Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

दो मेंढकों ने इस देश में मचा दी हलचल, खनन से जुड़े सारे कामों पर लगा सकती है रोक

क्वीटो, 02 जूनः जंगलों में भारी-भरकम लड़कियां उठाने और चट्टानों के बीच जीवविज्ञानी एंड्रिया टेरान आराम से यूरेका-यूरेका चिल्ला सकते हैं क्योंकि उनके हाथ में मेंढकों की दो ऐसी प्रजातियां हाथ लग गयी हैं जो इक्वाडोर में खनन के खिलाफ उनका पक्ष मजबूत कर सकता है। ये दोनों मेंढक लंबाई में चार सेंटीमीटर से अधिक नहीं हैं। देखने में बेहद महत्वहीन लगते हैं। लेकिन उन पर बहुत कुछ टिका हुआ है। अर्थात एक संवैधानिक अदालती मामला जो अधिकांश इक्वाडोर में खनन प्रक्रिया को रोक सकता है।

जैव विविधता से भरा है ये इलाका

जैव विविधता से भरा है ये इलाका

खनन क्षेत्रों के पास का यह इलाका दुनिया भर में जैव विविधता के हॉटस्पॉट और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। इनमें से एक मेंढक लांग नोज हार्लेक्विन मेंढक है जिसे आखिरी बार 1989 में देखा गया था। इस मेंढक को विलुप्त मान लिया गया जब तक कि इसे 2016 में एक खनन फिर से खोज नहीं लिया गया। इसके साथ ही एक अन्य मेंढक जो कि बहुत दुर्लभ रॉकेट मेंढक था वह 2019 में मिला जिसे आखिरी बार 1985 में देखा गया था। दोनों को एक बड़े पैमाने पर तांबा खनन परियोजना को रोकने के लिए सूचीबद्ध किया गया है जिसे आठ अलग-अलग इक्वाडोर सरकारों द्वारा बढ़ावा दिया गया है।

मेढक के खत्म होने का खतरा

मेढक के खत्म होने का खतरा

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर की रेड लिस्ट के मुताबिक हार्लेक्विन मेंढक उस जंगल में पाया गया है जो एक तांबा परियोजाना को सौंप दिया गया है। इस तांबा परियोजना का लक्ष्य 2024 तक 210,000 टन तांबे का उत्पादन करना है। अगर खनन से वहां का पानी दूषित होता है तो ये लुप्त होने के कगार पर खड़े मेंढक समाप्त हो जाएंगे। इस मेंढक की आखिरी आबादी खत्म हो जाएगी। 2019 में रॉकेट मेंढक के मिलने के बाद टेरोन ने इन्हें बचाने के लिए अदालत का दरवाज खटखटाने की सोची। और 2020 में अदालत में एक मुकदमा दायर किया।

कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

जंबातु केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक जब उन्होंने रॉकेट मेंढक की एक नयी प्रजाति ढूंढी तो उन्हें लगा कि यह कोई अळग मेंढक है। लेकिन जब इसका अनुवांशिक अध्ययन किया गया तो पता चला कि ये एक मेढक की अज्ञात प्रजाति है। इस उम्मीद में वैज्ञानिकों ने इसका नाम रेसिस्टेंस मेंढक रखा। क्योंकि जिस परिस्थिति में यह मेंढक रहता है वह बेहद मुश्किल है। अब इसके बाद वैज्ञानिकों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्हें उम्मीद है कि उनकी ये कोशिश इक्वाडोर में चल रहे लगातार खनन को रोक सकती है। वहीं, खनन से जुड़े व्यापारियों को डर है कि यदि वे केस हारते हैं तो उन्हें अरबों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इक्वाडोर ने 2008 में अपनाया नया संविधान

इक्वाडोर ने 2008 में अपनाया नया संविधान

वैज्ञानिकों के मुताबिक यहां 1,000 से अधिक उभयचर प्रजातियां जिनमें केंट्रोलेनिडाए परिवार के 83 जीव शामिल हैं। ये खनन क्षेत्र के आसपास अलग-अलग जगह पाए जाते हैं। खनन के होने यहां इन जीवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। आपको बतादें कि इक्वाडोर ने 2008 में एक नया संविधान अपनाकर वैश्विक सुर्खियां बटोरीं थी, जिसने "पचामामा" यानी कि मां समान धरती के अस्तित्व और "अपने चक्रों, संरचना, कार्यों और विकासवादी प्रक्रियाओं को बनाए रखने और पुन: उत्पन्न करने" का अधिकार स्थापित किया था।

(सभी तस्वीरें प्रतीकात्मक)

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+