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India-China border: अमेरिका रख रहा है नजर, LAC पर शहीद सैनिकों के परिवारवालों के प्रति जताई संवेदनाएं

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नई दिल्‍ली। पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच जारी टकराव अब एक तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। 45 साल बाद एलएसी पर हुए संघर्ष में भारत कर्नल संतोष बाबू समेत 20 सैनिक शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि चीन को भी काफी नुकसान हुआ है। इस पूरी स्थिति पर अमेरिका भी लगातार नजर बनाए हुए है। न्‍यूज एजेंसी एएनआई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए हाथ आगे बढ़ाया है।

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    India China LAC Violent Clash पर America का बयान, हालात पर हमारी पैनी नजर | वनइंडिया हिंदी

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    अमेरिका ने जताई शहीदों के प्रति संवेदना

    अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्‍ता की तरफ से कहा गया है, 'भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल पर जारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भारत और चीन दोनों ने ही डि-एस्‍कलेशन की इच्‍छा जताई है और हम इस वर्तमान स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं।' अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ ये यह प्रतक्रिया तब आई जब भारत की तरफ से इस बात की आधिकारिक पुष्टि की गई कि एलएसी पर हुए हिंसक टकराव में भारत के 20 सैनिक शहीदद हो गए हैं। विदेश विभाग के प्रवक्‍ता की तरफ से आगे कहा गया, 'हमने इस बात पर ध्‍यान दिया है कि भारत की सेना की तरफ से 20 जवानों के निधन की बात कही गई है और हम उनके परिवार वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताते हैं। दो जून 2020 को राष्‍ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बात हुई थी जिसमें दोनों भारत-चीन सीमा के हालातों पर भी बात की थी।'

    चीन ने की यथास्थिति बदलने की कोशिश

    भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस हिंसा पर आधिकारिक बयान जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव की तरफ से कहा गया है कि दोनों पक्षों को नुकसान झेलना पड़ा है। उन्‍होंने दो टूक कहा कि इस हिंसा से बचा जा सकता था अगर चीन उस समझौते को मानता जो छह जून को हुआ था। उन्‍होंने कहा कि हिंसा इसलिए हुई क्‍योंकि चीन की सेना ने एकपक्षीय कार्रवाई में एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश की थी। अनुराग श्रीवास्‍तव ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी टकराव को खत्‍म करने के लिए दोनों तरफ से मिलिट्री और राजनयिक स्‍तर पर वार्ता जारी थी। सीनियर कमांडर्स छह जून को मिले थे और उस प्रक्रिया पर रजामंद हुए थे जिसके तहत डि-एस्‍कलेशन होना था। इसी समय कमांडर्स की कई दौर मीटिंग हुईं और वह एक निष्‍कर्ष पर पहुंचे थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत को उम्‍मीद थी कि यह पूरी प्रक्रिया आसानी से अंजाम दी जाएगी लेकिन चीनी पक्ष की तरफ से स्थिति को मुश्किल बना दिया गया।

    English summary
    US 'closely monitoring' India- China border issue, extends support for peaceful resolution.
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