Ukraine Russian War: 'रूस के 40 एयरक्राफ्ट ध्वस्त, ₹17000 Cr का नुकसान', यूक्रेन के पलटवार में क्या-क्या तबाह?
Ukraine Russian War: रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। 1 जून 2025 को यूक्रेन ने दावा किया कि उसने रूस के 40 से ज्यादा स्ट्रैटजिक एयरक्राफ्ट को तबाह कर दिया है। इस हमले से रूस को करीब 2 बिलियन डॉलर (₹17,000 करोड़) का नुकसान हुआ है।
यूक्रेन ने रूस के ओलेन्या और बेलाया नाम के दो बेहद अहम एयरबेसों को निशाना बनाया। ओलेन्या एयरबेस मरमंस्क क्षेत्र में है, जबकि बेलाया एयरबेस रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र में है - जो यूक्रेन की सीमा से करीब 4000 किमी दूर है। ये हमला यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसी (SBU) ने अंजाम दिया और इसका नाम रखा गया था 'वेब ऑपरेशन'।

क्या-क्या हुआ तबाह?
यूक्रेन के मुताबिक इस हमले में TU-95, TU-22 जैसे बमवर्षक और A-50 जैसे जासूसी विमान नष्ट हुए। खास बात ये है कि A-50 विमान बेहद रेयर हैं, और रूस के पास ऐसे सिर्फ 10 ही विमान हैं। एक A-50 की कीमत करीब ₹3000 करोड़ है। इन्हें नष्ट करना यूक्रेन के लिए रणनीतिक तौर पर बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
हमले की तैयारी कैसे हुई?
इस ऑपरेशन की तैयारी पिछले 18 महीनों से चल रही थी। SBU एजेंटों ने खास तरह के FPV (First Person View) कामिकेज ड्रोन तैयार किए, जिन्हें ट्रकों में छुपाकर रूस के अंदर पहुँचाया गया। हमले के वक्त ट्रकों की छतें खुलीं और ड्रोन विमानों की ओर भेज दिए गए। इस पूरे मिशन की निगरानी यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और SBU प्रमुख वासिल मालियुक खुद कर रहे थे।
पलटवार क्यों?
यह हमला दरअसल रूस के सबसे बड़े ड्रोन हमले के जवाब में किया गया। रूस ने कुछ घंटे पहले यूक्रेन पर 472 ड्रोन और 7 मिसाइलें दागी थीं, जिसमें 12 यूक्रेनी सैनिक मारे गए और 60 से ज्यादा घायल हो गए। यूक्रेनी वायुसेना ने इनमें से 382 ड्रोन और 3 मिसाइलें गिरा दी थीं, लेकिन नुकसान भारी था।
यूक्रेन की चेतावनी: अब और भी होंगे हमले
यूक्रेनी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर रूस की ओर से हमले नहीं रुके, तो उनके जवाब और भी तीखे होंगे। उन्होंने कहा, 'हमारी रणनीति अब सिर्फ डिफेंस नहीं, एक्टिव डिटरेंस है।'
रूस ने क्या कहा?
अब तक रूस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इरकुत्स्क और मरमंस्क के गवर्नर्स ने हमले की पुष्टि की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ओलेन्या एयरबेस पर धुएं और विस्फोट के दृश्य देखे जा सकते हैं।
अब क्या? शांति या और संग्राम?
अगले कुछ दिनों में तुर्की के इस्तांबुल में यूक्रेन और रूस के बीच शांति वार्ता का प्रस्ताव है। लेकिन हालात को देखते हुए, ये बातचीत भी अनिश्चित नजर आ रही है।
यूक्रेन का यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि रणनीतिक संकेत है - रूस के गढ़ में घुसकर हमला करने की ताकत अब कीव के पास है। वहीं, यह युद्ध अब धीरे-धीरे साइबर, ड्रोन और लॉन्ग-रेंज अटैक वॉर की ओर बढ़ रहा है।












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