अफगानिस्तान में एक करोड़ बच्चे भूख से मरने के कगार पर पहुंचे, मदद की फौरन जरूरत, कैसे खिलाएगा तालिबान?

यूनिसेफ ने कहा है कि अफगानिस्तान में एक करोड़ बच्चों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है और उन्हें अविलंब मानवीय सहायता की जरूरत है।

काबुल, अगस्त 24: अफगानिस्तान में बिजली की रफ्तार से स्थिति बदल रही है और अब एक करोड़ से ज्यादा बच्चों की जिंदगी खतरे में आ गई है। यूनिसेफ ने दावा किया है कि अफगानिस्तान में एक करोड़ से ज्यादा बच्चे भारी मुसीबत में फंस गये हैं और उनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। यूनिसेफ ने कहा है कि जल्द से जल्द कम से कम एक करोड़ अफगानिस्तान के बच्चे को मानवीय सहायता उपलब्ध करवाना चाहिए, नहीं तो उनके अस्तित्व पर खतरा पैदा हो जाएगा।

एक करोड़ बच्चों पर खतरा

एक करोड़ बच्चों पर खतरा

यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरीटा एच. फोर ने कहा है कि, "आज, अफगानिस्तान में लगभग 10 मिलियन (एक करोड़) बच्चों को जीवित रहने के लिए मानवीय सहायता की आवश्यकता है। इस साल अनुमानित 10 लाख बच्चों के गंभीर तीव्र कुपोषण से पीड़ित होने का अनुमान है और बिना इलाज के उनकी मृत्यु हो सकती है।" यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक का ये बयान काफी ज्यादा चिंता पैदा कर रहा है। तालिबान के कब्जे के बाद सिर्फ एक हफ्ते में ही लाखों बच्चे खतरे की रेखा के नीचे आ गये हैं। अफगानिस्तान में इस वक्त स्थिति ये है कि एटीएम पूरी तरह से खाली हो चुके हैं, लोगों के खाने पर लाले पड़ गये हैं, सरकार और प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं हैं। हजारों सरकारी अधिकारी अपनी जान बचाने के लिए छिपे हुए हैं तो हजारों अधिकारी फरार हो चुके हैं। तालिबान ने जरूर सामूहिक माफी की बात की है, लेकिन माना जा रहा है कि तालिबान का ये दावा सिर्फ झूठ का पुलिंदा है।

बच्चों की स्थिति चिंताजनक

बच्चों की स्थिति चिंताजनक

यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 42 लाख बच्चे स्कूल से बाहर हो चुके हैं, जिनमें 22 लाख लड़कियां हैं। वहीं, यूनाइटेड नेशंस ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल जनवरी महीने से अफगानिस्तान में 2 हजार से ज्यादा बच्चों के साथ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन हुए हैं और ये वो मामले हैं, जो रिकॉर्ड में आए है। वहीं यूनाइटेड नेशंस ने कहा है कि करीब 4 लाख 35 हजार बच्चों के विस्थापित होने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक फोर ने कहा, "यह अफगान बच्चों की भयावह स्थिति है और अफगानिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल की वजह से ऐसी स्थिति बनी हुई है''।

स्थिति होगी और ज्यादा खराब

स्थिति होगी और ज्यादा खराब

यूनाइटेड नेशंस की एजेंसी यूनिसेफ ने कहा है कि आने वाले वक्त में अफगानिस्तान में बच्चों की स्थिति काफी ज्यादा दयनीय होने वाली है और बच्चों को काफी ज्यादा मानवीय सहायता की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि, राजनीतिक परिवर्तन की वजह से बच्चों के सामने विनाशकारी परिणाम सामने आने वाले हैं, बच्चियों की स्थिति तो नर्क के समान होने वाली है और कोविड-19 महामारी का अलग विनाशकारी लहर चलेगा। फोर ने कहा कि ''पिछले 65 सालों से हम अफगानिस्तान में बच्चों और महिलाओं की जिंदगी बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमें कामयाबी नहीं मिली है। हम आने वाले दिनों में भी जमीन पर मौजूद रहेंगे और बच्चों और महिलाओं के लिए हम काम करते रहेंगे।'' उन्होंने कहा कि ''हम देश के बच्चों के लिए गहराई से प्रतिबद्ध हैं और अभी और काम करना बाकी है।''

यूनिसेफ को गहरी चिंता

यूनिसेफ को गहरी चिंता

यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक ने कहा कि '' अफगानिस्तान में लाखों लोगों को स्वास्थ्य, पोलियो और खसरा के खिलाफ जीवन रक्षक टीकाकरण अभियान, पोषण, सुरक्षा, आश्रय, पानी और स्वच्छता की आवश्यक सेवाओं की आवश्यकता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि, ''यूनिसेफ ने बच्चों और महिलाओं के लिए अपने जीवन रक्षक कार्यक्रमों को बढ़ाने का फैसला किया है। जिसमें विस्थापित परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण और जल सेवाएं प्रदान करना शामिल है। हम इन कार्यों को उन क्षेत्रों में विस्तारित करने की उम्मीद करते हैं, जो पहले असुरक्षा के कारण नहीं पहुंच सके थे।"

तालिबान से अपील

तालिबान से अपील

यूनिसेफ ने इसके साथ ही तालिबान और अफगानिस्तान में एक्टिव दूसरे पक्षों से अपील की है कि वो यूनिसेफ और दूसरे मानवीय साझेदारों को जरूरतमंदों तक पहुंचने दे, उन्हें सहयोग करें और उनके काम में बाधा ना पहुंचाए। दरअसल, अफगानिस्तान की स्थिति बिगड़ती जा रही है। पिछले सप्ताह तालिबान के नियंत्रण में आने के बाद से लोग देश छोड़ने की जल्दी में हैं। कई देश युद्धग्रस्त राष्ट्र से अपने नागरिकों को तेजी से निकाल रहे हैं। काबुल हवाईअड्डा इन दिनों क्षेत्र में अस्थिरता के कारण भारी अराजकता का सामना कर रहा है। ऐसे में बच्चों की जिंदगी पर आए इस संकट के वक्त तालिबान क्या काम करेगा, देखने वाली बात होगी। सत्ता संभालने के बाद तालिबान बच्चों को क्या और कैसे खिलाएगा, बड़ा सवाल है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+