US Attack on Venezuela: किन हाईटेक हथियारों से अमेरिका ने वेनेजुएला में मचाई तबाही, कितनी है इनकी ताकत?
US Attack on Venezuela: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव ने अब खुली सैन्य कार्रवाई का रूप ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में वेनेजुएला की राजधानी काराकस समेत उत्तरी हिस्सों में स्थित कई अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी वायुसेना ने अत्याधुनिक फाइटर जेट, अटैक हेलीकॉप्टर और गाइडेड मिसाइलों का इस्तेमाल किया।सीबीएस न्यूज, रॉयटर्स, एपी न्यूज और द गार्जियन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलों का मुख्य निशाना फुएर्ते तिउना सैन्य अड्डा और ला कार्लोटा एयरपोर्ट रहा।

इन इलाकों में धमाकों के बाद काले धुएं के गुबार और आग की लपटें देखी गईं। सोशल मीडिया पर रात के अंधेरे में किए गए इन हमलों के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
हमलों के लिए अमेरिका ने इस्तेमाल किए ये हथियार
काराकस के आसमान में कम ऊंचाई पर अमेरिकी हेलीकॉप्टर और फाइटर जेट उड़ते देखे गए। लगातार विस्फोटों की आवाज से राजधानी दहल उठी। फुएर्ते तिउना सैन्य परिसर में आग लगने की पुष्टि हुई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला सरकार ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला अमेरिका द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा और सटीक सैन्य ऑपरेशन हो सकता है, जिसका मकसद वेनेजुएला की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर दबाव बढ़ाना है।
F-35 लाइटनिंग II: अमेरिकी हमले की रीढ़
अमेरिकी वायुसेना ने इस ऑपरेशन में मुख्य रूप से F-35 लाइटनिंग II स्टेल्थ फाइटर जेट का इस्तेमाल किया। यह पांचवीं पीढ़ी का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है, जो दुश्मन के रडार से बचकर सटीक हमले करने में सक्षम है।
F-35A की प्रमुख खूबियां
- अधिकतम गति: लगभग 1976 किमी प्रति घंटा
- कॉम्बैट रेंज: 1239 किमी
- अधिकतम ऊंचाई: 50,000 फीट
- हथियार क्षमता: इंटरनल वेपन बे में 5,700 पाउंड तक, एक्सटर्नल लोड 18,000 पाउंड तक
- हथियार: AIM-120 AMRAAM मिसाइल, JDAM और Paveway बम, 25 मिमी GAU-22/A गन
स्टेल्थ तकनीक और अत्याधुनिक एवियोनिक्स के कारण ये जेट वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सफल रहे।
AH-64 Apache: नजदीकी हमलों के लिए घातक हथियार
काराकस और सैन्य ठिकानों के आसपास AH-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर भी देखे गए। ये हेलीकॉप्टर खासतौर पर जमीनी ठिकानों और सैन्य बेस पर सटीक हमलों के लिए जाने जाते हैं।
अपाचे हेलीकॉप्टर की ताकत
- अधिकतम गति: 293 किमी/घंटा
- हथियार: 30 मिमी चेन गन, AGM-114 हेलफायर मिसाइल, हाइड्रा रॉकेट
- खासियत: नाइट विजन और लॉन्गबो रडार से लैस
- अपाचे हेलीकॉप्टरों ने सैन्य ठिकानों पर करीब से हमला कर भारी नुकसान पहुंचाया।
CH-47 चिनूक: स्पेशल फोर्स की तैनाती का संकेत
हमलों के दौरान CH-47 चिनूक हेलीकॉप्टर भी काराकस के ऊपर उड़ते देखे गए। यह संकेत देता है कि अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज को उतारने या लॉजिस्टिक सपोर्ट देने की तैयारी की गई थी।
चिनूक की विशेषताएं
- क्षमता: 33-55 सैनिक या 10,000 किलोग्राम तक कार्गो
- अधिकतम गति: 315 किमी/घंटा
- खास फीचर: टैंडेम रोटर, नाइट ऑपरेशन, इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग
विशेषज्ञों का मानना है कि चिनूक हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल स्पेशल ऑपरेशन और टुकड़ियों की आवाजाही के लिए किया गया।
इस्तेमाल किए गए घातक हथियार
AGM-114 हेलफायर मिसाइल
- रेंज: 0.5 से 11 किमी
- गाइडेंस: लेजर और रडार
- उपयोग: टैंक और इमारतें नष्ट करने में सक्षम
JDAM (जॉइंट डायरेक्ट अटैक म्यूनिशन)
- वजन: 500 से 2,000 पाउंड
- गाइडेंस: GPS और INS
- सटीकता: 5 मीटर तक
GBU-12 Paveway II
- लेजर-गाइडेड बम
- वजन: 230 किलोग्राम
- उपयोग: सटीक सैन्य ठिकानों पर हमला
बढ़ते तनाव का क्या है कारण?
अमेरिका लंबे समय से मादुरो सरकार पर ड्रग तस्करी, मानवाधिकार उल्लंघन और लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगाता रहा है। इससे पहले भी अमेरिका ने कैरेबियन सागर में कई सैन्य ऑपरेशन किए हैं। ताजा हवाई हमले इसी तनाव का सबसे खतरनाक रूप माने जा रहे हैं।
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों के बाद पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह टकराव लैटिन अमेरिका में बड़े भू-राजनीतिक संकट का रूप ले सकता है। आने वाले घंटों और दिनों में इस संघर्ष की दिशा तय होगी।












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