US China Trade War: ट्रंप का चीन पर बड़ा हमला, आज से ड्रैगन पर लागू 104% Tariff! जानें क्या होगा US को फायदा?
US China Trade War: अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 104% का टैरिफ लागू कर दिया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आयात शुल्क है। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि चीन ने अपने जवाबी टैरिफ वापस नहीं लिए।
8 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अगर, चीन 24 घंटे के भीतर अपने 34% रिटैलिएटरी टैरिफ वापस नहीं लेता, तो अमेरिका अतिरिक्त 50% टैरिफ लगा देगा। अब 9 अप्रैल से यह 104% का टोटल टैरिफ प्रभावी हो गया है।

एक हफ्ते में 10% से 104% तक पहुंचा टैरिफ
पिछले महीने तक अमेरिका, चीन पर केवल 10% टैरिफ लगा रहा था। लेकिन कुछ ही दिनों में यह बढ़ते-बढ़ते 104% तक पहुंच गया है, जो वैश्विक व्यापारिक इतिहास में एक अभूतपूर्व कदम माना जा रहा है।
ट्रंप की चेतावनी और चीन की चुनौती
ट्रंप ने कहा, 'चीन भी डील करना चाहता है, लेकिन उन्हें नहीं पता कहां से शुरू करें। हम उनके कॉल का इंतजार कर रहे हैं।' वहीं, चीन ने अमेरिका के इस कदम को 'ब्लैकमेल' कहा और चेतावनी दी कि वे 'अंत तक लड़ेंगे।' चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई दोहरी गलती है और यह अमेरिका की ब्लैकमेलिंग प्रवृत्ति को दिखाती है।
ट्रंप की नई टैरिफ नीति क्या है?
ट्रंप की 'पारस्परिक टैरिफ' (Reciprocal Tariff) नीति के तहत, अमेरिका अब उतना ही टैरिफ लगाएगा जितना कोई देश अमेरिकी वस्तुओं पर लगाता है।
इसमें चीन के लिए -
- बेसलाइन टैरिफ: 10%
- पारस्परिक जवाबी टैरिफ: 44%
- अतिरिक्त टैरिफ (अब लागू): 50%
- टोटल = 104%
ग्लोबल इकोनॉमी पर असर
ट्रंप की इस नीति के चलते पहले ही वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट देखी जा चुकी है। कई निवेशक संभावित मंदी की आशंका से परेशान हैं। हालांकि, अमेरिकी शेयर बाजारों में हाल ही में थोड़ा सुधार देखने को मिला है, लेकिन अस्थिरता बनी हुई है।
क्या हो सकता है आगे?
- चीन और अमेरिका के बीच कोई बड़ा समझौता फिलहाल दूर की बात लग रही है।
- वैश्विक व्यापार प्रणाली को लंबे समय तक असर झेलना पड़ सकता है।
- भारत और अन्य देशों के लिए यह एक अवसर और चुनौती दोनों हो सकता है।












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