चीन के खिलाफ ऋषि सुनक सरकार का बड़ा एक्शन, सरकारी दफ्तरों में चीनी कैमरे लगाने पर रोक

चीन के नियमों के मुताबिक, चीन की सभी कंपनियां, चाहे वो देश में ऑपरेट होती हैं या फिर विदेश में, उनके लिए इंटेलिजेंस जानकारियां सरकार से साझा करना आवश्यक होता है।

Britain-China: ब्रिटेन की ऋषि सुनक सरकार ने चीन के खिलाफ पहला बड़ा एक्शन लिया है और यूके सरकार ने तमाम सरकारी विभागों को आदेश दिया है, कि तमाम सरकारी भवनों और 'संवेदनशील साइटों' पर चीन निर्मित सर्विलांस कैमरों को लगाने पर रोक लगाया जाए। वहीं, चीनी कैमरों को लगाने वाली एक कंपनी को यूके सरकार ने फटकार भी लगाई है। चीन पर लगातार जासूसी करने के आरोप लगते रहे हैं और अब दुनिया के देशों ने चीनी जासूसी रोकने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

चीनी कैमरों पर लगाई गई रोक

चीनी कैमरों पर लगाई गई रोक

यूके की सरकार ने अपने आदेश में काफी सख्ती के साथ चीनी कैमरों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है और इस आदेश के साथ ही यूके में काम करने वाली चीनी कंपनियों के खिलाफ सख्त निगरानी रखने का भी आदेश जारी किया है। इससे पहले, पिछले हफ्ते इसने एक चीनी स्वामित्व वाली फर्म को ब्रिटेन की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर निर्माता न्यूपोर्ट वेफर फैब का अधिकांश हिस्सा बेचने का आदेश दिया गया था। ब्रिटेन की कैम्पेन ग्रुप बिग ब्रदर वाच के मुताबिक, ब्रिटेन में ज्यादातर सार्वजनिक संगठन या तो Hikvision या Dahua द्वारा बनाए गए सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करते हैं। आपको बता दें कि, इसी साल जुलाई महीने में ब्रिटेन के 67 सांसदों और लॉर्ड्स के एक समूह ने लंदन से दो कंपनियों द्वारा बनाए गए सर्विलांस उपकरणों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। अपील में कहा गया था, कि ये चीनी कंपनियां चीन के शिनजियांग प्रांत से ऑपरेट होती हैं, जहां चीन की सरकार उइगर मुस्लिमों से अत्याचार करती है। जिसके बाद सरकार ने नया आदेश जारी करते हुए इन कंपनियों के उत्पादों पर एकमुश्त प्रतिबंध लगा दिया।

चीन की जासूसी वाली हरकत पर रोक

चीन की जासूसी वाली हरकत पर रोक

चीन के नियमों के मुताबिक, चीन की सभी कंपनियां, चाहे वो देश में ऑपरेट होती हैं या फिर विदेश में, उनके लिए इंटेलिजेंस जानकारियां सरकार से साझा करना आवश्यक होता है। लिहाजा, ब्रिटिश सरकार का ये कदम चीनी कंपनियों के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगा। क्योंकि, यूके सरकार के बाद कई और देशों की सरकारें भी इस तरह का कदम उठा सकती हैं। यूके सरकार ने यह भी आदेश दिया है, कि जिन भी सरकारी विभागों में चीनी कंपनियों के सर्विलांस कैमरे लगे हुए हैं, उन्हें हटा दिया जाए। ऋषि सुनक सरकार के वरिष्ठ मंत्री ओलिवर डाउडेन ने संसद को बताया कि, सरकारी रिपोर्ट्स से पता चलता है कि, "ब्रिटेन की सुरक्षा को देखते हुए इन उपकरणों की बढ़ती क्षमता और कनेक्टिविटी पर नियंत्रण जरूरी है।" उन्होंने कहा कि, "इसलिए विभागों को संवेदनशील साइटों पर ऐसे उपकरणों की तैनाती को रोकने का निर्देश दिया गया है, जहां यह पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के राष्ट्रीय खुफिया कानून के अधीन कंपनियां सामानों का उत्पादन करती हैं।"

जून 2021 में हो चुका है बवाल

जून 2021 में हो चुका है बवाल

आपको बता दें कि, पिछले साल जून में चीनी कंपनी के एक कैमरे में तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक को कोविड नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी एक सहयोगी को किस करते हुए वीडियो वायरल हो गया था, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। वहीं, ब्रिटिश संसद डाउडेन के बयान के जवाब में कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि, "हिकविजन कंपनी को ब्रिटेन की सुरक्षा के लिए खतरे के तौर पर प्रस्तुत करना साफ तौर पर गलत है।" उन्होंने दावा किया कि, Hikvision "एंड-यूजर्स से तीसरे पक्ष को डेटा ट्रांसमिट नहीं कर सकता है, हम एंड-यूजर डेटाबेस का मैनजमेंट नहीं करते हैं, न ही हम यूके में क्लाउड स्टोरेज बेचते हैं"। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि, "हम हमेशा यूके में अपने ऑपरेशन के बारे में पूरी तरह से पारदर्शी रहे हैं और हम, हमारे व्यवसाय के बारे में गलतफहमियों को दूर करने और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए यूके सरकार के साथ बातचीत करते रहे हैं।"

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