भारतीय डॉक्टरों के लिए UAE में बहुत बड़ी खबर, सभी को गोल्डेन वीजा देने का लिया गया फैसला
गोल्डेन वीजा की सेवा के तहत डॉक्टरों और उनके परिवारों को 10 साल का रेजिडेंसी वीजा दिया जाएगा
अबुधाबी, अगस्त 02: फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी एंड सिटिजनशिप (आईसीए) ने यूएई में रहने वाले डॉक्टरों को गोल्डन वीजा जारी करने के आदेश दे दिए हैं। जो यूएई में रहने वाले भारतीय डॉक्टरों के लिए बहुत बड़ी खबर और गुड न्यूज है। यूएई में रहने वाले तमाम डॉक्टरों को गोल्डेन वीजा जारी करने के लिए 'गोल्डन रेजिडेंसी सर्विसेज' की शुरूआत की गई है। यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के निर्देशों के बाद डॉक्टरों के लिए इस सुविधा की शुरआत की गई है।
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गोल्डेन वीजा से कई फायदे
गोल्डेन वीजा की सेवा के तहत डॉक्टरों और उनके परिवारों को 10 साल का रेजिडेंसी वीजा दिया जाएगा। ताकि यूएई की पहचान वैश्विक मंत पर एक पसंसीदा गंतव्य स्थान के तौर पर बनाई जा सके और पूरी दुनिया में यूएई की इज्जत बढ़ सके। इसका मकसद वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और प्रतिभाओं को निखारना भी है। आईसीए के कार्यवाहक महानिदेशक मेजर जनरल सुहैल सईद अल खली ने कहा कि, यूएई के सभी डॉक्टरों और उनके परिवारों को गोल्डन रेजीडेंसी की पेशकश की गई है। जिसका मकसद उन ड़ॉक्टरों की प्रशंसा करना और उन्हें धन्यवाद देना है, जिन्होंने महामारी के इस कठिन वक्त में यूएई के लोगों की मदद की है। उन्होंने कहा कि यूएई में रहने वाले डॉक्टरों ने कोविड वॉरियर्स की भूमिका निभाई है, लिहाजा देश उनका सम्मान करता है।

डॉक्टरों की मदद के लिए पहल
मेजर जनरल सुहैल सईद अल खली ने कहा कि यह पहल अत्यधिक कुशल चिकित्सा पेशेवरों को देश में आकर्षित करने के लिए है, ताकि उन्हें यूएई की अग्रणी योजनाओं का फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि आईसीए स्वास्थ्य और रोकथाम मंत्रालय और अन्य अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है, ताकि रजिस्टर्ड डॉक्टर्स को मिलने वाले गोल्डेन वीजा की प्रक्रियाओं को काफी आसान किया जा सके और शेख मोहम्मद के फैसले को जल्द लागू किया जा सके। आपको बता दें कि यूएई में काफी संख्या में भारतीय डॉक्टर्स रहते हैं और अलग अलग अस्पतालों में काम करते हैं और गोल्डन वीजा की सुविधा मिलने के बाद उन्हें काफी फायदा होने वाला है। उन्होंने आगे बताया कि यह कदम दुनिया भर के अनुभवी डॉक्टर्स को आकर्षित करने में योगदान देगा, जो यूएई के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को बढ़ाने में मदद करेगा।

डॉक्टरों को होगा फायदा
यूएई सरकार के इस फैसले से डॉक्टरों को कई फायदे होंगे और दूसरे देशों से आए डॉक्टर्स को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। वहीं, यूएई सरकार ने कहा है कि इस फैसले से जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा और मेडिकल क्षेत्र में यूएई को वैश्विक स्तर पर उभरने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही डॉक्टरों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मेडिकल क्वालिटी में भी सुधार आएगा। वहीं, सरकार के इस फैसले पर डॉ अल ओलमा ने यह कहा कि सरकार का ये कदम स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने में मदद करेगा। आपको बता दें कि यूएई ने साल 2071 तक विश्व में सबसे बेहतरीन मेडिकल व्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है और उसी दिशा में फैसले लिए जा रहे हैं।












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