चीन के दुश्मन ने बनाया रोशनी से मिसाइल उड़ाने वाला हथियार, ड्रैगन सालों से देख रहा है सपना, भारत खुश
अमेरिकी हथियार कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने कहा है कि, लांस पिछले लेजर हथियारों के आकार का एक-छठा आकार है और इस लेजर हथियार की सबसे बड़ी खासियत ये है, कि इसे ऑपरेट करने के लिए काफी कम बिजली की जरूरत होगी।
वॉशिंगटन, जुलाई 17: अमेरिका वायुसेना को बेहद खतरनाक और विध्वंस मचाने वाला पहला हाई एनर्जी लेजर हथियार मिल गया है, जो किसी साइंस फिक्शन फिल्म में दिखाए गये हथियार जैसा ही है, लेकिन ये अत्यंत ही विध्वंसक हथिया है, जिसे किसी पॉड पर रखकर बेहद आसानी से लांच किया जा सकता है। वारजोन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने फरवरी में अमेरिकी वायु सेना को नेक्स्ट-जेनरेशन कॉम्पैक्ट एनवायरनमेंट (LANCE-लांस) एयरबोर्न लेजर हथियार सौंप दिया है। (तस्वीर सौजन्य- Lockheed Martin)

एडवांस लेजर हथियार सौंपा
अमेरिकी हथियार कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने कहा है कि, लांस पिछले लेजर हथियारों के आकार का एक-छठा आकार है और इस लेजर हथियार की सबसे बड़ी खासियत ये है, कि इसे ऑपरेट करने के लिए काफी कम बिजली की जरूरत होगी, ताकि इसे काफी आसानी से लड़ाकू विमानों में फिट किया जा सके। हालांकि, अमेरिकी वायुसेना की तरफ से अभी तक इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन हथियार कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने एक तरह से संकेत में इसकी पु्ष्टि कर दी है। दरअसल, हथियार कंपनी लॉकहीड मार्टिन की कोशिश ऐसे फाइटर जेट्स के निर्माण की है, जिनमें काफी आसानी से लेजर हथियारों को फिट किया जा सके और जिसे इस्तेमाल करने के लिए इलेक्ट्रिसिटी की काफी कम जरूरत हो। इन हथियारों के जरिए दुश्मनों के हथियारों के अलावा उनकी मिसाइलों को भी काफी आसानी से ध्वस्त किया जा सकता है।

100 किलोवाट से कम में काम
हालांकि, अभी तक LANCE का बिजली क्षमता अज्ञात है, लेकिन वारज़ोन का अनुमान है कि ये लेजर हथियार 100 किलोवाट से इलेक्ट्रिसिटी में ऑपरेट होगा। LANCE के अनुमानित बिजली उत्पादन को ध्यान में रखते हुए इसे एक रक्षात्मक हथियार के रूप में तैनात किया जा सकता है,जो हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के संवेदनशील ऊपरी हिस्सो को ही टारगेट करता है और उसे ध्वस्त कर देता है। हालांकि, LANCE हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के खिलाफ पर्याप्त शक्तिशाली हो सकता है, लेकिन, वारजोन की रिपोर्ट का कहना गै कि,यह मिसाइल रक्षा उद्देश्यों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है, खासकर चीन और रूस के हाइपरसोनिक हथियारों के बढ़ते खतरे के खिलाफ।

किन फाइटर जेट पर होगी तैनाती
हालांकि, 2016 की किताब डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स में, बहमन ज़ोहुरी ने नोट किया था कि, हवाई रक्षा लेजर हथियार, जिसे हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर और मिसाइलों को मार गिराने के लिए डिज़ाइन किया गया है, वो काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन, अभी तक यह ज्ञात नहीं है, कि LANCE को किस प्रकार के विमान में लगाया जाएगा, लेकिन लॉकहीड मार्टिन ने जो संकेत दिए हैं, उससे पता चलता है, इसे अमेरिकी फाइटर जेट F-16 लड़ाकू विमान पर तैनात किया जा सकता है। वहीं, नेशनल इंटरेस्ट की नोट के मुताबिक, LANCE या इसके प्रकार के भविष्य के हथियारों को F-22 और F-35 स्टील्थ फाइटर्स पर लगाया जा सकता है। इस तरह के हथियार इन विमानों की पहले से ही हवा से हवा में मार करने की दुर्जेय क्षमताओं में सुधार कर सकते हैं, क्योंकि लेज़र किसी भी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल की तुलना में तेज़ होते हैं। वहीं, ये लेजर हथियार इन विमानों की विशेषताओं को भी बढ़ा सकते हैं।

