चीन-पाक को मदद देने पर भड़कीं निक्की हेली, बोलीं- राष्ट्रपति बनीं तो सबका एक-एक पाई बंद करा दूंगी
हेली ने अमेरिका की पिछली सरकारों और राष्ट्रपतियों पर धारदार हमले करते हुए कहा कि यह सिर्फ जो बाइडन की कहानी नहीं है। यह दोनों पार्टियों (डेमोक्रेट्स-रिपब्लिकन) के नेतृत्व में दशकों से हो रहा है।

File Image: PTI
अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की नेता और राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का ऐलान करने वाली निक्की हेली ने अपने चुनाव प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। निक्की हेली ने बाइडन प्रशासन की ओर से शत्रु देशों को भेजी जा रही मदद को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि वह अगर सत्ता में आती हैं तो पाकिस्तान जैसे देशों को भेजी जा रही विदेशी सहायता को बंद करवा देंगी। उन्होंने कहा, "मैं अपने दुश्मनों को मदद के तौर पर भेजी जा रही फंडिंग को पूरी तरह रोक दूंगी"
एक-एक फीसदी की कटौती करेंगी
निक्की हेली ने कहा है कि अगर सत्ता में आती हैं तो वह अमेरिका से नफरत करने वाले देशों को मिलने वाली विदेशी सहायता में एक-एक फीसदी की कटौती करेंगी। इसमें इसमें चीन, पाकिस्तान और अन्य विरोधी शामिल हैं क्योंकि एक मजबूत अमेरिका बुरे लोगों को भुगतान नहीं करता है। उन्होंने कहा कि वह हर एक पैसे में कटौती करेंगी जो उन लोगों को जाता है जो अमेरिकी से नफरत करते हैं। एक प्राउड अमेरिकी बुरे लोगों को को पैसे बांटकर अपनी गाढ़ी कमाई बर्बाद नहीं करता। निक्की हेली ने कहा कि सिर्फ वहीं नेता भरोसे के लायक हैं जो दुश्मनों के सामने खड़े हों और दोस्तों के साथ।
सहायता के नाम पर 46 अरब डॉलर खर्च
हेली ने शनिवार को बाइडन प्रशासन की ओर से विदेश भेजी जा रही मदद को लेकर निशाना साधा। अमेरिकी टैक्सदाताओं का पैसा अभी भी कम्युनिस्ट चीन के पास कुछ हास्यास्पद जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यक्रमों के नाम पर जा रहा है... वह भी तब जब चीन, अमेरिकियों के लिए सीधा खतरा है। न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए गए एक ऐड ओपियनियन में निक्की हेली ने लिखा है कि अमेरिका ने पिछले साल विदेशी सहायता के नाम पर 46 अरब डॉलर खर्च कर दिए। यह अब तक किसी भी अन्य देशों से अधिक है। निक्की हेली ने कहा कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स को यह जानने का हक है कि उनका पैसा कहां और किस मद में खर्च हो रहा है। वे यह जानकर चौंक जाएंगे कि इसका अधिकांश हिस्सा अमेरिकी विरोधी देशों को पहुंच रहा है।
ईरान को पैसा क्यों दिया?
निक्की ने आगे लिखा है कि अमेरिका ने पिछले कुछ वर्षों में ईरान को 2 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक की मदद के नाम पर भेजी है जबकि ये पैसा वहां के ठगों को मिल रहा है जो अमेरिकी की मौत चाहते हैं सैनिकों पर हमले करते हैं। बाइडेन प्रशासन ने एक भ्रष्ट संयुक्त राष्ट्र एजेंसी को 500 मिलियन डॉलर दिया है जो कि फिलिस्तीनी लोगों की मदद करती है और हमारे सहयोगी इजरायल के खिलाफ प्रचार करती है। निक्की हेली ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के खिलाफ सबसे अधिक बार मतदान करने वाले जिम्बाव्बे को अमेरिकी ने करोड़ों डॉलर दे दिए हैं।
पाकिस्तान को फिर से मदद शुरू
निक्की हेली ने कहा कि बाइडेन प्रशासन ने पाकिस्तान को एक बार फिर से सैन्य सहायता देना शुरू कर दिया है। उस पाकिस्तान को जो कि कम से कम एक दर्जन आतंकी संगठनों का घर है और यहां की सरकार बुरी तरह से चीन के प्रति समर्पित है। निक्की ने कहा, "हम बेलारूस तक को पैसा देते हैं, जो कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सबसे करीबी दोस्त है। हम कम्युनिस्ट देश क्यूबा को भी मदद भेजते हैं, जहां की सरकार ने हमें आंतकवाद का प्रायोजक करार दिया हुआ है।"
ऑटोपायलट मोड में चल रहा काम
निक्की हेली ने कहा कि यह सिर्फ बाइडेन प्रशासन के बारे में नहीं है। यह दोनों ही पार्टियों की कहानी है जो कई दशकों से चल रहा है। हमारी सहायता नीतियां अतीत में अटकी हुई हैं। ये ऑटोपायलट मोड में काम कर रहे हैं। ये हमारी सहायता प्राप्त करने वाले देशों के व्यवहार पर कोई विचार नहीं करते। इन करदाताओं के साथ की जा रही धोखाधड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए एक दृढ़ राष्ट्रपति की जरूरत है। हेली ने कहा कि वह अमेरिकी की ताकत, राष्ट्रीय गौरव और लोगों के भरोसे को बहाल करने के लिए राष्ट्रपति पद की दौड़ में हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल और यूक्रेन जैसे अमेरिकी सहयोगियों और दोस्तों का समर्थन करना चतुराई है।
'वैसी ही बनेंगी जैसी राजदूत थीं'
हेली ने लिखा है वह वैसी ही राष्ट्रपति बनेंगी जैसा वह राजदूत के रूप में थीं। निक्की ने आगे लिखा, "राजदूत के रूप में, मैंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पाकिस्तान को लगभग 2 बिलियन अमरीकी डॉलर की सैन्य सहायता में कटौती के फैसले का पुरजोर समर्थन किया क्योंकि वह उन आतंकवादियों का समर्थन करता है जो अमेरिकी सैनिकों को मारते हैं। यह हमारे सैनिकों, हमारे करदाताओं और हमारे महत्वपूर्ण हितों के लिए एक बड़ी जीत थी। लेकिन हम इससे आगे नहीं जा पाए। हम अभी भी पाकिस्तान को पैसा भेज रहे हैं। एक राष्ट्रपति के रूप में मैं सुनिश्चित करूंगी कि हमारा एक-एक पैसा सही जगह इस्तेमाल हो।












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