Delhi से आई पर्ची पर हुआ UP Cabinet का विस्तार? Akhilesh Yadav ने बताया BJP के CM का फुल फॉर्म

UP Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। एक तरफ जहां राजभवन में योगी आदित्यनाथ की नई टीम तैयार हो रही थी, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के तंज भरे शब्दों के बाण चल रहे थे। 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किए गए इस मंत्रिमंडल विस्तार ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

योगी सरकार ने अपने मंत्रिमंडल विस्तार में जातियों और क्षेत्रों का ऐसा समीकरण बुना है, जिससे विरोधियों के लिए चुनौती बढ़ गई है। छह नए मंत्रियों के शामिल होने और दो राज्यमंत्रियों के प्रमोशन के साथ भाजपा ने पिछड़े, दलित और सवर्ण वर्ग को एक साथ साधने की कोशिश की है।

akhilesh yadav
  • जाटलैंड और पश्चिमी यूपी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बनाकर भाजपा ने जाटलैंड में अपनी पकड़ और संगठन के अनुभव को तरजीह दी है। वहीं, सोमेंद्र तोमर के प्रमोशन ने गुर्जर समाज के बीच भाजपा की पैठ को और मजबूती दी है।
  • दलित और पिछड़ा कार्ड: सुरेंद्र दिलेर और चार बार की विधायक कृष्णा पासवान को शामिल कर भाजपा ने दलित वोट बैंक पर अपनी दावेदारी मजबूत की है। कैलाश राजपूत के जरिए लोधी समाज और हंसराज विश्वकर्मा के जरिए पिछड़ों की राजनीति को धार दी गई है।
  • सपा के 'गढ़' में सेंध: सपा से भाजपा में आए ब्राह्मण चेहरा मनोज पांडेय को मंत्री पद मिलना अखिलेश यादव के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है।

अखिलेश यादव ने की योगी सरकार की घेरेबंदी

जैसे ही शपथ ग्रहण की खबरें आईं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार की घेरेबंदी शुरू कर दी। अखिलेश ने मंत्रिमंडल विस्तार को मात्र एक 'औपचारिकता' करार देते हुए मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोला।

Akhilesh Yadav ने CM योगी को क्यों बताया- कूरियर-मैसेंजर

अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा- 'वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम है नहीं। उधर से पर्ची आएगी, यहां तो सिर्फ़ पढ़ी जाएगी। भाजपा राज में वैसे भी CM का मतलब बस Courier-Messenger रह गया है।'

उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि भाजपा के नेता फिल्म (सत्ता का खेल) आगे बैठकर देखेंगे या पीछे, लेकिन उन्हें 'कर्मफल' का सिद्धांत याद रखना चाहिए। अखिलेश के इस बयान ने साफ कर दिया कि वे इस विस्तार को दिल्ली के इशारे पर लिया गया फैसला बताकर सरकार की स्वायत्तता पर सवाल उठा रहे हैं।


प्रमोशन और शपथ: इन दिग्गजों ने संभाली कमान

राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

  • अजीत पाल का कद बढ़ा: कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक अजीत पाल अब राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री बन गए हैं।
  • हंसराज के अनुभव को मिला सम्मान: हंसराज विश्वकर्मा, जो 34 वर्षों से पिछड़ों की राजनीति कर रहे हैं, उन्हें अब सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
  • तिर्वा विधानसभा का बढ़ा दबदबा: कन्नौज से कैलाश राजपूत ने शपथ लेकर क्षेत्र में भाजपा की मौजूदगी को और सशक्त किया है।

क्या यह विस्तार चुनाव में रंग लाएगा?

योगी मंत्रिमंडल का यह नया स्वरूप स्पष्ट संदेश दे रहा है कि भाजपा अब पूरी तरह से 2027 की चुनावी मोड में है। जहां भाजपा इसे 'सबका साथ, सबका विकास' का प्रतिबिंब बता रही है, वहीं विपक्ष इसे 'दिल्ली का रिमोट कंट्रोल' करार दे रहा है। अब देखना यह होगा कि ये नए चेहरे जनता के बीच जाकर कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं और अखिलेश यादव के 'पर्ची' वाले तंज का भाजपा जमीन पर क्या जवाब देती है।

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