अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान आखिर क्यों इंडो-पैसेफिक रीजन पर आ रहे हैं एक साथ
वॉशिंगटन। सिंगापुर में गुरुवार को भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान के बीच एक मीटिंग हुई है। मीटिंग शुक्रवार को भी जारी थी। एक अमेरिकी अधिकारी की ओर से कहा गया है कि इस तरह की मीटिंग्स जारी रहेंगी। पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल डेव ईस्टबर्न ने वाशिंगटन में शुक्रवार देर रात टिप्पणी कर साफ चारों देशों के राजनयिक समूह की बैठकें लगातार जारी रहेगी। ईस्टबर्न का कहना था कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान, इंडो-पैसेफिक रीजन में अपनी कोशिशों को समन्वित करने के लिए लगातार नियमित राजनयिक बैठकें कर रहे हैं।

साल 2017 से शुरू हुई हैं मीटिंग्स
अमेरिकी इंडो-पैसेफिक कमांड के मुखिया एडमिरल फिल डेविडसन ने गुरुवार को सिंगापुर में चार देशों के सिक्योरिटी ग्रुप की तरफ इशारा किया था। ईस्टबर्न ने इस पर कहा है कि डेविडसन चारों देशों के मिलिट्री लीडर्स के एक औपचारिक और नियमित मीटिंग्स के बारे में कहना चाहते थे न किसी नियमित राजनयिक सलाह-मशविरे की तरफ उनका कोई इशारा था। उन्होंने कहा कि नवंबर 2017 से इस तरह की डिप्लोमैटिक मीटिंग्स तीन बार हो चुकी हैं और आगे भी जारी रहेंगी। अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया साल 2004 में आई सुनामी के दौरान पहली बार मानवीय सहायता के लिए एक साथ आए थे। इसके तीन वर्ष बाद जापान के पीएम शिंजो आबे की ओर से क्वाड्रिलिटरैल सिक्योरिटी डायलॉग का प्रस्ताव दिया गया था। करीब एक दशक तक ये मीटिंग्स बंद रहीं लेकिन साल 2017 में मीटिंग्स फिर से शुरू हुई हैं।












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