हमास पर भारतीय मूल की ब्रिटिश गृहमंत्री के बयान पर बवाल, ब्रेवरमैन का 'सच' क्यों हो रहा बर्दाश्त से बाहर?
Suella Braverman on Hamas: भारतीय मूल की ब्रिटिश गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन, जिन्होंने पिछले साल यह कहकर खलबली मचा दी थी, कि ब्रिटेन में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के लोग सोची समझी रणनीति के तहत ब्रिटिश लड़कियों को फंसाते हैं, उन्हें ड्रग्स देते हैं और उनका रेप करते हैं, उन्होंने हमास को लेकर जो बयान दिया है, उसने फिर से दुनिया के एक हिस्से को गरम कर दिया है।
अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यूके की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने फिलिस्तीन समर्थक रैलियों को "नफरती मार्च" कहा है। यूके की गृहमंत्री ने कहा, कि गाजा पर इजरायल के हमलों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में "बड़ी संख्या में बुरे लोग शामिल थे, जो जानबूझकर आपराधिक सीमा के नीचे काम कर रहे हैं।"
सुएला ब्रेवरमैन ने ब्रिटेन के प्रधान मंत्री ऋषि सुनक की अध्यक्षता में एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद यह टिप्पणी की है, जिसको लेकर फिलिस्तीन समर्थकों ने नाराजगी जाहिर की है।

यहूदियों के खिलाफ घृणा मार्च- ब्रेवरमैन
अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट में गया है, कि यूके की गृहमंत्री ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों, विशेष रूप से मेट्रोपॉलिटन पुलिस और अन्य क्षेत्रीय बलों से यहूदी विरोधी भावना के मुद्दे को संबोधित करने के लिए और सख्ती से काम करने का आह्नान किया है।
उन्होंने कहा, कि उन्होंने 7 अक्टूबर को इज़राइल पर हमास के हमले के बाद हजारों लोगों को सड़कों पर उतरते देखा है। यूके की गृह मंत्री ने कहा, कि "हमने यहूदी लोगों के नरसंहार के बाद, अब हजारों लोगों को सड़कों पर उतरते देखा है। नरसंहार के बाद से यहूदी जीवन की यह सबसे बड़ी क्षति है, इजराइल को नक्शे से मिटाने की मांग की जा रही है।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "मेरे विचार से, उन मार्चों का वर्णन करने का केवल एक ही तरीका है, कि वे घृणा मार्च हैं।"
"नदी से लेकर समुद्र तक, फ़िलिस्तीन आज़ाद होगा" नारे को लेकर सुएला ब्रेवरमैन से एक सवाल पूछा गया, कि क्या वह इसे यहूदी विरोधी मानती हैं? तो ब्रेवरमैन ने इसे नफरती रैली करार दिया। उन्होंने आगे कहा, कि पुलिस स्वतंत्र रूप से काम करती है। हालांकि, ब्रेवरमैन ने इस बात पर जोर दिया, कि "पुलिस को यहूदी विरोधी भावना के प्रति शून्य-सहिष्णुता का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।"
10 अक्टूबर को, ब्रेवरमैन ने ब्रिटेन की सड़कों पर फ़िलिस्तीनी झंडे प्रदर्शित करने की घटनाओं को लेकर पुलिस प्रमुखों को चेतावनी जारी की थी। अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, कि झंडा लहराना "वैध नहीं हो सकता" अगर इसे आतंकवाद के समर्थन के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
आपको बता दें, कि हमास के खिलाफ इजराइली ऑपरेशंस शुरू होने के बाद दुनिया के कई हिस्सों में हमास के समर्थन में रैलियां निकाली गई हैं। ब्रिटेन में काफी उग्र रैलियां निकाली गई हैं। हजारों फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने लंदन और पूरे ब्रिटेन में मार्च निकाला और हमास पर इजरायल के हमलों को रोकने की मांग की।

सुएला ब्रेवरमैन कौन हैं, क्या है उनका मजहब?
43 साल की सुएला ब्रेवरमैन का परिवार भारतीय शहर गोवा से आता है। सुएला का जन्म उत्तर-पश्चिम लंदन के हैरो में हुआ था और वे अपने माता-पिता, उमा और क्रिस्टी फर्नांडीस के साथ वेम्बली में पली-बढ़ीं। उनकी मां और पिता 1960 के दशक में यूके चले गए थे।
सुएला ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय के क्वींस कॉलेज में कानून की पढ़ाई करने के लिए अपने स्थानीय निजी स्कूल से छात्रवृत्ति प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पेरिस के पेंथियन-सोरबोन से यूरोपीय और फ्रेंच लॉ (एलएलएम) में मास्टर डिग्री हासिल की।
इसके बाद गृह सचिव ने न्यूयॉर्क में अपनी शिक्षा जारी रखी, जहां उन्होंने बार परीक्षा दी और न्यूयॉर्क में एक वकील के रूप में योग्यता प्राप्त की। सुएला ब्रेवरमैन बौद्ध हैं और जब वह सांसद बनीं, तो उन्होंने बौद्ध धर्मग्रंथ धम्मपद की किताब पर हाथ रखकर शपथ ली। वो अभी भी बौद्ध धर्म में ही विश्वास करती हैं।












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