इजरायल से रक्षा समझौते पर भड़का तुर्की, एर्दोगन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए कहे 'अपशब्द'

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजरायल के बीच 735 मिलियन डॉलर का हथियार डील हुआ है और अमेरिका ने इजरायल को हथियार बेचने की इजाजत दे दी है, जिसपर तुर्की भड़क गया है।

अंकारा, मई 18: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच खूनी संघर्ष का दूसरा हफ्ता जारी है और पूरी दुनिया अलग अलग खेमों में बंटती नजर आ रही है। फिलिस्तीन का चरमपंथी संगठन हमास अब तक 3 हजार से ज्यादा रॉकेट इजरायल पर दाग चुका है तो इजरायल भी जवाबी कार्रवाई में हमास के कई नेताओं को मार चुका है। वहीं, मुस्लिम देश फिलिस्तीन के समर्थन में इजरायल और अमेरिका को बुरा-भला कह रहे हैं। लेकिन, तुर्की के राष्ट्रपति ने अमेरिका के राष्ट्रपति को लेकर जो बयान दिया है, वैसा बयान अब तक अमेरिका को लेकर किसी ने भी नहीं दिया था। तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने इजरायल का समर्थन करने पर अमेरिका को काफी बुरा-भला कहा है और उन्होंने यहां तक कह दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के हाथ खून से रंगे हुए हैं।

बाइडेन के लिए विवादित बयान

बाइडेन के लिए विवादित बयान

जो बाइडेन ने 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और उसके बाद माना गया कि जो बाइडेन अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देंगे, लेकिन पिछले कुछ महीनों ने वैश्विक राजनीति काफी उग्र होता हुआ दिखाई दे रहा है। तुर्की ने भी पहले अमेरिका से अपने संबंध सुधारने की कोशिश की लेकिन जब तुर्की संबंध सुधारने में नाकाम रहा तो वो सीधे अमेरिका के खिलाफ खड़ा हो गया है। वहीं, फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष के बाद तुर्की के राष्ट्रपति ने सीधे जो बाइडेन पर तल्ख टिप्पणी कर दी है। दरअसल, तुर्की के राष्ट्रपति ने ये टिप्पणी इजरायल-अमेरिका हथियार डील को लेकर की है। फिलिस्तीन पर हवाई हमलों के बीच रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इजरायल को हथियार बेचने जा रहा है, जिसको लेकर तुर्की अमेरिका पर भड़क गया है।

इजरायल-अमेरिका हथियार डील

इजरायल-अमेरिका हथियार डील

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजरायल के बीच 735 मिलियन डॉलर का हथियार डील हुआ है और अमेरिका ने इजरायल को हथियार बेचने की इजाजत दे दी है। जिसके बाद तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने सोमवार को राष्ट्रपति जो बाइडेन के लिए कहा कि 'जो बाइडेन, आप अपने हाथों से खूनी इतिहास लिख रहे हैं और आप हमें ऐसा कहने के लिए मजबूर कर रहे हैं क्योंकि हम चुप बैठने वाले नहीं हैं'। दरअसल, इजरायल-फिलिस्तीन विवाद के बीच अगर कोई मुस्लिम देश सबसे ज्यादा अपनी आवाज उठा रहा है तो वो तुर्की है। और माना जा रहा है कि तुर्की मुस्लिम देशों का नया मसीहा बनना चाहता है, लिहाजा वो एक लीडर की हैसियत से फिलिस्तीन का समर्थन कर रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति ने अमेरिका को कोसने से पहले इजरायल को एक आतंकी देश भी करार दे दिया है।

अमेरिका पर भड़का तुर्की

अमेरिका पर भड़का तुर्की

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इजरायल को हथियार बेचने जा रहा है और उसी का हवाला देते हुए तुर्की अमेरिका पर काफी भड़का हुआ है। तुर्की के राष्ट्रपति ने इस हथियार समझौते को लेकर कहा कि 'अमेरिका इजरायल को हथियार देने जा रहा है और हमने इस डील पर जो बाइडेन के हस्ताक्षर देखे हैं।' तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि 'फिलिस्तीन में लगातार अशांति और खून-खराबा हो रहा है। लोगों को उत्पीड़न हो रहा है और लोग खून से लथपथ है, जिन्होंने ऑटोमन साम्राज्य के अंत के साथ ही शांति खो दी थी और राष्ट्रपति जो बाइडेन इस अशांति का समर्थन कर रहे हैं।'

इजरायल के साथ अमेरिका

इजरायल के साथ अमेरिका

दरअसल, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल का समर्थन करते हुए कहा था कि इजरायल अपनी आत्मरक्षा के तहत फिलिस्तीन पर हथियार चला रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ साथ कई अमेरिकी अधिकारी भी इजरायल को समर्थन देने की बात कह चुके हैं, जिसके बाद तुर्की की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आई थी। हालांकि, बाकी के मुस्लिम देश अमेरिकी समर्थन पर चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं, ओआईसी की बैठक के दौरान भी मुस्लिम देशों के बीच का मतभेद सामने आ चुका है। सऊदी अरब, यूएई जैसे देश जानते हैं कि फिलिस्तीन को समर्थन करने की आड़ में तुर्की का असल मकसद क्या है। वहीं, तुर्की ने फिलिस्तीन को डायरेक्ट समर्थन देने की भी बात कही है। तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि तुर्की के 84 मिलियन लोग फिलिस्तीन के साथ खड़े हैं।

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