Stock Market: US में आर्थिक मंदी के डर से बाजार में कोहराम, निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्वाहा, आर्थिक आपातकाल?
Business and Economy: संयुक्त राज्य अमेरिका में संभावित मंदी की आशंकाओं की वजह से बाजार में कोहराम मच गया है और निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये डूब गये हैं। मंदी की आशंकाओं के चलते निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बना ली है, जिसका नतीजा ये निकला है, कि सोमवार को सेंसेक्स 2,400 अंक से ज्यादा नीचे खुला है, जबकि निफ्टी भारी शेयरों में बिकवाली की वजह से 24,300 के स्तर से नीचे फिसल गया है।
इस बीच, बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 10.24 लाख करोड़ रुपये घटकर 446.92 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानि, शेयर बाजार निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूब गये हैं।

ब्लू-चिप स्टॉक पर गंभीर प्रभाव
ब्लू-चिप शेयरों में टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एमएंडएम, मारुति और जेएसडब्ल्यू स्टील को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जो 6% तक गिर गए हैं। व्यापक बाजार में, फीनिक्स मिल्स, मदरसन इंटरनेशनल और कल्याण ज्वैलर्स के कारण निफ्टी 500 में 2.7% की गिरावट दर्ज की गई है।
जियोजित फाइनेंशियल के डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा, कि "वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी मुख्य रूप से अमेरिकी अर्थव्यवस्था के नरम रुख की आम सहमति वाली उम्मीदों से प्रेरित है। जुलाई में अमेरिका में रोजगार पैदा करने की क्षमता में गिरावट दर्ज की गई है और अमेरिकी बेरोजगारी दर के 4.3% तक तेजी से बढ़ने से यह उम्मीद अब खतरे में है।"
इसके अलावा, तनावपूर्ण जियो पॉलिटिक्स का भी गंभीर असर बाजार में देखा जा रहा है।

शेयर बाजार क्यों हुए हैं धड़ाम?
जियो-पॉलिटिकल तनाव ने भी बाजार के सेंटिमेंट को बुरी तरह से हिला डाला है, क्योंकि ईरान और उसके क्षेत्रीय प्रॉक्सियों को लेकर आशंका है, कि वो किसी भी वक्त इजराइल पर हमला कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने जी7 समकक्षों को चेतावनी दी है, कि ईरान और हिज़्बुल्लाह, इजराइल के खिलाफ सोमवार को हमला कर सकते हैं।
टाइम्स ऑफ इजराइल ने बताया है, कि बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार इजराइल की धरती पर हमले को रोकने के लिए ईरान पर उसके हमले से पहले ही हमला कर सकते हैं। तेल समृद्ध मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं, अगर संघर्ष बढ़ता है और ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होती है, तो पूरी दुनिया में मुद्रास्फीति गंभीर रूप से बढ़ सकता है। और बाजार पर इसको लेकर गंभीर चिंता देखी जा रही है।
शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी आंकड़ों से पता चला है, कि जुलाई में रोजगार वृद्धि उम्मीद से कहीं ज्यादा धीमी रही है, जिसके बाद अमेरिका में मंदी की आशंकाएं बढ़ गई हैं। लेबर डिपार्टमेंट ने बताया है, कि पिछले महीने गैर-कृषि पेरोल में सिर्फ 114,000 नौकरियों की वृद्धि हुई, जो अपेक्षित 175,000 से कम है और जनसंख्या वृद्धि के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए जरूरी 200,000 नौकरियों से भी कम है।
अमेरिका में बेरोजगारी दर भी बढ़कर 4.3% हो गई, जो तीन साल के उच्चतम स्तर के करीब है।

निवेशकों के डूब गये करोड़ों रुपये
शेयर बाजार में तबाही मचने की वजह से निवेशकों के करोड़ों-अरबों रुपय डूब गये हैं। बीते शुक्रवार को जहां निवेशकों को बाजार टूटने की वजह से करीब 4 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा था, वहीं सोमवार को बाजार खुलने के साथ ही कोहराम मच गया और कुछ ही मिनटों के अंदर निवेशकों के लिए 10 लाख करोड़ रुपये डूब गये।
रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने ब्याज दरें बढ़ाकर 0.25% कर दी और बॉन्ड खरीद कम कर दी है, जिससे जापानी मुद्रा येन की कीमत बढ़ गई और निवेशकों को नुकसान से बचने के लिए अपनी पोजीशन खत्म करने पर मजबूर होना पड़ा है। इससे अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली हुई और एशिया समेत वैश्विक बाजारों पर असर पड़ा है। जापान का निक्केई सूचकांक 5.5% गिरकर सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है और 2011 के वित्तीय संकट के बाद से तीन सत्रों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।












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