अमेरिका में मोदी के खिलाफ दायर केस में नया मोड़
वाशिंगटन। अमेरिका की फेडरल कोर्ट की जज अनलिसा टॉरेस ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया है।

इस आदेश के तहत जज अनलिसा ने अमेरिकन जस्टिस सेंटर (एजेसी) से कहा है कि वह वर्ष 2002 में हुए गोधरा दंगों के पीडितों की तरफ अमेरिकी सरकार की ओर से इम्यूनिटी यानी बचाव के लिए दिए गए सुझावों पर उनकी प्रतिक्रियाओं को कोर्ट में दायर करे।
कोर्ट ने इसके लिए एजेसी को चार नवंबर तक का समय दिया है। कोर्ट की ओर से यह आदेश भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दायर एलियन टोर्ट केस में दिया गया है।
कोर्ट की ओर से जारी इस आदेश को अमेरिका के विदेश विभाग की ओर से अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट को जारी एक चिट्ठी के बाद आया है। इसमें भारत सरकार की ओर से आए उस अनुरोध का जिक्र किया गया था जिसमें मोदी के खिलाफ दायर केस को उन्हें मिले विशेषाधिकार के तहत निरस्त करने की मांग की गई थी।
यह चिट्ठी अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट में कानूनी सलाहकार मैरी मैक्लॉयड की ओर से 30 सितंबर को कार्यवाहक सहायक अटॉर्नी जनरल जॉयर आर ब्रैंडा को लिखा गया था।
गौरतलब है कि इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की मुलाकात हुई थी।
19 अक्टूबर को अमेरिकी अटॉर्नी प्रीत भरारा की ओर से न्यूयॉर्क की सर्दन डिस्ट्रिक्ट में पीएम मोदी को मिले विशेष सुरक्षा के बारे में अमेरिकी सरकार की ओर से जारी सुझावों को दायर किया गया था। यह सुझाव मोदी के खिलाफ दायर मानवाधिकार हनन से जुड़े केस में दायर किए गए थे।












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