंगे चुनाव?

Joe Biden Sleep apnea: व्हाइट हाउस ने बुधवार को खुलासा किया है, कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लंबे समय से चली आ रही स्लीप एपनिया से निपटने के लिए सीपीएपी मशीन का उपयोग शुरू कर दिया है।

व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव एंड्रयू बेट्स ने एक बयान में कहा, कि "साल 2008 में ही मेडिकल टेस्ट के दौरान पता चला था, कि राष्ट्रपति बाइडेन स्लीप एपनिया से जूझ रहे हैं और इस बीमारी के साथ उनका लंबा इतिहास रहा है। लेकिन अब उन्होंने कल रात सीपीएपी मशीन का इस्तेमाल किया है, जो इस बीमारी वाले मरीजों के लिए आम है।"

Joe Biden Sleep apnea

राष्ट्रपति बाइडेन अगले साल होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भी उतरने की घोषणा कर चुके हैं, लिहाजा जानना जरूरी हो जाता है, कि ये बीमारी क्या है, इसका इलाज क्या है और क्या बाइडेन, 2024 का चुनाव लड़ पाएंगे?

क्या होती है स्लीप एपनिया बीमारी

स्लीप एपनिया एक नींद की स्थिति है, जिसमें व्यक्ति सोते समय सांस लेना अचानक बंद कर देता है और सोने के दौरान ऐसा बार-बार शुरू हो जाता है।

स्लीप एपनिया के दो मुख्य प्रकार हैं। पहला ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) है, जो सबसे आम रूप है और नेशनल हार्ट लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट के अनुसार, ये तब होता है, जब किसी इंसान के गले की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और फेफड़ों में वायु के प्रवाह को अवरुद्ध कर देती हैं।

दूसरा रूप, सेंट्रल स्लीप एपनिया (सीएसए) है और ये तब होता है, जब मस्तिष्क, सांस को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों को ठीक से संकेत नहीं भेजता है।

इसके अन्य लक्षणों में नींद के दौरान बार-बार जोर से खर्राटे लेना और सांस नहीं ले पाने की वजह से हांफना शामिल है। वहीं, इस बीमारी से पीड़ित लोग, जागते समय भी काफी थकान में रहता है, उसका मुंह बार बार सूखता है, सिर में दर्द रहता है और रात में पेशाब करने के लिए बार बार जागना पड़ता है। इसके साथ ही, इस बीमारी से पीड़ित लोगों को सेक्स से संबंधित भी कई तरह की दिक्कतें आती हैं।

स्लीप एपनिया का कैसे होता है इलाज

यदि किसी व्यक्ति को स्लीप एपनिया से पीड़ित माना जाता है, तो उस मरीज को स्लीप डिसऑर्डर सेंटर में इलाज के लिए भेजा जा सकता है, जहां मरीज की रातभर निगरानी की जाती है।

इसके अलावा, मरीज को रात में सोते वक्त पॉलीसोम्नोग्राफी से जोड़ दिया जाता है, जिसमें एक मरीज को ऐसे उपकरण से जोड़ा जाता है जो हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क की गतिविधि पर नज़र रखता है। इस दौरान मरीज के ब्लड प्रेशर, ब्लड ऑक्सीजन का स्तर, सांस लेने का पैटर्न समेत तमाम गतिविधियों पर बारीक नजर रखी जाती है।

इसके अलावा, घरेलू नींद परीक्षण भी किए जा सकते हैं, जिसमें नींद के दौरान मरीज की हृदय गति, वायु प्रवाह, रक्त ऑक्सीजन स्तर और सांस लेने के पैटर्न को मापना शामिल है, लेकिन ये प्रक्रिया क्लिनिक ना जाकर, घर पर ही किया जाता है।

क्या स्लीप एपनिया गंभीर है?

लाखों लोग स्लीप एपनिया से पीड़ित हो सकते हैं। हालांकि, ये बीमारी हानिरहित लगती है, लेकिन यह गंभीर हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, ओएसए की जटिलताओं में हृदय संबंधी समस्याएं, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 मधुमेह या किडनी की समस्याएं शामिल हैं, जबकि सीएसए हृदय संबंधी जटिलताओं को जन्म दे सकता है।

दोनों प्रकार के स्लीप एपनिया से दिन में उनींदापन या थकान हो सकती है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है। जो बाइडेन के मुंह से अकसर कुछ गलत शब्द निकलते देखे गये हैं। वहीं, वो कई बार गिर भी चुके हैं।

सीपीएपी मशीन क्या है?

सीपीएपी मशीन के जरिए स्लीप एपनिया के मरीज को लगातार ऑक्सीजन दी जाती है और यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल रखता है। स्लीप एपनिया के इलाज का ये एक सामान्य तरीका है।

सीपीएपी मशीनें वायुमार्ग को खुला रखती हैं, ताकि लोग सोते समय ऑक्सीजन प्राप्त कर सकें। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इस प्रक्रिया से ना सिर्फ मरीज को गहरी नींद आती है, बल्कि दिल के दौरे और स्ट्रोक आने का खतरा भी काफी कम हो जाता है।

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