पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेना के घुसने के बाद जश्न, आतिशबाजी... युद्ध तय ! अमेरिका, NATO का बड़ा फैसला

पुतिन द्वारा पूर्वी यूक्रेनी राज्यों को स्वतंत्र राज्यों के तौर पर मान्यता देने के कुछ ही घंटों के बाद दोनों अलग-अलग क्षेत्रों में रूसी सेना घुस गई है, जिसके बाद युद्ध तय माना जा रहा है।

मॉस्को/कीव, फरवरी 22: रूस और यूक्रेन के बीच अभ युद्ध होना करीब करीब तय हो चुका है और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शांति का हवाला देते हुए पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेना को भेज दिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने गवाहों के हवाले से खबर दी है कि, पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेना घातक हथियारों, टैंकों और तोपों के साथ घुस गई है और पूर्वी यूक्रेन को रूसी सैनिकों से भरा हुआ देखा जा सकता है। आपको बता दें कि, पूर्वी यूक्रेन में रूसी समर्थित विद्रोहियों का बाहुल्य है और यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद सबसे पहले पूर्वी यूक्रेन में ही हिंसा भड़की थी।

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    पूर्वी यूक्रेन में घुसी रूसी सेना

    पूर्वी यूक्रेन में घुसी रूसी सेना

    व्लादिमीर पुतिन द्वारा पूर्वी यूक्रेनी राज्यों को स्वतंत्र राज्यों के तौर पर मान्यता देने के कुछ ही घंटों के बाद पूर्वी यूक्रेन के दो अलग-अलग क्षेत्रों में से एक की राजधानी डोनेट्स्क के रास्ते रूसी सेना पूर्वी यूक्रेन में घुस गई है। जबकि, रूसी राष्ट्रपति का कहना है कि, उन्होंने रूसी सैनिकों को 'शांति मिशन' पर यूक्रेन में प्रवेश करने का आदेश दिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए रूसी रक्षा मंत्रालय को पूर्वी यूक्रेन के दोनों अलगाववादी क्षेत्रों, स्व-घोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक और लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक में रूसी सैनिकों को भेजने का आदेश दिया था। वहीं, अपने भाषण में रूसी राष्ट्रपति ने कहा है कि, अगर यूक्रेन 'रूस समर्थक विद्रोहियों' के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बंद नहीं करता है, तो फिर यूक्रेन को भीषण रक्तपात का सामना करना पड़ेगा।

    रूस ने तोड़ा मिंस्क समझौता

    रूस ने तोड़ा मिंस्क समझौता

    रूस ने पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क और लुगांस्क को स्वतंत्र राज्य घोषित करने के साथ ही मिंस्क समझौते को तोड़ दिया है और इसके साथ ही रूस के पास अब उन राज्यों से भी समझौते करने के रास्ते खुल गये हैं, जो स्वतंत्र होना चाहते हैं और ऐसे राज्यों को स्वतंत्रता देने का वादा कर रूस उन क्षेत्रों में भी अपनी सेना भेज सकता है। लेकिन, पूर्वी यूक्रेन के इन दोनों क्षेत्रों को स्वतंत्र घोषित करने के बाद रूस और पश्चिमी देशों के बीच का तनाव काफी ज्यादा बढ़ चुकी है और अब 'शांति' की संभावनाएं अब काफी कम हो चुकी हैं। पूर्वी यूक्रेन में रूसी सैनिकों के दाखिल होने के बाद अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश बुरी तरह से भड़क गये हैं और अब रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाने की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।

    शांति के रास्ते रास्ते बंद...

    शांति के रास्ते रास्ते बंद...

    पूर्वी यूक्रेन में रूसी सैनिकों के दाखिल होने के बाद अलगाववादियों के क्षेत्र में जश्न मनाया जा रहा है और आतिशबाजी की जा रही है। डोनेट्स्क और लुगांस्क क्षेत्रों में रूस समर्थक लोग आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं, लेकिन सेना के दाखिल होने के बाद अब शांति की संभावनाओं के रास्ते भी काफी कम हो गये हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस के ऊपर शांति प्रयासों को विफल करने का आरोप लगाया और मंगलवार की तड़के राष्ट्र के नाम एक संबोधन में कोई क्षेत्रीय रियायत देने से इनकार किया।

    ब्रिटेन ने रूसी फैसले का किया विरोध

    ब्रिटेन ने रूसी फैसले का किया विरोध

    वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रूसी राष्ट्रपति के फैसले का कड़ा विरोध किा है और ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा है कि, दो अलगाववादी यूक्रेनी गणराज्यों को मान्यता देने का पुतिन का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और एक 'अपमानजनक' और 'अंधेरा फैलाने वाला संकेत' है कि चीजें गलत हो रही हैं। वहीं, यूनाइटेड किंगडम के विदेश सचिव लिज ट्रस ने रूसी राष्ट्रपति को दोषी ठहराने और उन्हें सजा देने की मांग तक कर डाली है। ब्रिटिश विदेश सचिव ने रूस के खिलाफ नये प्रतिबंधों को लगाए जाने की भी घोषणा कर दी है।

    नाटो ने रूस की निंदा की

    नाटो ने रूस की निंदा की

    वहीं, नाटो प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों की मान्यता की निंदा करते हुए कहा कि, यह मास्को द्वारा हस्ताक्षरित अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन है। स्टोल्टेनबर्ग ने एक बयान में कहा कि, "मैं स्व-घोषित 'डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक' और 'लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक' को मान्यता देने के रूस के फैसले की निंदा करता हूं।" उन्होंने आगे कहा कि, "यह आगे यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करता है, संघर्ष के समाधान की दिशा में प्रयासों को खत्म करता है, और मिन्स्क समझौते का उल्लंघन करता है, जिसमें रूस एक पार्टी है,"

    अमेरिका ने दिया भरोसा

    अमेरिका ने दिया भरोसा

    वहीं, युद्ध के गंभीर हालातों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात करते हुए उन्हें अमेरिका के साथ होने का भरोसा दिलाया है। यूक्रेन को लेकर अमेरिका में दनादन बैठके हों रही हैं और व्हाइट हाउस ने रूस के पूर्वी यूक्रेन के दोनों अलगाववादी क्षेत्रों को स्वतंत्र राज्यों के तौर पर मान्यता देने के फैसले की निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि, यूक्रेन पर रूस के हमले को रोकने के लिए अमेरिका हर जरूरी कदम उठाएगा। वहीं, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज के साथ एक सुरक्षित फोन लाइन पर बात की है। वहीं, तीनों नेताओं ने राष्ट्रपति पुतिन के फैसले की निंदा की है।

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