अब भारत की कद्र करने लगा अमेरिका
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अब साफ है कि अमेरिका भारत की ताकत को पहचाने लगा है। इसी क्रम में हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत आए थे। अब अमेरिका ने कहा कि वह भारत के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने संवाददाताओं को बताया, "हमारे पास दोनों देशों के हितों को बढ़ाने की कोशिश करने का अवसर मौजूद है।"

मेक इन इंडिया कार्यक्रम
ओबामा के ऐतिहासिक भारत दौरे और सितंबर में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अमेरिकी कंपनियों को दिए गए न्योते के बाद की गतिविधियों पर पूछे गए सवाल पर अर्नेस्ट ने यह जवाब दिया।
भारतवंशियों पर मेहरबान
बराक ओबामा आजकल अपने यहां अहम पदों पर भारतीय मूल के लोगों को खासमखास पद दे रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पहले रिचर्ड वर्मा को अमेरिका का भारत में राजदूत नियुक्त किया।
ओबामा ने भारतीय मूल के राशिद हुसैन को अमेरिका का विशेष दूत और आतंकवाद संचार के रणनीतिक मुकाबले का समन्वयक नामित किया। हुसैन ने 2010 से 57 सदस्यीय इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) में अमेरिका के विशेष दूत के तौर पर काम किया है।
ओबामा ने हाल ही में धनुर्जय 'डीजे' पति को अपना पहला चीफ डाटा वैज्ञानिक नामित किया जहां वे नीतियों को आकार और व्यवहारकुशल बनाने में मदद करेंगे ताकि अमेरिका प्रौद्योगिकी एवं नवीनता में नेता बना रहे। भारत से आव्रजित होकर आए माता-पिता के बेटे राजीव शाह अंतर्राष्ट्रीय विकास के लिए अमेरिकी एजेंसी (यूएसएआईडी) से विदा हो गए।
बराक ओबामा प्रतिबद्ध
जानकार मानते हैं कि राष्ट्रपति बराक ओबामा निश्चित रूप से इसे लेकर प्रतिबद्ध हैं, ताकि अमेरिकी जनता को संतोषजनक आर्थिक लाभ मिल सके और उनका लक्ष्य भी यही है। दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध राष्ट्रपति और उनके प्रशासन, दोनों की प्राथमिकता है। ओबामा यह भी मानते हैं कि भारतीय उपभोक्ताओं के पास अमेरिकी वस्तुएं खरीदने का अवसर है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छा हो सकता है।"












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