ABL को रिप्लेस करेगा LANCE
2007 की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट में कहा गया है कि, विमान पर लगे लेजर, एयरबोर्न लेजर (एबीएल) हथियार बनाने के पिछले अमेरिकी प्रयास आकार, वजन और बीम जिटर की वजह से नाकाम रहे थे। अब तक जो एबीएल-टाइप हथियार हुआ करते थे, उन्हें फाइटर जेट में सेट कर, उनसे ऑपरेशंस को अंजाम देना काफी मुश्किल होता था, क्योंकि ये लेजर वीपन आकार में काफी बड़े होते थे, और यह जहाजों और विमानों पर अत्यधिक मात्रा में जगह लेता है और शायद ही जमीन के वाहनों पर लगाया जा सकता है। एबीएल के छह लेजर मॉड्यूल भी अनुमान से अधिक भारी हो गए थे, लिहाजा उसने विमान की क्षमता पर ही असर डाल दिया था और उन हथियारों की वजह से विमानों को बार बार ईंधन की जरूरत होती थी, लिहाजा, पहले से ही बोझ वाले अमेरिकी हवाई ईंधन भरने वाले बेड़े में तनाव बढ़ गया। इसके अलावा, हथियार को पर्यावरणीय कारकों के कारण बीम कंट्रोल जिटर का भी सामना करना पड़ा, लिहाजा साल 2014 में एबीएल को अमेरिकी वायुसेना से रिटायर कर दिया गया।

एडवांस तकनीक से बना लेजर हथियार
हथियार कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने इस लेजर हथियार के निर्माण में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया हलॉकहीड मार्टिन से जो संकेत मिले हैं, उससे यही पता चलता है, कि अब इस लेजर हथियार को फाइटर जेट में फिट कर इस्तेमाल किया जा सकता है। साल 2020 में एक इंटरव्यू में बोलते हुए लॉकहीड मार्टिन के वरिष्ठ फेलो डॉ, रॉब अफजल ने लेजर और सेंसर सिस्टम पर बोलते हुए कहा था कि, लेजर फाइबर ऑप्टिक्स और स्पेक्ट्रल बीम संयोजन ने लेजर हथियारों को आकार में छोटा करना संभव बना दिया। उन्होंने कहा कि, फाइबर ऑप्टिकल पॉवर के जरिए इलेक्ट्रिक पावर के जरिए काफी आसानी से लेजर पॉवर में कन्वर्ट किया जा सकता है और उसमें लगा फाइबर लेजर डिवाइस अपनी क्षमता में वृद्धि करके काफी ज्यादा घातक बन जाता है। स्पेक्ट्रल बीम संयोजन जो कई छोटे लेजर बीम को एक शक्तिशाली बीम में केंद्रित करता है, उसने छोटे लेजर हथियारों के निर्माण को संभव किया है, विमान, वाहनों और जहाजों पर लगाया जा सकता है।

चीन को ध्यान में रखकर किया गया तैयार
इस लेजर हथियार की सबसे खास बात ये है, कि किसी दूसरे हथियारी की तुलना में ये काफी तेजी के साथ दुश्मन के मिसाइल तक पहुंचकर उसे ध्वस्त कर सकता है और फाइटर जेट से ही इसे लांच किया जा सकता है। लांस के जरिए एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल को ध्वस्त किया जा सकता है, जिससे फाइटर जेट्स अपनी सुरक्षा भी कर पाएंगे। अमेरिकी वायुसेना ने साल 2017 में शील्ड नाम से एक प्रोग्राम को लांच किया था और लांस भी इसी प्रोग्राम का हिस्सा है और भारत जैसे देशों के लिए ये लेजर हथियार हिमालयी क्षेत्रों में इस्तेमाल करने के लिए काफी सही साबित हो सकते हैं और चूंकी इस लेजर हथियार को अमेरिका ने बनाया है, इसलिए ये भारत के लिए अच्छी खबर है।












Click it and Unblock the Notifications