युगांडा में समलैंगिक संबंध बनाने पर मिलेगी सजा-ए-मौत, बनाया दुनिया का सबसे सख्त कानून, बाइडेन ने दी धमकी
युगांडा में समलैंगिक संबंध पहले से ही अवैध थे, लेकिन नया कानून गे, लेस्बियन, बायसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर और क्वीर लोगों को कहीं अधिक टारगेट करता है। इस नए कानून में मौत की सजा तक का प्रावधान है।

युगांडा में समलैंगिक संबंधों को लेकर बनाए गए कानून को और सख्त कर दिया है। अब युगांडा में समलैंगिक संबंध बनाने पर उम्र कैद से लेकर मौत की सजा तक मिल सकती है।
30 अफ्रीकी देशों की तरह युगांडा में पहले से ही समलैंगिक संबंधों पर प्रतिबंध लगे हुए हैं लेकिन इसके लिए इतने सख्त कानून नहीं थे। सोमवार को राष्ट्रपति योवेरी मुसेवनी द्वारा पारित कानून इसे दुनिया का सबसे सख्त कानून बनाता है।
इससे पहले इस कानून के ड्राफ्ट को संसद में पेश किया गया था और अब राष्ट्रपति ने इस ड्राफ्ट पर मुहर लगाते हुए इसे कानून घोषित कर दिया है। सांसदों ने कानून पारित करते हुए समलैंगिक संबंधों को समाज के मूल्यों के खिलाफ होना बताया है।
युगांडा में नए कानून के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के किसी व्यक्ति या HIV संक्रमित के साथ समलैंगिक यौन संबंध बनाने पर मौत की सजा हो सकती है। इसके अलावा बार-बार समलैंगिक संबंध बनाने वाले शख्स को मौत की सजा हो सकती है।
युगांडा में समलैंगिकता को प्रोत्साहित करते पाए जाने पर 20 साल जेल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही एक चीज जो ध्यान देने लायक है कि देश में किसी को सिर्फ गे, लेस्बियन या होमोसेक्शुअल होने पर कोई सजा नहीं होगी। सजा तभी होगी जब वो समलैंगिक संबंधों में शामिल होगा।
आपको बता दें कि युगांडा में कई सालों से किसी को मौत की सजा नहीं मिली है। इससे पहले जब मार्च में राष्ट्रपति के पास ये बिल पारित करवाने के लिए भेजा गया था तो उसमें किसी को गे होने पर भी मौत की सजा देने की बात कही गई थी। हालांकि इसे राष्ट्रपति की आपत्ति के बाद हटा दिया गया।
इस सख्त कानून के पास होते ही दुनिया भर में इसकी आलोचनाएं शुरू हो चुकी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस कानून पर हस्ताक्षर करने के लिए युगांडा के राष्ट्रपति की आलोचना की और इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की।
जो बाइडेन ने इसे सार्वभौमिक मानवाधिकारों का दुखद उल्लंघन करार दिया। बाइडेन ने कहा कि किसी को भी जीवन भर डर के साए में नहीं रहना चाहिए या हिंसा और भेदभाव का शिकार होना नहीं चाहिए।
उन्होंने युगांडा के कई अधिकारियों और अफसरों पर पाबंदियां लगाने और वहां अमेरिकी निवेश को कम करने की चेतावनी दी है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि अमेरिका युगांडा के समलैंगिकता विरोधी अधिनियम के पारित होने से बहुत परेशान है। उन्होंने कहा कि ये एक ऐसा कानून है जो युगांडा में मानवाधिकारों, समृद्धि और कल्याण को कमजोर करता है।












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