US Iran War: जंग के बीच Khamenei की फौज ने पहली बार दिखाया हथियारों का जखीरा, Trump की हालत पतली!- Video

US Iran War: ईरान की सरकारी मीडिया ने हाल ही में Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने एक बड़ी ड्रोन सुरंग का नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में एक बड़ी अंडरग्राउंड टनल दिखाई गई है, जहां हजारों ड्रोन खड़े नजर आते हैं। खास बात यह है कि इस सुरंग की दीवारों पर ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के पोस्टर भी लगे हुए हैं। वीडियो का मकसद ईरान की ड्रोन क्षमता और सैन्य ताकत से दुनिया को वाकिफ कराना बताया जा रहा है।

ड्रोन लॉन्च का फुटेज भी किया गया जारी

एक अन्य ईरानी मीडिया आउटलेट ने यह भी दिखाया कि Islamic Revolutionary Guard Corps ने अमेरिका और इज़राइल के ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन लॉन्च किए। यह फुटेज ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन का हिस्सा बताया जा रहा है। इन वीडियो के जरिए ईरान, अमेरिका और इजरायल यह मैसेज देने की कोशिश कर रहा है कि उसके पास बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों का स्टॉक अभी भी मौजूद है और वह जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल कर सकता है।

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इजरायली और अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

शनिवार को IRGC ने ऐलान किया कि उसने अपने सैन्य अभियान Operation True Promise 4 के तहत 48वीं सफल जवाबी कार्रवाई" की है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस ऑपरेशन में इज़राइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

हिज़्बुल्लाह के साथ मिलकर हमले का दावा

ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि इन हमलों को लेबनान के संगठन Hezbollah के साथ मिलकर अंजाम दिया गया। इस तालमेल के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। वहीं एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि कि अगर ईरान और उसके सहयोगी (हिज्बुल्लाह और हूथी विद्रोही) इस तरह के ज्वॉइंट हमले जारी रखते हैं, तो पूरे क्षेत्र में युद्ध और फैल सकता है।

इज़राइल के कई इलाकों को बनाया गया निशाना

IRGC के बयान के मुताबिक इन हमलों में उत्तरी इज़राइल के कई इलाके निशाने पर थे। इनमें Galilee, Golan Heights और Haifa जैसे प्रमुख स्थान शामिल बताए गए। ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले किए गए।

कतर के अल-उदैद एयरबेस पर भी हमले का दावा

ईरान के मुताबिक IRGC ने कतर में स्थित Al Udeid Air Base को भी निशाना बनाया। इसे पश्चिमी एशिया में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस माना जाता है। हालांकि इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इस बयान ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

कई तरह की मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल

ईरान के सरकारी चैनल Press TV ने रिपोर्ट दी कि इस 48वीं कार्रवाई में कई तरह के हथियार इस्तेमाल किए गए। इनमें सॉलिड-फ्यूल वाली Kheibar Shekan Missile, लिक्विड-फ्यूल वाली Qadr Missile और हमलावर ड्रोन शामिल थे। इस रिपोर्ट के जरिए ईरान ने अपनी आधुनिक सैन्य क्षमताओं को भी उजागर करने की कोशिश की।

इज़राइल में घबराहट का दावा

IRGC ने अपने बयान में कहा कि इन हमलों के बाद इज़राइल में घबराहट फैल गई। बयान के मुताबिक, "सायरन से सायरन और बंकरों की ओर भागते लोग- इस समय ज़ायोनियों की यही स्थिति है।" ईरान के इस दावे का मकसद यह दिखाना है कि उसके हमलों से इज़राइल में डर और अस्थिरता पैदा हो रही है।

इज़रायली नागरिकों को मिले धमकी भरे संदेश

ईरानी मीडिया के अनुसार ऑपरेशन के दौरान इज़रायली नागरिकों को हिब्रू भाषा में टेक्स्ट मैसेज भी मिले। इन संदेशों में चेतावनी दी गई थी: "ईश्वर की अनुमति से हम तुम पर ऐसे अंधकार के दिन लाएंगे, जब तुम मौत की कामना करोगे, लेकिन तुम्हें वह भी नहीं मिलेगी।" इन संदेशों को मनोवैज्ञानिक युद्ध यानी साइकोलॉजिकल वॉरफेयर का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य विरोधी देश की जनता के मन में डर पैदा करना होता है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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