पुतिन की धमकी से पोलैंड ने पीछे खींचे पैर, यूक्रेन में नहीं भेजेगा फाइटर जेट्स, मुंह ताकते रह गये बाइडेन!
अमेरिका ने दावा किया था कि, यूक्रेन में मिग-29 विमानों को भेजने के बदले पोलैंड अमेरिका का एफ-16 फाइटर जेट्स चाहता था और अमेरिका इसके लिए तैयार भी हो गया था।
वॉशिंगटन, मार्च 07: यूक्रेन युद्ध में पोलैंड को फंसाकर उसे 'मोहरा' बनाने की कोशिश में लगे अमेरिका को बहुत बड़ा झटका लगा है और रूस की धमकी के बाद पोलैंड ने यूक्नेन की मदद करने से साफ इनकार कर दिया है, जो अमेरिका के लिए बहुत बड़ा झटका है। अमेरिका पोलैंड के फाइटर जेट्स को यूक्रेन युद्ध में भेजना चाहता था, लेकिन पोलैंड ने यूक्रेन में अपने फाइटर जेट्स भेजने से इनकार कर दिया है।

रूस की धमकी से डरा पोलैंड
यूक्रेन युद्ध में अमेरिका और ब्रिटेन पहले ही अपनी सेना भेजने से साफ इनकार कर चुके हैं, लेकिन यूरोपीय देश अभी भी यूक्रेन में विनाशकारी हथियारो की सप्लाई कर रहे हैं और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की लगातार और हथियारों की मांग कर रहे हैं और रूसी वायुसेना का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन ने पश्चिमी देशों से फाइटर जेट्स देने की मांग की थी और अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, अमेरिका पोलैंड के मिग विमानों को यूक्रेन युद्ध में भाग लेने के लिए भेजना चाहता था, लेकिन अब पोलैंड ने अपने विमानो को यूक्रेन युद्ध में भेजने से मना कर दिया है। माना जा रहा है कि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की धमकी से डरकर पोलैंड ने अपने विमानों को यूक्रेन को देने से

पोलैंड नहीं भेजेगा मिग-29
अमेरिका ने दावा किया था कि, यूक्रेन में मिग-29 विमानों को भेजने के बदले पोलैंड अमेरिका का एफ-16 फाइटर जेट्स चाहता था और अमेरिका इसके लिए तैयार भी हो गया था और 'डील' के मुताबिक, पोलैंड अपने मिग-29 विमानों को यूक्रेन में युद्ध के लिए भेजता और बदले में अमेरिका से उसे एफ-16 विमान मिलते। लेकिन, एन वक्त पर पोलैंड पलट गया। दरअरस, यूक्रेन ने कहा था कि, उसके पायलट्स मिग विमानों को उड़ाने में सक्षम हैं, लेकिन उन्हें अत्याधुनिक एफ-16 फाइटर जेट विमान चलाना नहीं आता है, लिहाजा यूक्रेन को मिग विमानों की ही जरूरत थी, जिसे देने से अब पोलैंड ने इनकार कर दिया है। माना जा रहा है कि, पुतिन की धमकी के बाद यूक्रेन की सरकार ने यूक्रेन को मिग विमान देने के अपने प्रस्ताव को वापस ले लिया है।

हवाई हमले के डर से डरा है यूक्रेन
दरअसल, यूक्रेन को डर है कि, रूसी एयरफोर्स बहुत जल्द हवा के रास्ते यूक्रेन पर हमला शुरू करेगी और रूस की रणनीति यूक्रेन के लिए विध्वंसक साबित हो सकता है, क्योंकि, उस स्थिति में यूक्रेन की प्रतिरोधक क्षमता ही दम तोड़ देगी। वहीं, व्हाइट हाउस पोलैंड से बातचीत के जरिए डील को अंजाम देने की व्यावहारिकता पर काम कर रहा था। जबकि, यूक्रेन की तरफ से बार बार हथियार भेजने की मांग की जा रही थी। वहीं, यूक्रेन ने नाटो से यूक्रेन की 'नो फ्लाई जोन' घोषित करने की मांग की गई थी, लेकिन नाटो ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि, पुतिन से सीधी टक्कर लेने से नाटो भी बच रहा है, क्योकि नाटो को पता है कि, ऐसा करने से विश्वयुद्ध की आग में दुनिया झुलस सकती है।

पुतिन की सख्त धमकी
शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि, वह किसी तीसरे पक्ष द्वारा नो-फ्लाई ज़ोन की किसी भी संस्था को 'सशस्त्र संघर्ष में भागीदारी' के रूप में देखेंगे। यानि, उन्होंने साफ कर दिया है, कि अगर नाटो, यूक्रेन में नो फ्लाई जोन घोषित करता है, तो उसे दो देशों की लड़ाई में नाटो को शामिल माना जाएगा। वहीं, पोलैंड के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा कि, 'पोलैंड रूस के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है, लेकिन पोलैंड यूक्रेन युद्घ में रूसी आक्रामकता का समर्थन नहीं करता है और वो निष्पक्ष होकर नहीं रह सकता है। हालांकि, पोलैंड यह मानता है, कि सभी सैन्य मामलों में नाटो का फैसला होना चाहिए।' यानि, पोलैंड सीधे तौर पर अपने बूते रूस से टकराना नहीं चाहता है। वहीं, पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने पहले यूक्रेन की मदद के लिए अपने फाइटर जेट्स भेजने के पूरे प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, लेकिन फिर रिपोर्ट आई थी, कि वो तैयार हो गया है, लेकिन अब पुतिन की धमकी के बाद पोलैंड ने वापस पांव खींच लिए हैं।












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