नारायण मूर्ति के दामाद, ब्रिटिश वित्तमंत्री... पत्नी को लेकर क्यों फंसे हैं ऋषि सुनक? अब पीएम से की अपील

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ती का 0.9 प्रतिशत शेयर भारतीय आईटी दिग्गज इंफोसिस में हैं। इस कंपनी की स्थापना अक्षता मूर्ति के पिता नारायण मूर्ति ने की थी...

लंदन, अप्रैल 11: इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक, जो ब्रिटेन के वित्तमंत्री हैं और जिन्हें ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जाता है, वो इन दिनों बड़ी मुसीबत में फंसे हुए नजर आ रहे हैं और उनपर आरोप लगा है, कि उन्होंने टैक्स सिस्टम में अपनी पत्नी को फायदा पहुंचाने के लिए परिवर्तन कर दिया है। जिसको लेकर ऋषि सुनक ने अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से अपील की है और कहा है, कि पूरे मामले की जांच करवाने के लिए एक टीम बना दी जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

ब्रिटिश वित्तमंत्री की अपील

ब्रिटिश वित्तमंत्री की अपील

यूनाइटेड किंगडम के वित्त मंत्री ऋषि सनक, जो इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं, उन्होंने रविवार को कहा कि, उन्होंने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से उनपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर एक स्वतंत्र समीक्षा करने के लिए अनुरोध किया है। ऋषि सुनक ने एक ट्वीट के जरिए कहा है कि, 'एक टीम बनाकर ये समीक्षा की जाए, कि मैंने मंत्री बनने से पहले अपनी संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की सही घोषणा की थी या नहीं'। ऋषि सुनक ने पीएम बोरिस जॉनसन को चिट्ठी उस वक्त लिखी है, जब उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति के टैक्स का सही से भुगतान नहीं करने को लेकर विवाद चल रहा है। 42 वर्षीय सुनक ने कहा कि, 'मैंने हमेशा नियमों का पालन किया है और मुझे उम्मीद है कि इस तरह की समीक्षा से और स्पष्टता मिलेगी।'

पत्नी के टैक्स भुगतान को लेकर विवाद

पत्नी के टैक्स भुगतान को लेकर विवाद

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ती का 0.9 प्रतिशत शेयर भारतीय आईटी दिग्गज इंफोसिस में हैं। इस कंपनी की स्थापना अक्षता मूर्ति के पिता नारायण मूर्ति ने की थी, जो एक प्रतिष्ठित कारोबारी माने जाते हैं। लेकिन, अक्षता मूर्ति को लेकर आरोप ये है, कि वो 'नन डोमिसाइल' स्थिति के आधार पर अपनी कमाई का टैक्स भरा है। यानि, ब्रिटेन में अपने पति के साथ रह रहीं अक्षता मूर्ति ने ब्रिटेन के बाहर होने वाली कमाई को लेकर टैक्स नहीं भरा है। अक्षता मूर्ति के वकीलों का कहना है, कि ब्रिटिश नियमों के मुताबिक, जो लोग 'नन डोमिसाइल' सर्टिफिकेट के आधार पर ब्रिटेन में रहते हैं, उन्हें बाहरी कमाई पर टैक्स भुगतान नहीं करना होता है, लेकिन आरोप में कहा गया है, कि ऋषि सुनक ने अपनी पत्नी को आर्थिक फायदा पहुंचाने के लिए वित्त मंत्री बनने के बाद कानून में ये परिवर्तन किया है।

अक्षता मूर्ती की तरफ से बयान

अक्षता मूर्ती की तरफ से बयान

अक्षता मूर्ति के प्रवक्का ने समाचार एजेसियों को बताया है, कि अक्षता ने हमेशा ब्रिटिश नियमों के मुताबिक और कानूनी रूप से आवश्यक सभी तरहों के टैक्स का भुगतान किया है और वो आगे भी ब्रिटिश नियमों के मुताबिक, टैक्स का भुगतान करती रहेंगी। वहीं, ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री जॉनसन को जो चिट्ठी लिखी है, उसमें उन्होंने कहा है कि, 'मेरी सबसे बड़ी चिंता यह है, कि जनता को जो जवाब दिया जाए, वो विश्वसनीय हो और इसके लिए सबसे अच्छा तरीका ये है, कि ये सुनिश्चित किया जाए, कि बगैर किसी पक्षपात के इसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि जनता को विश्वसनीय जानकारी मिले'।

कौन हैं अक्षता मूर्ति?

