तो पाक में ड्रोन हमले ओबामा की मंजूरी के बिना ही होते हैं!
वाशिंगटन। अमेरिक दुनिया का महाशक्ति और इसका राष्ट्रपति दुनिया का ताकतवर नेता लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस नेता के पास विदेशी जमीन पर ड्रोन हमलों की मंजूरी देने का अधिकार नहीं है। जी हां, यह बात सच है और अब आप भी समझ लीजिए कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ड्रोन हमलों के लिए अमेरिकी सेनाएं या फिर एजेंसी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मंजूरी का इंतजार नहीं करते हैं।

बिना मंजूरी होगा हमला
शुक्रवार की रात अमेरिका में ड्रोन हमलों से जुड़ी प्रेसीडेंशियल गाइडलाइंस जारी हुई हैं। इन गाइडलाइंस में साफ है कि किसी अमेरिकी एजेंसी के हेड को विदेशी जमीन पर आतंकी पर हमले के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी की कोई जरूरत नहीं है। इन गाइडलांइस को फ्रीडम ऑफ इनफॉर्मेशन एक्ट के तहत सार्वजनिक किया गया है।
लेकिन अगर टारगेट अमेरिकी हो तो
गाइडलाइंस के मुताबिक राष्ट्रपति सिर्फ उसी हालत में ड्रोन हमलों के लिए मंजूरी देने के बाध्य हैं जब टारगेट कोई अमेरिकी नागरिक हो। लेकिन अगर विदेशी धरती है तो उनकी मंजूरी नहीं ली जाएगी। अभी तक अमेरिका की सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी यानी सीआईए और यूएस मिलिट्री ड्रोन हमलों को अंजाम देते आए हैं।
ओबामा ने बनाई थी नीति
इस नीति को वर्ष 2013 में राष्ट्रपति बराक ओबामा ही लेकर आए थे। नीति में यह भी कहा गया है कि ग्रीन कार्ड होल्डर पर हमले के लिए राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए जाना होगा। साथ ही अगर अमेरिकी एजेंसी का मुखिया हमले के टारगेट को लेकर दुविधा में है तो भी राष्ट्रपति से विचार विमर्श किया जा सकता है।
सबसे ज्यादा हमले पाक में
पाकिस्तान दुनिया का वह देश है जहां सबसे ज्यादा ड्रोन हमले अमेरिका करता है। लंदन की एक एजेंसी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 17 जून 2004 से पाक में ड्रोन हमलों की शुरुआत हुई थी। अब तक 423 ड्रोन हमले हो चुके हैं। इन हमलों में 2,499 से 4,001 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 424 से 966 आम नागरिक थे।












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