यूक्रेन युद्ध में तबाही ही तबाही, हर दिन 20 अरब डॉलर बर्बाद, जंग जीतकर भी क्यों हार जाएगा रूस?
यूक्रेन युद्ध में लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। रूसी सेना ने रातभर खारकीव में बमबारी की है और रूसी सेना अब खारकीव में जमीन पर उतर चुकी है और रूस की आक्रामकता से डरे लाखों लोग अभी तक यूक्रेन निकल चुके हैं।
कीव/मॉस्को, मार्च 02: यूक्रेन युद्ध काफी ज्यादा विध्वंसक होता जा रहा है और लाखों लोग इस लड़ाई में अबतक बेघर हो चुके हैं। सात दिन बाद भी रूस, भीषण जंग और सैकड़ों सैनिकों के मारे जाने के बाद भी अब तक यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा नहीं कर पाया है और राजधानी को नियंत्रित करने के लिए रूसी सेना लगातार धमाके कर रही है तो दूसरी तरफ यूक्रेन की सेना लगातार प्रतिरोध कर रही है। लेकिन, इस युद्ध में जीत किसी की भी हो, हर तरफ सिर्फ बर्बादी ही बर्बादी फैली हुई है।

लाखों लोग हो चुके हैं बेघर
यूक्रेन युद्ध में लाखों लोग अभी तक बेघर हो चुके हैं। रूसी सेना ने रातभर खारकीव में बमबारी की है और रूसी सेना अब खारकीव में जमीन पर उतर चुकी है और रूस की आक्रामकता से डरे लाखों लोग अभी तक यूक्रेन से निकलने पर मजबूर हो चुके हैं। हालांकि, यूक्रेन की सरकार ने देश के 20 साल 60 साल की उम्र तक के लोगों को देश से बाहर निकलने पर रोक लगा रखी है, लिहाजा महिलाएं और बच्चों का पलायन लगातार जारी है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक एक लाख 60 हजार से ज्यादा यूक्रेनी नागरिक बेघर हो चुके हैं, जबकि स्वतंत्र रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, अब तक 5 लाख से ज्यादा लोग देश छोड़कर बाहर निकल चुके हैं।

हर दिन 20 अरब डॉलर खर्च
यूरोपियन यूनियन की सांसद रिहो टेरास के दावे के मुताबिक, रूस के पास यूक्रेन में लड़ने का सामरिक योजना नहीं है और हर दिन युद्ध की लागत 20 अरब डॉलर की है। उन्होंने कहा कि, किसी भी देश को लड़ाई लड़ने के लिए रॉकेट की संख्या सिर्फ 3 से 4 दिनों के ही होती है और रूसी हथियार कारखानों के पास तेजी के साथ हथियार बनाने की क्षमता भी नहीं है, लिहाजा अब धीरे धीरे रूस के पास हथियारों की कमी शुरू हो सकती है। जबकि, यूक्रेन रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि, अभी तक उसने करीब रूस के करीब 2,800 सैनिकों, 80 टैंकों, 516 बख्तरबंद वाहनों और 10 हवाई जहाजों और सात हेलीकॉप्टरों को मार गिराया है। वहीं, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने दावा किया है कि, रूस ने अब यूक्रेन में अपनी रफ्तार खो दी है, क्योंकि रूस को पता नहीं था, कि उसे अप्रत्याशित प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है।
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5700 से ज्यादा रूसी सैनिक मरे
यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेक्सी रेजनिकोव ने मंगलवार को दावा किया है कि, यूक्रेन में युद्ध लड़ने आये रूसी सैनिकों में से अभी तक 5710 रूसी सैनिकों को मार गिराया गया है और सैकड़ों रूसी सैनिकों को बंधक बनाया गया है। वहीं, यूक्रेन ने कहा है कि, रूस के लोगों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर बनाया गया है, जिसपर सैकड़ों रूसी नागरिक फोन कर यूक्रेन में लड़ने आए रूसी सैनिकों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। वहीं, यूक्रेन सरकार की तरफ से कहा गया है कि, जो रूसी सैनिक मारे गये हैं, उनके शव रखे गये हैं और रूस के नागरिक जब चाहें, अपने परिजन के शव को यूक्रेन से लेकर जा सकते हैं। वहीं, सोमवार को पहली बार रूस ने कबूल किया है, कि उसके कुछ सैनिकों को मौत युद्ध में हुई है, हालांकि, रूस की तरफ से कोई आंकड़ा नहीं दिया गया।

यूक्रेन में भारी तबाही
यूक्रेन की राजधानी कीव और दूसरे कई यूक्रेनी शहरों में बुधवार सुबह भी भारी बमबारी की जा रही है और रूसी सेना काफी आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रही है। रूस की सेना ने अब राजधानी की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। यूक्रेन के आंतरिक मंत्री के सलाहकार एंटोन गेराशचेंको ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि, कीव के पश्चिम में ज़ाइटॉमिर शहर में रूस की तरफ से आबादी वाले इलाके में क्रूज मिसाइल से हमला किया गया, जिसमें चार आम नागरिकों की मौत हो गई है। वहीं, मंगलवार को कम से कम 11 लोगों के मारे जाने के बाद यूक्रेन के दूसरे शहर खार्किव में आज भी बमबारी की गई है। बमबारी के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शहर में बमबारी के बाद हर तरफ बर्बादी ही बर्बादी देखी जा रही है।
कई शहरों पर रूस का कब्जा
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूसी सेना ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्किव और खेरसॉन और मारियुपोल के दक्षिणी शहरों पर करीब करीब कब्जा कर लिया है और हजारों-हजार लोग अभी भी यूक्रेन छोड़कर बाहर निकल रहे हैं। वहीं, गार्डियन के संवाददाता के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्रालय ने भी लोगों से जल्द से जल्द कीव और खार्किव छोड़कर बाहर निकलने की चेतावनी दी है। वहीं, अब रूसी सेना अब सीधे तौर पर राजधानी कीव पर हमला करने की प्लानिंग कर रही है और संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 680,000 से अधिक लोग पहले ही शहर से भाग चुके हैं।

आर्थिक प्रतिबंधों में जकड़ा रूस
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को भी रूस के खिलाफ और प्रतिबंधों की भरमार कर दी है और अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को प्रतिबंधों के जाल में बुरी तरह से फांस लिया है। पश्चिमी देशों ने रूस के सबसे बड़े केन्द्रीय बैंक की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है, जिसका फॉरेन रिजर्व एक्सचेंज 630 अरब डॉलर का है। 2014 में जब यूक्रेन से रूस ने क्रीमिया ने छीना था, उस वक्त लगे प्रतिबंधों की वजह से रूस का विकासदर घटकर 2 फीसदी से कम हो चुका था और व्लादिमीर पुतिन जैसे-तैसे देश चला रहे थे, लेकिन अब उनके लिए रूस की अर्थव्यवस्था को संभालना अंगार पर चलने जैसा होगा। वहीं, रूस के लोगों को अब आशंका जताई है, कि रूस का हाल सीरिया, लीबिया या फिर अफगानिस्तान जैसा हो सकता है और पश्चमी देशों की बंदिशों से रूस के लिए बाहर निकलना कतई आसान नहीं होगा। तो फिर सवाल यही है, कि यूक्रेन युद्ध भले ही रूस जीत लें, कीव पर भले ही पुतिन का कब्जा हो जाए, लेकिन क्या ये युद्ध जीतकर भी रूस हार जाएगा?












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