कौन हैं अक्षता मूर्ति?

अक्षता मूर्ति, भारत की आईटी दिग्गज कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी हैं, जिन्होंने भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक ऋषि सुनक से शादी की है। वहीं, विवाद पर अक्षता मूर्ति की प्रवक्ता ने कहा कि, "अक्षता मूर्ति भारत की नागरिक हैं, उनके जन्म का देश और माता-पिता का घर भारत है।" प्रवक्ता ने कहा कि, "भारत अपने नागरिकों को एक साथ दूसरे देश की नागरिकता रखने की अनुमति नहीं देता है। इसलिए, ब्रिटिश कानून के अनुसार, अक्षता मूर्ति को यूके के टैक्स उद्देश्यों के लिए गैर-अधिवासी माना जाता है। उन्होंने हमेशा यूके के नियमों के मुताबिक, अपने इनकम पर टैक्स का भुगतान किया है'। आपको बता दें कि, गार्डियन अखबार के मुताबिक, अक्षता मूर्ति पर 2 करोड़ पाउंड टैक्स नहीं देने का आरोप लगा है।

कौन हैं ऋषि सुनक?

कौन हैं ऋषि सुनक?

आपको बता दें कि, 12 मई 1980 को जन्मे ऋषि सुनक यूनाइटेड किंगडम के बड़े राजनेता माने जाते हैं, जिन्होंने फरवरी 2020 में ब्रिटेन के वित्तमंत्री का कार्यभार संभाला था। वह कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं और 2019 से 2020 तक ट्रेजरी के मुख्य सचिव के रूप में भी कार्य किया। ऋषि सुनक 2015 से उत्तरी यॉर्कशायर में रिचमंड (यॉर्क) सीट से संसद सदस्य हैं और साउथेम्प्टन में पूर्वी अफ्रीका से आए भारतीय माता-पिता के संतान हैं। उनके माता पिता पूर्वी अफ्रीका से यूनाइटेड किंगडम गये थे। ऋषि सुनक ने अपनी शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज से प्राप्त की और बाद में उन्होंने लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से फुलब्राइट स्कॉलर के रूप में एमबीए किया।

गीता पर गहरी आस्था

गीता पर गहरी आस्था

आपको बता दें कि ब्रिटेन में काफी मशहूर हो चुके ऋषि सुनक 2017 से ही श्रीमद्भागवत गीता पर हाथ रखकर अपने पथ की शपथ लेते आए हैं और उनकी उम्र अभी सिर्फ 41 साल है। उनका परिवार पहले भारत से ईस्ट अफ्रीका गया था और फिर ईस्ट अफ्रीका से ब्रिटेन आ गया था। उनका संबंध एक साधारण परिवार से रहा है, लिहाजा ब्रिटेन के आम नागरिकों के बीच वो काफी पसंद किए जाते हैं और उनके काम को लेकर उनकी काफी तारीफ होती है। 2020 में भी जब ब्रिटेन की एक प्राइवेट कंपनी ने सर्वे करवाया था तो ब्रिटेन की करीब 60 प्रतिशत जनता ने ऋषि सुनक को अपना पसंदीदा प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया था। और ब्रिटेन में ऋषि सुनक को देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जाता है, लेकिन नये विवादों ने ऋषि सुनक की राजनीतिक मजबूती को कम कर दिया है।

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