UK PM Video: ब्रिटेन में नए साल से पहले कर्फ्यू? प्रधानमंत्री के वायरल वीडियो से हाहाकार, जानिए असली सच
UK PM Keir Starmer AI video: ब्रिटेन में नए साल के जश्न की तैयारियों के बीच एक सनसनीखेज वीडियो ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को रात 11 बजे के बाद देशव्यापी कर्फ्यू का ऐलान करते हुए दिखाया गया था।
हालांकि, जांच में सामने आया कि यह कोई आधिकारिक घोषणा नहीं, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा तैयार किया गया एक 'डीपफेक' वीडियो था। साइबर जालसाजों ने प्रधानमंत्री की आवाज और चेहरे का क्लोन बनाकर लाखों नागरिकों को गुमराह किया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों और सरकार के बीच हाहाकार मच गया।

UK New Year curfew fake news: AI का खतरनाक खेल और फर्जी कर्फ्यू
टिकटॉक पर वायरल हुए 61 सेकंड के इस वीडियो ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। इसमें प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बेहद गंभीर अंदाज में चेतावनी दे रहे थे कि रात 11 बजे के बाद बाहर निकलने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। साइबर फ्रॉड ने डीपफेक तकनीक का इतनी बारीकी से इस्तेमाल किया कि आम जनता के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो गया। नए साल की पार्टियों की योजना बना रहे लाखों ब्रिटिश नागरिक इस फर्जी कर्फ्यू की खबर से दहशत में आ गए।
ये भी पढे़ं: New Year की बधाई या बड़ा साइबर जाल? WhatsApp मैसेज पर एक क्लिक से मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
UK New Year 2026 security: फर्जी न्यूज चैनल्स का मायाजाल
'न्यूजगार्ड' की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि 'BBB UK News' और 'Daily Britain News' जैसे फर्जी नाम वाले चैनल्स सोशल मीडिया पर असली समाचार संस्थानों की तरह काम कर रहे हैं। मई से दिसंबर के बीच इन चैनल्स पर 6,000 से ज्यादा AI जेनरेटेड वीडियो पोस्ट किए गए। लगभग 10 लाख फॉलोअर्स वाले ये अकाउंट्स प्रधानमंत्री के नाम पर लगातार गलत सूचनाएं फैला रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा संवैधानिक संस्थाओं से उठने लगा है।
ये भी पढे़ं: Happy New Year 2026: भारत में दोपहर के 3:30 ही बजेंगे और इस देश में शुरू हो जाएगा नया साल
प्रधानमंत्री के नाम पर कई और डरावनी घोषणाएं
सिर्फ कर्फ्यू ही नहीं, इन जाली अकाउंट्स ने प्रधानमंत्री के नाम पर कई और डरावनी घोषणाएं भी कीं। एक वीडियो में दावा किया गया कि सरकार लाखों लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने वाली है, तो दूसरे में स्टार्मर को यह कहते सुना गया कि सरकार अब नागरिकों का निजी फोन डेटा एक्सेस कर सकेगी। ये सभी वीडियो AI की मदद से आवाज और तस्वीरों को क्लोन करके बनाए गए थे, जिनका मकसद सिर्फ सामाजिक अस्थिरता पैदा करना और लोगों को डराना था।
ये भी पढे़ं: New Year 2026: इन देशों में 1 जनवरी नहीं, अलग महीनों में शुरू होता है नया साल, लिस्ट में भारत के पड़ोसी देश भी
साइबर फ्रॉड की नई चुनौती
ब्रिटेन में मचा यह बवाल भविष्य के साइबर खतरों की एक बड़ी चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि राजनीतिक दुष्प्रचार और सामाजिक अशांति फैलाने का एक हथियार बन चुका है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अब इन फर्जी चैनल्स को ब्लॉक करने और जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही हैं। नए साल से ठीक पहले हुई इस घटना ने डिजिटल सुरक्षा और सोशल मीडिया कंटेंट की निगरानी पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।












Click it and Unblock the Notifications