युद्ध के 16 महीने बाद यूक्रेन का जवाबी हमला शुरू, रूस के खिलाफ भीषण जंग, पुतिन अब क्या करेंगे?
Ukraine's counteroffensive begins: युद्ध के 16 महीने बीतने के बाद अब जाकर यूक्रेन ने रूस के खिलाफ भयानक पलटवार शुरू कर दिया है और यूक्रेन ने पहली बार कबूल किया है, कि उसने अब रूसी सैनिकों के खिलाफ जवाबी हमला शुरू किया है। युद्ध के मैदान से आने वाली रिपोर्ट्स में दावे किए जा रहे हैं, कि यूक्रेनी फोर्स ने जो रणनीति अपनाई है और जिस तरह से यूक्रेनी फोर्स एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में ट्रांसफर हो रहे हैं, उसने रूसियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
गर्मियों में अपना जवाबी हमला शुरू करने का वादा करने के बाद, कीव की सेना अब हमले तेज कर रही है, और यूक्रेन को कुछ सफलताएं भी हाथ लगी हैं। सोमवार की देर रात, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूसी कब्जे वाले क्षेत्र को मुक्त करने के लिए सैनिकों को धन्यवाद दिया। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है, कि कम से कम सात गांवों को रूस से वापस छीन लिया गया है।

खूनी लड़ाइयों का फिर से आगाज
यूक्रेन के काउंटर ऑफेंस की शुरूआत के बाद माना जा रहा है, कि यूक्रेन युद्ध फिर से खूनी लड़ाइयों का गवाह बनने वाला है, क्योंकि एक बार फिर से अब रूस जोरदार पलटवार करेगा और अब आरपार की लड़ाई हो सकती है।
यूक्रेन ने कहा है, कि उसने 24 फरवरी 2022 को शुरू हुई इस लड़ाई में जितने भी क्षेत्र को हारा है, उन्हें वापस जीतने के लिए उसने पूरी ताकत झोंक दी है। यूक्रेन के ज्यादातर हथियार पश्चिमी हैं, जो नये और अत्याधुनिक हैं, लिहाजा कीव की सेना आक्रामक स्थिति में है, जबकि कुछ क्षेत्रों में रूसी सैनिक रक्षात्मक स्थिति में आते हुए देखे गये हैं, जिसने यूक्रेनी फोर्स को नई ऊर्जा का अहसास कराया है।
जवाबी पलटवार के बाद क्या हुआ है?
यूक्रेन ने रूस की सैनिकों पर कई हमले किए हैं और रूस के साथ अपनी विशाल सीमा रेखा के साथ कई जगहों को फिर से हासिल कर लिया है। मई के अंत में, यूक्रेन फोर्स ने सीमा के उस हिस्से पर छापे मारे, जहां पर रूसी सैनिकों का कब्जा था और जिन जगहों को रूस ने अपना कैंप बना लिया था। उन जगहों पर रूसी सैनिकों के हथियार और रसद सामग्रियां थी।
उन हमलों के बाद रूस को अपने कई कैंपों को छोड़ना पड़ा और बेलगोरोद में सैनिकों को ट्रांसफर करना पड़ा। वहीं, यूक्रेन के पूर्व में, बखमुत के आसपास के शहरों के पास लड़ाई तेज हो गई है और ये शहर अब एक जलता हुआ गोला बन गया है।
रूस ने पिछले महीने यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में बखमुत पर कब्जा कर लिया था, जब दोनों पक्षों ने लड़ाई में हजारों सैनिकों को खो दिया था। यूक्रेनी सेना अब शहर के उत्तर और दक्षिण में रूसी रक्षात्मक पोस्ट्स पर हमले कर रही है, जिसका मकसद रूसी सैनिकों को उस इलाके में फंसाना है, ताकि रूसी सैनिक दूसरे हिस्सों में युद्ध के लिए आगे ही ना बढ़ सकें।
लेकिन, यूक्रेन का मुख्य फोकस अभी तक दक्षिण में स्थित ज़ापोरिज़िया पर रहा है, जहां काफी भीषण जंग चल रही है। रूसी फोर्स को यूक्रेन ने हाल ही में डोनेट्स्क में वुहलेदार शहर के आसपास भी खदेड़ दिया था और उस जंग में रूस की कई मजबूत और काफी प्रशिक्षित युद्ध इकाइयां नष्ट हो गई थीं।

यूक्रेन के सामरिक उद्देश्य क्या हैं?
हालांकि, यूक्रेन भीषण हमलों की बात कर रहा है, लेकिन जमीन से आने वाली रिपोर्ट्स को लेकर जानकर जेलेंस्की की फौज पर सवाल उठा रहे हैं और जानकारों का मानना है, कि यूक्रेन का काउंटरऑफेंस अभी भी कमजोर है।
जानकारों ने कहा है, कि यूक्रेन को अभी काफी कम फायदा मिला है, जबकि यूक्रेन की सेना को जवाबी पलटवार के लिए रूसी सैनिकों के मुकाबले काफी समय मिला है। वहीं, कई एक्सपर्ट्स का मानना है, कि ये युद्ध खतरनाक स्थिति तक जा सकता है, क्योकि अब रूस कमजोर हो रहा है और एक वक्त आएगा, जब रूस के पास यूक्रेन से या तो पीछे हटने या फिर लड़ाई हारने का संकट मंडराने लगेगा और उसके बाद रूस के पास दो ही विकल्प होंगे। पहला, या तो वो हार स्वीकार कर यूक्रेन से लौट आए, या फिर दूसरा, कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करे, जिससे दुनिया विनाश के कगार पर जा सकती है।
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