यूक्रेन में जन्मी करोलिना शिइनो ने लौटाया Miss Japan का खिताब, प्रेमी के एक ‘झूठ’ की वजह से गंवाना पड़ा ताज
मिस जापान प्रतियोगिता की विजेता करोलिना शिइनो को अपना खिताब गंवाना पड़ा है। यूक्रेन में जन्मी करोलिना शिइनो को ये ताज एक अफेयर की वजह से खोना पड़ा है। दरअसल मिस जापान का एक शादीशुदा डॉक्टर संग अफेयर चल रहा था। इसके खुलासे के बाद जापान में विवाद शुरू हो गया था।
यह पहली बार है जब किसी मिस जापान विजेता ने अपना खिताब त्याग दिया है। आयोजक ने कहा कि यह पद इस साल खाली रहेगा। 26 साल की करोलिना शिइनो को दो हफ्ते पहले मिस जापान का ताज पहनाया गया था लेकिन उनकी जीत के बाद अफेयर के खुलासे के साथ-साथ उनकी पृष्टभूमि को लेकर भी सार्वजनिक बहस छिड़ गई।

कई जापानी लोगों का मानना था कि मिस जापान का चेहरा जापानी सौंदर्य आदर्शों का प्रतिनिधित्व नहीं करता। आसान भाषा में कहें तो यूक्रेन में जन्मी करोलिना को देखकर कोई भी ये आसानी से कह सकता है कि वो 'जापानी' जैसी नहीं दिखतीं। आलोचकों का कहना था कि अगर किसी ऐसी लड़की को 'मिस जापान' कहा जाता है, जो बिल्कुल 'जापानी' जैसी नहीं दिखती तो फिर 'जापानी' होने का क्या मतलब है!
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हालांकि कई जापानी लोगों ने इस बदलाव का भी स्वागत भी किया था मगर कईयों को इससे आपत्ति थी। ये हंगामा शुरू ही हुआ था कि एक स्थानीय पत्रिका ने मिस जापान के अफेयर का खुलासा कर दिया जिसने इस विवाद में 'आग में घी डालने' का काम किया।

शुकन बुनशुन नाम की पत्रिका ने खुलासा किया कि 26 वर्षीय शिइनो ने एक विवाहित व्यक्ति जो कि चर्चित डॉक्टर है उसके साथ डेट कर रही है। हालांकि, मिस जापान आयोजक ने गुरुवार को इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि शिइनो ने ये दावा किया था कि उसका प्रेमी अविवाहित है। वह इस बात से अनजान थी कि वह शादीशुदा है।
मिस जापान एसोसिएशन ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि उनका मानना है कि करोलिना शिइनो की ओर से कोई गलती नहीं हुई थी। हालांकि कुछ दिन के बाद जापान एसोसिएशन ने एक और पोस्ट की और कहा कि हमें पता चला है कि यह जानते हुए भी कि वो डॉक्टर शादीशुदा है, शिइनो ने उसे डेट किया था।

एसोसिएशन ने कहा कि शिइनो को डॉक्टर ने शुरू में कहा था कि वह अविवाहित हैं, लेकिन जब उसे पता चला कि वह शादीशुदा है, तब भी उसने डॉक्टर के साथ रिश्ता जारी रखा। शिइनो ने इस बारे में झूठ बोलने के लिए माफी मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने मिस जापान पद से हटने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
करोलिना शिनो को 22 जनवरी को मिस जापान का ताज पहनाया गया था। समारोह के दौरान, उसने रोते हुए कहा कि अंततः 'जापानी' के रूप में स्वीकार किए जाने के लिए वह आभारी महसूस कर रही है।
शिनो का जन्म यूक्रेनी में हुआ था। उसके माता-पिता दोनों ही यूक्रेनी नागरिक थे। लेकिन अपने माता-पिता के तलाक के बाद वह 5 साल की उम्र में जापान चली गई जहां उसकी मां ने एक जापानी व्यक्ति से शादी कर ली, जिसका उपनाम अब वह रखती है। पिछले साल शिनो ने सितंबर में एक इंस्टाग्राम पोस्ट में खुलासा किया कि वह एक प्राकृतिक नागरिक बन गई हैं।
आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब जापान में सौंदर्य प्रतियोगता के परिणाम को लेकर हंगामा हुआ है। इससे पहले भी जापानी सौंदर्य प्रतियोगिताओं के पिछले विजेताओं ने अपनी पृष्ठभूमि के कारण विवाद खड़ा कर दिया है।
सबसे पहले 2015 में एरियाना मियामोतो मिस जापान बनी थी। तब पहली बार लोगों ने नाराजगी जाहिर की थी। दरअसल मियामोतो की मां जापानी और पिता अफ्रीकी-अमेरिकी मूल के नागरिक हैं। मिश्रित नस्ल की विजेता को देख जापानी भड़क उठे थे।

इसके ठीक एक साल बाद जापानी और भारतीय मूल की प्रियंका योशिकावा को मिस जापान का खिताब मिला। प्रियंका की मां जापानी और पिता भारतीय मूल के थे। ऐसे में उन्हें सोशल मीडिया पर नस्लवादी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा।












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